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महिलाओं को बताए आजीविका चलाने के उपाय
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अपराजिता के तहत आयोजित चौपाल में जानकारी देतीं एसडीएम ज्योति शर्मा, इस दौरान मौजूद महिलाएं। संव?
- फोटो : BADAUN
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बिसौली (बदायूं)। गांव नूरपुर नागपुर में महिलाओं को आजीविका चलाने के हुनर बताए गए। एसडीएम ज्योति शर्मा ने गांव की समस्याओं का समाधान न करने पर मौके पर ही जिम्मेदारों के पेच कसे। बीपीएम से क्षेत्र में न जाने पर नाराजगी भी जाहिर की।
गांव नागपुर नूरपुर के सचिवालय में अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता अभियान के तहत आयोजित चौपाल में एसडीएम ज्योति शर्मा पहुंचीं। उन्होंने महिलाओं से कहा कि उन्हें स्वयं को मजबूत करने के लिए समूह के जरिये रोजगार तलाशना चाहिए। इसके लिए वे सिलाई, कढ़ाई, गोबर से बनी देसी खाद, कचरी पापड़, मसाले की पैकिंग जैसे लघु उद्योग चला सकती हैं। कहा कि महिला शक्ति को मजबूत बनाने में सबसे पहले उन्हें शिक्षित करने की आवश्यकता है।
खुद के छात्र जीवन का जिक्र करते हुए शर्मा ने कहा कि कम पढ़ी होने के बावजूद उनकी मां ने उन्हें शिक्षित करने में अहम भूमिका निभाई।
एसडीएम ने समूह की महिलाओं से गांव में तैनात सचिव, बीपीएम के बावत जानकारी की। महिलाओं ने बताया कि तैनाती के बाद से ही बीपीएम जगमोहन गांव में नहीं आए हैं। एसडीएम ने वहां मौजूद बीपीएम इसपर नाराजगी जाहिर करते हुए कार्यशैली में बदलाव लाने को कहा। कुछ महिलाओं ने मनरेगा कार्य की अबतक मजदूरी न मिलने की शिकायत भी की। महिलाओं की चार समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया गया। जबकि अन्य समस्याओं के समाधान के लिए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया।
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महिलाओं ने जाहिर की अपनी मंशा
महिलाएं समूह के जरिये न सिर्फ आजीविका कमा सकती हैं बल्कि औरों को भी रोजगार दे सकती हैं। मैंने तो सोच लिया है कि आने वाले समय में छोटे से रोजगार के जरिये एक उद्योग लगाया जाए।
- नीरज
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छोटी-छोटी बचत से ही महिलाएं न सिर्फ अपना घर चला सकती हैं बल्कि छोटे मोटे कार्य से व्यवसाय भी कर सकती हैं। एसडीएम मैडम की बातों ने मुझे कुछ करने का जज्बा दिया है।’
-सत्यवती
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महिलाओं को अब पहले की तरह सिर्फ चौका चूल्हा करने वाली नहीं समझा जाता। आज के दौर में वह भी पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर परिवार को सुदृढ़ करने में जुटी हैं।
-धनदेवी
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समूह के माध्यम से गांव की महिलाओं में काफी आत्मबल देखने को मिला है। जहां कुछ वर्षों पहले महिलाएं घर से निकलने से भी डरती थीं वहीं आज वे रोजगार के लिए आगे निकल रहीं हैं।
- सूरजमुखी
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गांव नागपुर नूरपुर के सचिवालय में अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता अभियान के तहत आयोजित चौपाल में एसडीएम ज्योति शर्मा पहुंचीं। उन्होंने महिलाओं से कहा कि उन्हें स्वयं को मजबूत करने के लिए समूह के जरिये रोजगार तलाशना चाहिए। इसके लिए वे सिलाई, कढ़ाई, गोबर से बनी देसी खाद, कचरी पापड़, मसाले की पैकिंग जैसे लघु उद्योग चला सकती हैं। कहा कि महिला शक्ति को मजबूत बनाने में सबसे पहले उन्हें शिक्षित करने की आवश्यकता है।
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खुद के छात्र जीवन का जिक्र करते हुए शर्मा ने कहा कि कम पढ़ी होने के बावजूद उनकी मां ने उन्हें शिक्षित करने में अहम भूमिका निभाई।
एसडीएम ने समूह की महिलाओं से गांव में तैनात सचिव, बीपीएम के बावत जानकारी की। महिलाओं ने बताया कि तैनाती के बाद से ही बीपीएम जगमोहन गांव में नहीं आए हैं। एसडीएम ने वहां मौजूद बीपीएम इसपर नाराजगी जाहिर करते हुए कार्यशैली में बदलाव लाने को कहा। कुछ महिलाओं ने मनरेगा कार्य की अबतक मजदूरी न मिलने की शिकायत भी की। महिलाओं की चार समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया गया। जबकि अन्य समस्याओं के समाधान के लिए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया।
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महिलाओं ने जाहिर की अपनी मंशा
महिलाएं समूह के जरिये न सिर्फ आजीविका कमा सकती हैं बल्कि औरों को भी रोजगार दे सकती हैं। मैंने तो सोच लिया है कि आने वाले समय में छोटे से रोजगार के जरिये एक उद्योग लगाया जाए।
- नीरज
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छोटी-छोटी बचत से ही महिलाएं न सिर्फ अपना घर चला सकती हैं बल्कि छोटे मोटे कार्य से व्यवसाय भी कर सकती हैं। एसडीएम मैडम की बातों ने मुझे कुछ करने का जज्बा दिया है।’
-सत्यवती
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महिलाओं को अब पहले की तरह सिर्फ चौका चूल्हा करने वाली नहीं समझा जाता। आज के दौर में वह भी पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर परिवार को सुदृढ़ करने में जुटी हैं।
-धनदेवी
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समूह के माध्यम से गांव की महिलाओं में काफी आत्मबल देखने को मिला है। जहां कुछ वर्षों पहले महिलाएं घर से निकलने से भी डरती थीं वहीं आज वे रोजगार के लिए आगे निकल रहीं हैं।
- सूरजमुखी