{"_id":"622ba7f2cb83fa07db205901","slug":"badaun-badaun-145-vidhan-sabha-2022-bisauli-142-vidhan-sabha-2022-sahaswan-143-vidhan-sabha-2022-bilsi-144-vidhan-sabha-2022-shekhupur-146-vidhan-sabha-2022-dataganj-147-vidhan-sabha-2022-badaun-news-bly4780285139","type":"story","status":"publish","title_hn":"चुनाव लड़ाने वाले सरकारी कर्मियों पर कसेगा शिकंजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चुनाव लड़ाने वाले सरकारी कर्मियों पर कसेगा शिकंजा
विज्ञापन
बदायूं। इस बार विधानसभा चुनाव लड़ाने वाले सरकारी कर्मचारियों की खैर नहीं। जिला प्रशासन ने ऐसे सरकारी कर्मचारियों को चिह्नित करना शुरू कर दिया है जिन्होंने राजनीतिक दलों को खुलेआम चुनाव लड़ाया था और उनके वीडियो और फोटो वायरल हुए थे।
विधानसभा चुनाव के दौरान सरकारी कर्मचारियों के चुनाव लड़ाने की तमाम खबरें आईं। चुनाव प्रचार के समय दातागंज से एक शिक्षामित्र के वोट मांगने के वीडियो और फोटो वायरल हुए थे। इसकी शिकायत जिला प्रशासन के पास आईं। इसके अलावा आचार संहिता लगने के दौरान शहर के एक लॉन में बड़ी जनसभा आयोजित की गई, जिसमें तमाम सरकारी कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। कहा जाता है कि यह जनसभा सपा की ओर से आयोजित हुई थी। इसमें सरकारी कर्मचारी प्रचार के लिए देखे गए थे।इस संबंध में थाना सिविल लाइंस में रिपोर्ट भी दर्ज की गई।
इसी क्रम में दो दिन पहले भी एक मामला दर्ज हुआ, जिसमें शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष रविंद्र सिंह यादव को नामजद किया गया। रविंद्र सिंह यादव ने मतगणना के संबंध में एक विवादित पोस्ट डाली थी। अब जिला प्रशासन ने ऐसे कर्मचारियों की छंटनी शुरू कर दी है जो सरकारी विभागों में कार्यरत होने के बावजूद राजनीतिक दलों को चुनाव लड़ा रहे थे। इस दौरान उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों का ठीक से पालन नहीं किया।
विज्ञापन
-
जिले में ऐसे कर्मचारियों को चिह्नित किया जा रहा है जिन्होंने विधानसभा चुनाव लड़ाने में दिलचस्पी ली थी। उनके खिलाफ जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
- दीपा रंजन, डीएम
विज्ञापन
विधानसभा चुनाव के दौरान सरकारी कर्मचारियों के चुनाव लड़ाने की तमाम खबरें आईं। चुनाव प्रचार के समय दातागंज से एक शिक्षामित्र के वोट मांगने के वीडियो और फोटो वायरल हुए थे। इसकी शिकायत जिला प्रशासन के पास आईं। इसके अलावा आचार संहिता लगने के दौरान शहर के एक लॉन में बड़ी जनसभा आयोजित की गई, जिसमें तमाम सरकारी कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। कहा जाता है कि यह जनसभा सपा की ओर से आयोजित हुई थी। इसमें सरकारी कर्मचारी प्रचार के लिए देखे गए थे।इस संबंध में थाना सिविल लाइंस में रिपोर्ट भी दर्ज की गई।
विज्ञापन
इसी क्रम में दो दिन पहले भी एक मामला दर्ज हुआ, जिसमें शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष रविंद्र सिंह यादव को नामजद किया गया। रविंद्र सिंह यादव ने मतगणना के संबंध में एक विवादित पोस्ट डाली थी। अब जिला प्रशासन ने ऐसे कर्मचारियों की छंटनी शुरू कर दी है जो सरकारी विभागों में कार्यरत होने के बावजूद राजनीतिक दलों को चुनाव लड़ा रहे थे। इस दौरान उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों का ठीक से पालन नहीं किया।
विज्ञापन
-
जिले में ऐसे कर्मचारियों को चिह्नित किया जा रहा है जिन्होंने विधानसभा चुनाव लड़ाने में दिलचस्पी ली थी। उनके खिलाफ जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
- दीपा रंजन, डीएम