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Budaun News: बदायूं डिपो को मिल सकती हैं 50 एसी इलेक्ट्रिक बसें
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बदायूं। जिले के यात्रियों के लिए यह अच्छी खबर है। आने वाले समय में जिले में भी इलेक्ट्रिक बसों का संचालन होगा। यात्री आराम से बिना शोर शराबे के वातानुकूलित (एसी) बसों में सफर कर सकेंगे। पहले फेज में केवल शहर में चार्जिंग प्वाइंट बनाया जाएगा। जहां दूरदराज से आने वाली बसें चार्ज की जाएंगी। फिलहाल चार्जिंग प्वाइंट बनाने के लिए जगह तलाशी जा रही है।
बदायूं डिपो में वैसे तो 138 सरकारी और 43 अनुबंधित बसें हैं। यहां एक भी इलेक्ट्रिक बस नहीं है, जबकि नजदीकी जिला बरेली में कई इलेक्ट्रिक बसें चल रहीं हैं। प्रदेश सरकार की कोशिश है कि प्रत्येक जिले में वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसों को चलाया जाए, ताकि खर्चा कम और आमदनी ज्यादा हो। इससे प्रदूषण भी नहीं होगा।
इस योजना को दो फेज में बांटा गया है। पहले फेज में बड़े शहरों को एक-दूसरे से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। इसके तहत इलेक्ट्रिक बसों को दूसरे जिलों तक चलाया जाएगा। उस रूट पर रास्ते में जो भी जनपद पड़ेगा वहां चार्जिंग प्वाइंट बनाया जाएगा। कुछ इलेक्ट्रिक बसों को बदायूं होते हुए कौशांबी तक चलाने की योजना है। इसके लिए बदायूं शहर में भी चार्जिंग प्वाइंट बनाया जाएगा।
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हालांकि अभी इसके लिए जगह चिह्नित नहीं हो पाई है। यहां रोडवेज बस अड्डे का निर्माण पहले से प्रस्तावित है। इससे रोडवेज बस अड्डे पर चार्जिंग प्वाइंट बनना संभव नहीं है। वर्कशॉप में इतनी जगह नहीं है कि वहां चार्जिंग प्वाइंट बनाया जा सके। इसलिए दूसरे कहीं स्थान पर प्वाइंट बनाने की तैयारी है। परिवहन निगम की ओर से उसके लिए जगह देखी जा रही है। जल्द ही चार्जिंग प्वाइंट बनाने का काम शुरू हो जाएगा। बदायूं में दूसरे फेज में करीब 50 वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसें मिलने की उम्मीद है।
बदायूं को वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसें दूसरे फेज में मिलेंगी। पहले फेज में केवल चार्जिंग प्वाइंट बनाने का काम शुरू होगा, ताकि इधर से गुजरने वाली इलेक्ट्रिक बसें चार्ज हो सकें। - आरपी सिंह, जेई परिवहन निगम
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बदायूं डिपो में वैसे तो 138 सरकारी और 43 अनुबंधित बसें हैं। यहां एक भी इलेक्ट्रिक बस नहीं है, जबकि नजदीकी जिला बरेली में कई इलेक्ट्रिक बसें चल रहीं हैं। प्रदेश सरकार की कोशिश है कि प्रत्येक जिले में वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसों को चलाया जाए, ताकि खर्चा कम और आमदनी ज्यादा हो। इससे प्रदूषण भी नहीं होगा।
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इस योजना को दो फेज में बांटा गया है। पहले फेज में बड़े शहरों को एक-दूसरे से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। इसके तहत इलेक्ट्रिक बसों को दूसरे जिलों तक चलाया जाएगा। उस रूट पर रास्ते में जो भी जनपद पड़ेगा वहां चार्जिंग प्वाइंट बनाया जाएगा। कुछ इलेक्ट्रिक बसों को बदायूं होते हुए कौशांबी तक चलाने की योजना है। इसके लिए बदायूं शहर में भी चार्जिंग प्वाइंट बनाया जाएगा।
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हालांकि अभी इसके लिए जगह चिह्नित नहीं हो पाई है। यहां रोडवेज बस अड्डे का निर्माण पहले से प्रस्तावित है। इससे रोडवेज बस अड्डे पर चार्जिंग प्वाइंट बनना संभव नहीं है। वर्कशॉप में इतनी जगह नहीं है कि वहां चार्जिंग प्वाइंट बनाया जा सके। इसलिए दूसरे कहीं स्थान पर प्वाइंट बनाने की तैयारी है। परिवहन निगम की ओर से उसके लिए जगह देखी जा रही है। जल्द ही चार्जिंग प्वाइंट बनाने का काम शुरू हो जाएगा। बदायूं में दूसरे फेज में करीब 50 वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसें मिलने की उम्मीद है।
बदायूं को वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसें दूसरे फेज में मिलेंगी। पहले फेज में केवल चार्जिंग प्वाइंट बनाने का काम शुरू होगा, ताकि इधर से गुजरने वाली इलेक्ट्रिक बसें चार्ज हो सकें। - आरपी सिंह, जेई परिवहन निगम