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सूखी धान की फसल में अब बीमारी की दस्तक
ब्यूरो, अमर उजाला बदायूं
Updated Fri, 11 Sep 2015 08:23 PM IST
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शुक्रवार को कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ. आरपी सिंह और शस्य वैज्ञानिक डॉ. अर्जुन सिंह, डॉ. फूलचंद्र और विमल कुमार फसल निरीक्षण को पहुंचे। विशेषज्ञों को धान की अधिकांश पत्तियां पारदर्शी छलनी होकर मटमैली दिखीं, विशेषज्ञों ने इसे सीधे रूप में पत्ती लपेटक सूड़ी का प्रकोप कहा। विशेषज्ञों ने किसान को समझाया कि ठीक ढंग से उपाय किए जाएं तो फसल पर इसके प्रभाव को रोका जा सकता है, वरना फसल पूरी तरह नष्ट हो जाएगी। साथ ही उन्होंने धान उत्पादकों को ये भी कहा कि पत्तियों की ये अवस्था कीट का फसल पर प्रारंभिक असर है, इसलिए इससे निबटा जा सकता है।
पत्ती लपेटक बीमारी से बचाव के उपाए
0 कारटॉप हाइड्रोक्लोराइड 50 एसपी- छह सौ ग्राम
0 फिप्रोनिल 5 एससी- 1.0 लीटर
0 थायोमिथोक्साम 25 प्रतिशत डब्ल्यू जी- 100 ग्राम
0 कोराजन 150 मिली
0 लामडा साहिलोथ्रिन 57 ईसी- 500 मिली
उपरोक्त में से किसी एक कीटनाशक को चार-पांच सौ लीटर पानी में मिलाकर प्रति हेक्टेयर क्षेत्रफल में छिड़काव करें।
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पत्ती लपेटक बीमारी से बचाव के उपाए
0 कारटॉप हाइड्रोक्लोराइड 50 एसपी- छह सौ ग्राम
0 फिप्रोनिल 5 एससी- 1.0 लीटर
0 थायोमिथोक्साम 25 प्रतिशत डब्ल्यू जी- 100 ग्राम
0 कोराजन 150 मिली
0 लामडा साहिलोथ्रिन 57 ईसी- 500 मिली
उपरोक्त में से किसी एक कीटनाशक को चार-पांच सौ लीटर पानी में मिलाकर प्रति हेक्टेयर क्षेत्रफल में छिड़काव करें।