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..और मिले तो ऐसे कि खिल उठा हरेक चेहरा
ब्यूरो, अमर उजाला बदायूं
Updated Mon, 27 Jul 2015 08:16 PM IST
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री-यूनियन- 1992 के बैनर तले पुरातन छात्र और छात्राओं के कार्यक्रम की शुरूआत सुहाग पैलेस में शाम करीब आठ बजे हुई। पुराने छात्रों के बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर समां बांध दिया। बच्चों ने फिल्मी गीतों की धुन पर डांस प्रस्तुत कर अभिभावकों को भी थिरकने के लिए मजबूर कर दिया। बच्चों ने गीत भी सुनाया। विदेश में रियाद की किंग सऊद विश्वविद्यालय में प्रोफेसर डॉ. मुहीत आलम सैफी ने पढ़ाई के दिनों के स्मरण सुनाए। पुराने दिनों की शरारतों का अंदाज भी ताजा हो उठा। एचडीएफसी के प्रबंधक भानु प्रताप धींगड़ा ने साथियों की याद आने पर अपने अनुभव शेयर किए।
अलीगढ़ में बिजली विभाग में तैनात एक्सईएन नवीन निश्चल ने भी दोस्तों से गले मिलकर पुराने दिनों को ताजा कर दिया। शिक्षक मनोज यादव, अशोक कुमार शर्मा ने डॉ. प्रशांत वार्ष्णेय, समाजसेवी उदय सिंघल, शैलेंद्र सिंह, गौरव गर्ग और मनोज गुप्ता ने हर साल यूं एक बार इकट्ठे होकर बैठने की वकालत की। दिवाकर वर्मा ने काव्यात्मक शैली से साथियों को लोटपोट कर दिया। बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर समां बांध दिया। बच्चों के नृत्य पर उनके माता-पिता भी झूम उठे। पुराने छात्राओं में शालिनी सिंघल ने पूर्व छात्रों की पत्नियों का अभिवादन किया। इस मौके पर अमित सक्सेना, मोहित गर्ग, डॉ. नरेंद्र झा, चंद्रशेखर माहेश्वरी, विश्वदीप आदि मौजूद थे। छात्रों के बैच में आईएएस अफसर सौरभबाबू माहेश्वरी भी शामिल हैं। उन्हें भी आमंत्रित किया गया था, लेकिन विभागीय कारणों से वह देर रात तक कार्यक्रम में नहीं पहुंच पाए।
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अलीगढ़ में बिजली विभाग में तैनात एक्सईएन नवीन निश्चल ने भी दोस्तों से गले मिलकर पुराने दिनों को ताजा कर दिया। शिक्षक मनोज यादव, अशोक कुमार शर्मा ने डॉ. प्रशांत वार्ष्णेय, समाजसेवी उदय सिंघल, शैलेंद्र सिंह, गौरव गर्ग और मनोज गुप्ता ने हर साल यूं एक बार इकट्ठे होकर बैठने की वकालत की। दिवाकर वर्मा ने काव्यात्मक शैली से साथियों को लोटपोट कर दिया। बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर समां बांध दिया। बच्चों के नृत्य पर उनके माता-पिता भी झूम उठे। पुराने छात्राओं में शालिनी सिंघल ने पूर्व छात्रों की पत्नियों का अभिवादन किया। इस मौके पर अमित सक्सेना, मोहित गर्ग, डॉ. नरेंद्र झा, चंद्रशेखर माहेश्वरी, विश्वदीप आदि मौजूद थे। छात्रों के बैच में आईएएस अफसर सौरभबाबू माहेश्वरी भी शामिल हैं। उन्हें भी आमंत्रित किया गया था, लेकिन विभागीय कारणों से वह देर रात तक कार्यक्रम में नहीं पहुंच पाए।
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