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Budaun News: कछला में कासगंज की ओर घाट पर गंगा स्नान करने पर रोक
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बदायूं में एडीएम प्रशासन को ज्ञापन देते कछला घाट के दुकानदार। संवाद
उझानी/ कछला (बदायूं)। हाथरस निवासी कांवड़िये अभिषेक के गंगा में बह जाने के बाद कासगंज जिले की साइड के घाट पर गंगा स्नान करने पर रोक लगा दी गई है। ऐसे में इस कार्रवाई के विरोध में उस तरफ के प्रसाद विक्रेता और दुकानदार उतर आए हैं। रोजी- रोटी पर संकट बताते हुए दुकानदारों ने बदायूं में एडीएम (प्रशासन) से वार्ता कर उन्हें ज्ञापन भी सौंपा। साथ ही अपनी समस्या से विधायक हरीश शाक्य को भी अवगत कराया।
कछला नगर पंचायत के पूर्व सदस्य मुकेश कश्यप के नेतृत्व में प्रसाद विक्रेताओं और दुकानदारों ने मंगलवार दोपहर एडीएम (प्रशासन) अरुण कुमार के सामने अपना पक्ष रखा। दुकानदारों ने कहा कि कासगंज जिले की साइड के घाट पर सावन महीने में हजारों की संख्या में शिवभक्त आते हैं। श्रद्धालुओं की आवाजाही से ही उनकी रोजी- रोटी चलती है।
हादसे तो दूसरी तरफ भी हो सकते हैं, लेकिन केवल उनकी साइड में गंगा स्नान पर रोक लगाकर उन्हें संकट में डाल दिया गया है। प्रसाद और खानपान की सामग्री बेचने के अलावा उनके पास आमदनी का कोई और स्रोत नहीं है। परेशान दुकानदारों ने एडीएम को ज्ञापन भी सौंपा। एडीएम के फरियाद पर विचार किए जाने का आश्वासन मिलने के बाद दुकानदार बिल्सी से भाजपा विधायक हरीश शाक्य के जिला मुख्यालय स्थित निवास पर मिले। उन्होंने विधायक से हस्तक्षेप किए जाने की मांग की।
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राजेश गुप्ता और राजवीर सिंह ने बताया कि विधायक ने फोन पर अफसरों से बात की है। इस मौके पर रामचंद्र, विक्रम, सोनू, अशोक गुप्ता और बंटी मौजूद रहे। बता दें कि कासगंज जिले के दोनों घाटों पर सोमवार सुबह ही कांवड़ियों के गंगा स्नान करने पर रोक लगा दी गई थी। यहां रात में आस्था की डुबकी लगाते समय हाथरस जिला निवासी कांवड़िया अभिषेक बह गए थे। उनका अभी तक पता नहीं लग पाया है।
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दो सौ से अधिक दुकानदारों पर रोक का पड़ेगा असर
दुकानदारों का कहना है कि उनकी साइड में हाथरस, एटा, मथुरा और कासगंज जिले के श्रद्धालु भी आते हैं। दो सौ अधिक लोगों की दुकानें हैं। पूरे महीने अगर उनकी दुकानें बंद रहती हैं तो उनकी गुजर- बसर पर असर पड़ेगा।
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पुलिस का तर्क... कासगंज की साइड में गहराई अधिक
एसडीएम सदर मोहित कुमार के निर्देश पर स्थानीय पुलिस और नगर पंचायत प्रशासन ने कासगंज साइड के घाट पर गंगा स्नान पर रोक लगाई है। इसके पीछे तर्क है कि उस तरफ के घाटों के आसपास गंगा में गहराई अधिक है। बैरिकेडिंग होने के बाद भी श्रद्धालु गहराई की ओर बढ़ जाते हैं। ऐसे में हादसे की आशंका अधिक रहती है।
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कछला नगर पंचायत के पूर्व सदस्य मुकेश कश्यप के नेतृत्व में प्रसाद विक्रेताओं और दुकानदारों ने मंगलवार दोपहर एडीएम (प्रशासन) अरुण कुमार के सामने अपना पक्ष रखा। दुकानदारों ने कहा कि कासगंज जिले की साइड के घाट पर सावन महीने में हजारों की संख्या में शिवभक्त आते हैं। श्रद्धालुओं की आवाजाही से ही उनकी रोजी- रोटी चलती है।
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हादसे तो दूसरी तरफ भी हो सकते हैं, लेकिन केवल उनकी साइड में गंगा स्नान पर रोक लगाकर उन्हें संकट में डाल दिया गया है। प्रसाद और खानपान की सामग्री बेचने के अलावा उनके पास आमदनी का कोई और स्रोत नहीं है। परेशान दुकानदारों ने एडीएम को ज्ञापन भी सौंपा। एडीएम के फरियाद पर विचार किए जाने का आश्वासन मिलने के बाद दुकानदार बिल्सी से भाजपा विधायक हरीश शाक्य के जिला मुख्यालय स्थित निवास पर मिले। उन्होंने विधायक से हस्तक्षेप किए जाने की मांग की।
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राजेश गुप्ता और राजवीर सिंह ने बताया कि विधायक ने फोन पर अफसरों से बात की है। इस मौके पर रामचंद्र, विक्रम, सोनू, अशोक गुप्ता और बंटी मौजूद रहे। बता दें कि कासगंज जिले के दोनों घाटों पर सोमवार सुबह ही कांवड़ियों के गंगा स्नान करने पर रोक लगा दी गई थी। यहां रात में आस्था की डुबकी लगाते समय हाथरस जिला निवासी कांवड़िया अभिषेक बह गए थे। उनका अभी तक पता नहीं लग पाया है।
दो सौ से अधिक दुकानदारों पर रोक का पड़ेगा असर
दुकानदारों का कहना है कि उनकी साइड में हाथरस, एटा, मथुरा और कासगंज जिले के श्रद्धालु भी आते हैं। दो सौ अधिक लोगों की दुकानें हैं। पूरे महीने अगर उनकी दुकानें बंद रहती हैं तो उनकी गुजर- बसर पर असर पड़ेगा।
पुलिस का तर्क... कासगंज की साइड में गहराई अधिक
एसडीएम सदर मोहित कुमार के निर्देश पर स्थानीय पुलिस और नगर पंचायत प्रशासन ने कासगंज साइड के घाट पर गंगा स्नान पर रोक लगाई है। इसके पीछे तर्क है कि उस तरफ के घाटों के आसपास गंगा में गहराई अधिक है। बैरिकेडिंग होने के बाद भी श्रद्धालु गहराई की ओर बढ़ जाते हैं। ऐसे में हादसे की आशंका अधिक रहती है।

बदायूं में एडीएम प्रशासन को ज्ञापन देते कछला घाट के दुकानदार। संवाद