{"_id":"68c547c3a43584fb731b1add31097b89","slug":"atharva-house-mari-betting-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अथर्व हाउस ने मारी बाजी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अथर्व हाउस ने मारी बाजी
बदायूं।
Updated Thu, 30 Jul 2015 12:11 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहर के उझानी रोड स्थित टिथोनस इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित अंतरसदनीय
विज्ञापन
शतरंज प्रतियोगिता में बच्चों ने खूब अपनी शतरंजी चालें चलीं। अथर्व हाउस
ने शानदार खेल के प्रदर्शन करते हुए 40 अंकों के साथ जीत हासिल कीं। जबकि
38 अंक लेकर साम हाउस रनर अप रहा। विजयी अथर्व हाउस टीम में सक्षम गर्ग,
मोहम्मद उमर, काव्या सिंह, शुभ्रा माहेश्वरी, सिद्धि मित्तल थे जबकि साम
हाउस में ईशान चतुर्वेदी, वासु वाष्र्णेय, अर्जित शर्मा, सुजल माहेश्वरी,
आन्या चतुर्वेदी, इशिका अग्रवाल थे।
विद्यालय के प्रबंध निदेशक शरत बंसल ने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं। कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताओं से बच्चों के खेलों में निखार होता है। उन्होंने कहा कि विद्यालयों को खेलों को अपने पाठ्यक्रम में सही सहभागिता देनी होगी। प्रधानाचार्य डॉ.श्यामेश ने कहा कि खेलों को जीवन का अहम हिस्सा बनाये रखने की महती आवश्यकता है। खेल बच्चों की ऊर्जा को केंद्रीकृत करके मानसिक भटकाव को रोकते हैं। शारीरिक और मानसिक वृद्धि भी होती है। खेल विभाग के प्रमुख नकी अहमद और सहयोगी शीर्षा वार्ष्णेय ने कहा कि बच्चों को अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुरुप प्रशिक्षण दिया जा रहा है। शतरंज खेलकर बच्चों में विषय अध्य्यन में अधिक ध्यान लगाने की क्षमता का विकास होता है।
इस मौके पर मनजीत खन्ना, मनाली राठौर, वेदांत शर्मा, राहुल आर्य आदि थे।
विद्यालय के प्रबंध निदेशक शरत बंसल ने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं। कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताओं से बच्चों के खेलों में निखार होता है। उन्होंने कहा कि विद्यालयों को खेलों को अपने पाठ्यक्रम में सही सहभागिता देनी होगी। प्रधानाचार्य डॉ.श्यामेश ने कहा कि खेलों को जीवन का अहम हिस्सा बनाये रखने की महती आवश्यकता है। खेल बच्चों की ऊर्जा को केंद्रीकृत करके मानसिक भटकाव को रोकते हैं। शारीरिक और मानसिक वृद्धि भी होती है। खेल विभाग के प्रमुख नकी अहमद और सहयोगी शीर्षा वार्ष्णेय ने कहा कि बच्चों को अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुरुप प्रशिक्षण दिया जा रहा है। शतरंज खेलकर बच्चों में विषय अध्य्यन में अधिक ध्यान लगाने की क्षमता का विकास होता है।
इस मौके पर मनजीत खन्ना, मनाली राठौर, वेदांत शर्मा, राहुल आर्य आदि थे।