{"_id":"666f794bb624c75db40007f4","slug":"arogya-fair-ended-at-2-pm-instead-of-4-pm-problems-increased-due-to-lack-of-x-ray-machine-badaun-news-c-123-1-sbly1018-120621-2024-06-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Budaun News: शाम चार की जगह दो बजे ही खत्म हो गए आरोग्य मेले, एक्सरे मशीन न होने से बढ़ी परेशानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Budaun News: शाम चार की जगह दो बजे ही खत्म हो गए आरोग्य मेले, एक्सरे मशीन न होने से बढ़ी परेशानी
Mon, 17 Jun 2024 05:16 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Mon, 17 Jun 2024 05:16 AM IST
विज्ञापन
बगरैन का नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र। संवाद
बदायूं। आरोग्य मेले का समय सुबह 10 से शाम चार बजे तक का है, लेकिन उसैहत और फैजगंज बेहटा में दोपहर दो बजे ही मेले समाप्त कर दिए गए। न्यू पीएचसी स्तर पर एक्सरे मशीन लगाए जाने का मानक है, लेकिन आरोग्य मेले में कहीं भी एक्सरे की सुविधा मरीजों को नहीं मिल पाई। खांसी के मरीजों को डाक्टरों ने एक्सरे के लिए जिला अस्पताल जाने की सलाह दी। उम्मीद लेकर आए मरीजों को अब 20 से 50 किलोमीटर दूर जिला अस्पताल जाना पड़ेगा या फिर निजी अस्पताल में जेब ढीली करनी पड़ेगी। मरीजों का कहना है कि जब मेला लग रहा है तो एक्सरे का इंतजाम भी स्थानीय अस्पताल में ही होना चाहिए।
एक्सरे न होने से मरीजों को हुई दिक्कत
नवीन स्वास्थ्य केंद्र नौली हरनाथपुर पर सुबह 10 बजे डॉ. इमरान स्टाफ के साथ अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने मरीजों को देखा और दवा दी। यहां खांसी के मरीज काफी संख्या में थे, लेकिन एक्सरे की सुविधा न होने से मरीजों को परेशान होना पड़ा। वहीं, जिला अस्पताल में एक्सरे कराने की सलाह दी गई। स्टाफ भीषण गर्मी में चार बजे तक पसीना बहाता रहा। बिजली न आने से इनवर्टर 12 बजे ही धोखा दे गया।
मरीज से कहा-एक्सरे कराना है तो जिला अस्पताल जाएं
नवीन स्वास्थ्य केंद्र बगरैन पर डॉक्टर की तैनाती नहीं है। सीएचसी सैदपुर से डॉ. असरफ की मेले में डयूटी लगाई गई थी। यहां भी एक्सरे मशीन नहीं थी। खांसी से पीड़ित मरीज बगरैन निवासी रामौतार ने बताया कि एक माह से खांसी-बुखार है। दवा लेने मेले में आए हैं, डॉक्टर ने कहा कि एक्सरे के साथ ही टीबी की जांच करानी होगी। टीबी की जांच तो सीएचसी सैदपुर पर संभव है, लेकिन एक्सरे केवल जिला अस्पताल पर ही होगा। अब मंगलवार को 40 किलोमीटर दूर जिला अस्पताल जाकर एक्सरे कराऊंगा।
विज्ञापन
अलापुर में क्षय रोग की जांच नहीं...सिर्फ मिलती है सलाह
अलापुर केंद्र पर लगे आरोग्य मेले में खांसी के मरीजों को इलाज नहीं मिल सका। यहां केवल पेट दर्द, खुजली और उल्टी दस्त के मरीजों को दवा दी गई। जांच की व्यवस्था नहीं थी। मरीज नरेश पाल ने बताया कि पहले टीबी की दवा खा चुके हैं। अब फिर से दिक्कत हाेने लगी है। खांसी चैन नहीं लेने दे रही है, बलगम आ रही है। दवा लेने गए लेकिन एक्सरे की मशीन नहीं न होने पर दवा नहीं मिल सकी।
शुगर की जांच हुई...एक्सरे के लिए मशीन लगने का इंतजार
नवीन स्वास्थ्य केंद्र दबतोरी पर पिछले हफ्ते तक शुगर की जांच नहीं होती थी। जब जांच न होने की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया तब डाॅक्टर चेत गए। अब इस बार लगे मेले में डॉक्टर के साथ लैब टेक्नीशियन (एलटी) भी अस्पताल पहुंचे। साथ ही शुगर की जांच हुई। दवा लेने आए मरीजों की सुगर, मलेरिया, टाइफाइड आदि की जांच की गई। एक्सरे मशीन की दरकार है।
समय था चार बजे तक का... दोपहर दो बजे ही लगा दिया ताला
फैजगंज बेहटा केंद्र पर होमियोपैथिक डॉक्टर ने मरीजों को देखा। यहां जांच के नाम पर कुछ भी नहीं है। नीली पीली गोलियों से ही काम चलाया जा रहा है। सुबह को डॉक्टर समय पर पहुंचे लेकिन दो बजे अस्पताल बंद कर चले गए। जांच कराने के लिए बिसौली और बदायूं की दौड़ मरीजों को लगानी पड़ रही है।
उसैहत के सरकारी अस्पताल में एंटी रैबिज इंजेक्शन नहीं
नवीन स्वास्थ्य केंद्र उसहैत पर डॉक्टर व स्टाफ मौजूद रहा। मरीजों को दवा दी गई। मलेरिया आदि की जांच भी हो रही थी। एक्सरे मशीन यहां नहीं है। कुत्ता काटने पर एंटी रैबिज इंजेक्शन लगाने आए रामबाबू ने बताया कि डॉक्टर ने लौटा दिया। उन्हें मंगलवार को जिला अस्पताल में जाकर इंजेक्शन लगवाने की सलाह मिली।
एक्सरे मशीन की व्यवस्था जिले में कुछ ही अस्पतालों में है। अधिकांश अस्पतालों में एक्सरे मशीनें नहीं हैं। ग्रामीण क्षेत्र में जहां मशीनें हैं भी वहां कमरे में बंद हैं, क्योंकि मशीन को चलाने क लिए स्टाफ नहीं है। शासन और विभाग को लगातार पत्राचार किया जा रहा है। अगर स्टाफ मिल जाए तो एक्सरे की व्यवस्था करा दी जाएगी। उसैहत में एंटी रैबिज इंजेक्शन क्यों नहीं हैं। इसे चेक कराएंगे। जिन चिकित्सकों ने तय समय से पहले मेला खत्म किया है, उनसे भी कारण पूछा जाएगा।- डॉ. अब्दुल सलाम, सीएमओ
विज्ञापन
एक्सरे न होने से मरीजों को हुई दिक्कत
नवीन स्वास्थ्य केंद्र नौली हरनाथपुर पर सुबह 10 बजे डॉ. इमरान स्टाफ के साथ अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने मरीजों को देखा और दवा दी। यहां खांसी के मरीज काफी संख्या में थे, लेकिन एक्सरे की सुविधा न होने से मरीजों को परेशान होना पड़ा। वहीं, जिला अस्पताल में एक्सरे कराने की सलाह दी गई। स्टाफ भीषण गर्मी में चार बजे तक पसीना बहाता रहा। बिजली न आने से इनवर्टर 12 बजे ही धोखा दे गया।
विज्ञापन
मरीज से कहा-एक्सरे कराना है तो जिला अस्पताल जाएं
नवीन स्वास्थ्य केंद्र बगरैन पर डॉक्टर की तैनाती नहीं है। सीएचसी सैदपुर से डॉ. असरफ की मेले में डयूटी लगाई गई थी। यहां भी एक्सरे मशीन नहीं थी। खांसी से पीड़ित मरीज बगरैन निवासी रामौतार ने बताया कि एक माह से खांसी-बुखार है। दवा लेने मेले में आए हैं, डॉक्टर ने कहा कि एक्सरे के साथ ही टीबी की जांच करानी होगी। टीबी की जांच तो सीएचसी सैदपुर पर संभव है, लेकिन एक्सरे केवल जिला अस्पताल पर ही होगा। अब मंगलवार को 40 किलोमीटर दूर जिला अस्पताल जाकर एक्सरे कराऊंगा।
विज्ञापन
अलापुर में क्षय रोग की जांच नहीं...सिर्फ मिलती है सलाह
अलापुर केंद्र पर लगे आरोग्य मेले में खांसी के मरीजों को इलाज नहीं मिल सका। यहां केवल पेट दर्द, खुजली और उल्टी दस्त के मरीजों को दवा दी गई। जांच की व्यवस्था नहीं थी। मरीज नरेश पाल ने बताया कि पहले टीबी की दवा खा चुके हैं। अब फिर से दिक्कत हाेने लगी है। खांसी चैन नहीं लेने दे रही है, बलगम आ रही है। दवा लेने गए लेकिन एक्सरे की मशीन नहीं न होने पर दवा नहीं मिल सकी।
शुगर की जांच हुई...एक्सरे के लिए मशीन लगने का इंतजार
नवीन स्वास्थ्य केंद्र दबतोरी पर पिछले हफ्ते तक शुगर की जांच नहीं होती थी। जब जांच न होने की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया तब डाॅक्टर चेत गए। अब इस बार लगे मेले में डॉक्टर के साथ लैब टेक्नीशियन (एलटी) भी अस्पताल पहुंचे। साथ ही शुगर की जांच हुई। दवा लेने आए मरीजों की सुगर, मलेरिया, टाइफाइड आदि की जांच की गई। एक्सरे मशीन की दरकार है।
समय था चार बजे तक का... दोपहर दो बजे ही लगा दिया ताला
फैजगंज बेहटा केंद्र पर होमियोपैथिक डॉक्टर ने मरीजों को देखा। यहां जांच के नाम पर कुछ भी नहीं है। नीली पीली गोलियों से ही काम चलाया जा रहा है। सुबह को डॉक्टर समय पर पहुंचे लेकिन दो बजे अस्पताल बंद कर चले गए। जांच कराने के लिए बिसौली और बदायूं की दौड़ मरीजों को लगानी पड़ रही है।
उसैहत के सरकारी अस्पताल में एंटी रैबिज इंजेक्शन नहीं
नवीन स्वास्थ्य केंद्र उसहैत पर डॉक्टर व स्टाफ मौजूद रहा। मरीजों को दवा दी गई। मलेरिया आदि की जांच भी हो रही थी। एक्सरे मशीन यहां नहीं है। कुत्ता काटने पर एंटी रैबिज इंजेक्शन लगाने आए रामबाबू ने बताया कि डॉक्टर ने लौटा दिया। उन्हें मंगलवार को जिला अस्पताल में जाकर इंजेक्शन लगवाने की सलाह मिली।
एक्सरे मशीन की व्यवस्था जिले में कुछ ही अस्पतालों में है। अधिकांश अस्पतालों में एक्सरे मशीनें नहीं हैं। ग्रामीण क्षेत्र में जहां मशीनें हैं भी वहां कमरे में बंद हैं, क्योंकि मशीन को चलाने क लिए स्टाफ नहीं है। शासन और विभाग को लगातार पत्राचार किया जा रहा है। अगर स्टाफ मिल जाए तो एक्सरे की व्यवस्था करा दी जाएगी। उसैहत में एंटी रैबिज इंजेक्शन क्यों नहीं हैं। इसे चेक कराएंगे। जिन चिकित्सकों ने तय समय से पहले मेला खत्म किया है, उनसे भी कारण पूछा जाएगा।- डॉ. अब्दुल सलाम, सीएमओ

बगरैन का नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र। संवाद

बगरैन का नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र। संवाद