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प्रत्याशियों पर एकराय नहीं, लिफाफा बंद मांगे नाम

Wed, 20 Jan 2016 11:04 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, बदायूं
अमर उजाला ब्यूरो, बदायूं Updated Wed, 20 Jan 2016 11:04 PM IST
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गैर यादव कार्यकर्ताओं के मान-मनोव्वल को लेकर हाईकमान चिंतित
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हावी होते जा रहे हैं अपने ही लोग, बिरादरी को लेकर व्यावहारिता ताक पर


सियासी सूत्रों के मुताबिक केवल बिरादरी के नाम पर एक ऐसे नेता के पुत्र को भी टिकट दिलवाए जाने का प्रयास हुआ है, जिसने वर्ष 2004 में सपा की जमकर खिलाफत की और सपा मुखिया का पुतला तक फूंका। इसके विरोध में पार्टी कार्यकर्ताओं ने उस समय के अखबारों की कटिंग तक शीर्ष नेतृत्व को भेजी हैं। ऐसे व्यक्ति के पुत्र को टिकट दिलवाने के पीछे बिरादरी को दिया जाने वाला अंध समर्थन माना जा रहा है। यहां गैर यादव प्रत्यायाी की जमकर खिलाफत हो रही है।  दूसरी ओर एक अन्य गैर यादव की बारी आई तो उसे भी बिरादरी के लिए ठेंगा दिखाए जाने पर जोर है। बिरादरी के एक पूर्व अध्यक्ष को प्रत्याशी बनाए जाने की ठानी जा रही है। यहां बता दें कि इस गैर यादव नेता को मुलायम सिंह यादव सहसवान से लखनऊ अपने हेलीकाप्टर में बैठाकर ले गए थे। जहां उन्होंने प्रदेश कार्यकारिणी में महत्वपूर्ण पद से भी नवाजा। अब जब उनके पुत्र को पार्टी प्रत्याशी बनाने की बात आई है तो कड़ा विरोध हो रहा है। बुधवार को लखनऊ में प्रमुखी के लिए प्रत्याशियों की घोषणा होने से पहले नेतृत्व के साथ जिलों के नेताओं की लंबी चर्चा हुई है। माना जा रहा है कि इसमें मुख्यमंत्री का सीधा हस्तक्षेप भी रहा है। नेतृत्व ने नेताओं में एक राय की स्थिति न बनने पर लिफाफाबंद नाम मांग लिए हैं। यहां तक इस मामले में आखिरी समय तक सपा खेमों में बंटी नजर आई। बदायूं के दिग्गज भी आपस में एक-दूसरे के काट में उतर आए हैं। पार्टी को समर्पित नेताओं को यहां अपने वर्चस्व को लेकर भी आशंकाएं सता रही हैं। यही वजह है कि इनकी जोर-आजमाइश सपा नेतृत्व को बड़ी मुसीबत है। सपा नेतृत्व इसके लिए सर्वमान्य हल निकालने की जुगत में है। हालांकि जिले में अधिकतर प्रत्याशियों पर सहमति बन चुकी है। सपा जिला महासचिव सुरेशपाल सिंह चौहान ने बताया, कोई पता नहीं हाईकमान क्या फैसला ले। पार्टी का जो फैसला लेगी, उसी पर हर कार्यकर्ता फालो करेगा। इस संबंध में बंद लिफाफे हाईकमान को सौंप दिए गए हैं। जल्दी ही प्रत्याशियों के नाम मिल जाएंगे।

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