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शिक्षित होकर आसानी से अधिकार पा सकती हैं बेटियां
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अपराजिता कार्यक्रम में छात्राओं को संबोधित करतीं एसडीएम ज्योति शर्मा।
- फोटो : BADAUN
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बिसौली (बदायूं)। सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में बेटियों को उनके अधिकार व आत्मरक्षा के उपाय बताए गए। एसडीएम ज्योति शर्मा ने कहा कि बेटियों का अपना अधिकार प्राप्त करने के लिए सबसे पहले शिक्षित होना बेहद जरूरी है।
अपराजिता कार्यक्रम के तहत कॉलेज की छात्राओं को उनके अधिकारों के प्रति सचेत करते हुए कहा कि चाहे कितना भी संघर्ष क्यों न करना पड़े लेकिन शिक्षित होकर आगे बढ़ने की ललक कम नहीं होनी चाहिए।
एसडीएम ने छात्राओं को स्वयं के संघर्षपूर्ण जीवन के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि कैसे उनके हेड कांस्टेबल पिता ने कठिन संघर्ष कर उन्हें इस योग्य बनाने में सहयोग किया। एसडीएम के साथ आईं कांस्टेबल रचना व पूनम ने छात्राओं को आत्मरक्षा के उपायों के साथ सभी हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी।
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इस अवसर पर प्रधानाचार्य महेंद्र सिंह, पीटीआई विपिन मिश्रा, नीरज शर्मा, स्वाति गुप्ता, जसवंत सिंह, मोहित शर्मा, एलपी मिश्रा ने भी विचार व्यक्त किए।
छात्राओं की बात
हमें अपने अधिकारों व आत्मरक्षा के लिए बेहद सतर्क रहना जरूरी है। उच्चशिक्षित होकर ही बेटियां अपने अधिकारों के लिए लड़ सकती हैं। मैंने निश्चय कर लिया है कि मन लगाकर पढ़ाई करूंगी और अधिकारों के प्रति भी जागरूक रहूंगी।
- तनु चौधरी
-
मैं पूरे मनोयोग से शिक्षा ग्रहण कर आईएएस की तैयारी करूंगी। बेटियां आज के दौर में बेटों से कहीं भी कमतर नहीं हैं। हर जगह बेटियों ने अपना परचम लहराया है।
- शिवानी यादव
-
हमारे समाज में बेटियों को उतना सम्मान नहीं मिलता जितना बेटों को दिया जाता रहा है। यह भी सत्य है कि बेटियां ही अपने परिवार व समाज की एक महत्वपूर्ण कड़ी बन रही हैं। मैं अपने अधिकार पाने व आत्मरक्षा के लिए सबसे पहले शिक्षित होने का लक्ष्य पूरा करूंगी।
-दिव्यांशी शर्मा
-
मैं उच्च शिक्षा ग्रहण कर अपने माता पिता का नाम रोशन करने के लिए जीजान से पढ़ाई करूंगी। हम अपने अधिकार शिक्षित होकर ही आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। आज के समय में बेटियां अपनी रक्षा करने में काफी हद तक समर्थ नजर आती हैं।
-तनिष्क शर्मा
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अपराजिता कार्यक्रम के तहत कॉलेज की छात्राओं को उनके अधिकारों के प्रति सचेत करते हुए कहा कि चाहे कितना भी संघर्ष क्यों न करना पड़े लेकिन शिक्षित होकर आगे बढ़ने की ललक कम नहीं होनी चाहिए।
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एसडीएम ने छात्राओं को स्वयं के संघर्षपूर्ण जीवन के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि कैसे उनके हेड कांस्टेबल पिता ने कठिन संघर्ष कर उन्हें इस योग्य बनाने में सहयोग किया। एसडीएम के साथ आईं कांस्टेबल रचना व पूनम ने छात्राओं को आत्मरक्षा के उपायों के साथ सभी हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी।
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इस अवसर पर प्रधानाचार्य महेंद्र सिंह, पीटीआई विपिन मिश्रा, नीरज शर्मा, स्वाति गुप्ता, जसवंत सिंह, मोहित शर्मा, एलपी मिश्रा ने भी विचार व्यक्त किए।
छात्राओं की बात
हमें अपने अधिकारों व आत्मरक्षा के लिए बेहद सतर्क रहना जरूरी है। उच्चशिक्षित होकर ही बेटियां अपने अधिकारों के लिए लड़ सकती हैं। मैंने निश्चय कर लिया है कि मन लगाकर पढ़ाई करूंगी और अधिकारों के प्रति भी जागरूक रहूंगी।
- तनु चौधरी
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मैं पूरे मनोयोग से शिक्षा ग्रहण कर आईएएस की तैयारी करूंगी। बेटियां आज के दौर में बेटों से कहीं भी कमतर नहीं हैं। हर जगह बेटियों ने अपना परचम लहराया है।
- शिवानी यादव
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हमारे समाज में बेटियों को उतना सम्मान नहीं मिलता जितना बेटों को दिया जाता रहा है। यह भी सत्य है कि बेटियां ही अपने परिवार व समाज की एक महत्वपूर्ण कड़ी बन रही हैं। मैं अपने अधिकार पाने व आत्मरक्षा के लिए सबसे पहले शिक्षित होने का लक्ष्य पूरा करूंगी।
-दिव्यांशी शर्मा
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मैं उच्च शिक्षा ग्रहण कर अपने माता पिता का नाम रोशन करने के लिए जीजान से पढ़ाई करूंगी। हम अपने अधिकार शिक्षित होकर ही आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। आज के समय में बेटियां अपनी रक्षा करने में काफी हद तक समर्थ नजर आती हैं।
-तनिष्क शर्मा