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बैंकों में एफडी और ड्रॉफ्ट का काम लगभग रुका
ब्यूरो/बदायूं
Updated Mon, 14 Nov 2016 11:58 PM IST
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हजार और पांच सौ रुपये के नोट बंद होने के बाद से बैंकों में सामान्य दिनों में होने वाली बैंकिंग बिल्कुल ठप होने की कगार पर है। बैंकों में न तो फिक्स डिपॉजिट हो पा रहे हैं और न ड्राफ्ट बन पा रहे हैं। अंतिम तिथि होने या किसी मजबूरी के चलते ड्रॉफ्ट बनाने का काम किया जा रहा है। साथ ही चेक क्लियरिंग भी बमुश्किल से हो पा रही है।
देश में पांच सौ, हजार के नोट बंद होने से इकॉनिमिक इमरजेंसी लगने के बाद से बैंक कर्मचारी रुपये बदलने में लगे हुए हैं। ऐसे में बैंकों में रोजाना करोड़ों रुपये के होने वाले ट्रांजेक्शन, बैंक ड्रॉफ्ट और फिक्स डिपॉजिट पर ब्रेक लग गया है। बैंक अधिकारी भी इस ओर ध्यान नहीं दे पा रहे हैं। इससे रूटीन के दिनों में जरूरी कार्यों से बैंक में जाने वाले लोगों को घंटों लाइन में लगने के बाद बैंक में इंट्री मिल पाती है, लेकिन वहां पर बता दिया जाता है कि अभी फिक्स डिपॉजिट और ड्रॉफ्ट नहीं बन पाएंगे तो उसे बहुत ही निराशा होती है। बैंकों में यह स्थिति कब तक रहेगी, इस बारे में कुछ भी स्पष्ट नहीं कहा जा सकता है। फिलहाल, जनता के साथ बैंक कर्मचारी भी एक्सचेंज की समस्या पर फोकस कर रहे हैं।
रुपये एक्सचेंज करने और जमा करने में ही अधिकांश बैंक कर्मचारी लगे हुए हैं। ऐसे में फिक्स डिपॉजिट और ड्रॉफ्ट का काम नहीं हो पा रहा है। जरूरी ड्रॉफ्ट होने पर बना देते हैं। सामान्य दिनों में होने वाली बैंकिंग बिल्कुल ठप की स्थिति में है।
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-मनोज कुमार वर्मा, एसबीआई, मुख्य शाखा प्रबंधक
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देश में पांच सौ, हजार के नोट बंद होने से इकॉनिमिक इमरजेंसी लगने के बाद से बैंक कर्मचारी रुपये बदलने में लगे हुए हैं। ऐसे में बैंकों में रोजाना करोड़ों रुपये के होने वाले ट्रांजेक्शन, बैंक ड्रॉफ्ट और फिक्स डिपॉजिट पर ब्रेक लग गया है। बैंक अधिकारी भी इस ओर ध्यान नहीं दे पा रहे हैं। इससे रूटीन के दिनों में जरूरी कार्यों से बैंक में जाने वाले लोगों को घंटों लाइन में लगने के बाद बैंक में इंट्री मिल पाती है, लेकिन वहां पर बता दिया जाता है कि अभी फिक्स डिपॉजिट और ड्रॉफ्ट नहीं बन पाएंगे तो उसे बहुत ही निराशा होती है। बैंकों में यह स्थिति कब तक रहेगी, इस बारे में कुछ भी स्पष्ट नहीं कहा जा सकता है। फिलहाल, जनता के साथ बैंक कर्मचारी भी एक्सचेंज की समस्या पर फोकस कर रहे हैं।
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रुपये एक्सचेंज करने और जमा करने में ही अधिकांश बैंक कर्मचारी लगे हुए हैं। ऐसे में फिक्स डिपॉजिट और ड्रॉफ्ट का काम नहीं हो पा रहा है। जरूरी ड्रॉफ्ट होने पर बना देते हैं। सामान्य दिनों में होने वाली बैंकिंग बिल्कुल ठप की स्थिति में है।
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-मनोज कुमार वर्मा, एसबीआई, मुख्य शाखा प्रबंधक