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Budaun News: प्रभारी एडीओ बहाल, वेतन से होगी 19 लाख की वसूली
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सरकारी धनराशि गबन के आरोप में एक साल पहले निलंबित हुए थे सुरेंद्र पाल सक्सेना
बदायूं। एक साल पहले निलंबित कादरचौक के प्रभारी सहायक विकास अधिकारी (प्रभारी एडीओ) सुरेंद्र पाल सक्सेना को कोर्ट के आदेश पर बहाल कर दिया गया है। अब गबन की धनराशि उनके वेतन और फंड आदि से वसूल की जाएगी। अब उन्हें मूलवेतन ही मिलेगा। इसके अलावा कोई सरकारी सुविधाएं नहीं मिलेंगीं।
कादरचौक ब्लॉक क्षेत्र में ग्राम पंचायत सचिव के पद पर तैनात सुरेंद्र पाल सक्सेना प्रभारी एडीओ भी हैं। 2023 में उनका रिटायरमेंट है। सरकारी धनराशि के गबन का मामला एक साल पहले का है। बताया जा रहा है कि जो सरकारी खाता था। वह केवल सुरेंद्र पाल के नाम से था। वह सरकारी खाते से रुपये निकालते रहे। उन्होंने कुल 19 लाख 72 हजार पचास रुपये निकाले थे। जब इसके बारे में अधिकारियों को पता चला तो मामले की जांच कराई गई। इस पर उन्हें अक्तूबर 2021 में निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद वह हाईकोर्ट में चले गए।
डीपीआरओ श्रेया मिश्रा ने कोर्ट को पूरा प्रकरण बताते हुए कुछ साक्ष्य दाखिल किए थे। इस पर हाईकोर्ट ने उनकी रिट तो खारिज कर दी, लेकिन उनके नजदीकी सेवानिवृत्त होने का समय देखते हुए उन्हें बहाल करने का आदेश दिया। साथ ही आदेश दिया कि उनके खिलाफ जो भी कार्रवाई हो, वह सेवानिवृत्त होने से पहले पूरी कर ली जाए। इस पर डीपीआरओ ने कोर्ट के आदेश पर उन्हें बहाल कर दिया है। उनका मूल वेतन भी जारी कर दिया गया है। उन्होंने आदेश दिया है कि अगर सुरेंद्र पाल सक्सेना गबन की धनराशि जमा नहीं करते हैं तो धनराशि उनके वेतन और फंड आदि से वसूल की जाएगी।
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सुुरेंद्र पाल सक्सेना गबन के मामले में एक साल पहले निलंबित हुए थे। अब उन्हें कोर्ट के आदेश पर बहाल किया गया है। जो सरकारी धनराशि गबन हुई है वह उनके वेतन और फंड आदि से वसूल की जाएगी।
- श्रेया मिश्रा, डीपीआरओ
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बदायूं। एक साल पहले निलंबित कादरचौक के प्रभारी सहायक विकास अधिकारी (प्रभारी एडीओ) सुरेंद्र पाल सक्सेना को कोर्ट के आदेश पर बहाल कर दिया गया है। अब गबन की धनराशि उनके वेतन और फंड आदि से वसूल की जाएगी। अब उन्हें मूलवेतन ही मिलेगा। इसके अलावा कोई सरकारी सुविधाएं नहीं मिलेंगीं।
कादरचौक ब्लॉक क्षेत्र में ग्राम पंचायत सचिव के पद पर तैनात सुरेंद्र पाल सक्सेना प्रभारी एडीओ भी हैं। 2023 में उनका रिटायरमेंट है। सरकारी धनराशि के गबन का मामला एक साल पहले का है। बताया जा रहा है कि जो सरकारी खाता था। वह केवल सुरेंद्र पाल के नाम से था। वह सरकारी खाते से रुपये निकालते रहे। उन्होंने कुल 19 लाख 72 हजार पचास रुपये निकाले थे। जब इसके बारे में अधिकारियों को पता चला तो मामले की जांच कराई गई। इस पर उन्हें अक्तूबर 2021 में निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद वह हाईकोर्ट में चले गए।
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डीपीआरओ श्रेया मिश्रा ने कोर्ट को पूरा प्रकरण बताते हुए कुछ साक्ष्य दाखिल किए थे। इस पर हाईकोर्ट ने उनकी रिट तो खारिज कर दी, लेकिन उनके नजदीकी सेवानिवृत्त होने का समय देखते हुए उन्हें बहाल करने का आदेश दिया। साथ ही आदेश दिया कि उनके खिलाफ जो भी कार्रवाई हो, वह सेवानिवृत्त होने से पहले पूरी कर ली जाए। इस पर डीपीआरओ ने कोर्ट के आदेश पर उन्हें बहाल कर दिया है। उनका मूल वेतन भी जारी कर दिया गया है। उन्होंने आदेश दिया है कि अगर सुरेंद्र पाल सक्सेना गबन की धनराशि जमा नहीं करते हैं तो धनराशि उनके वेतन और फंड आदि से वसूल की जाएगी।
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सुुरेंद्र पाल सक्सेना गबन के मामले में एक साल पहले निलंबित हुए थे। अब उन्हें कोर्ट के आदेश पर बहाल किया गया है। जो सरकारी धनराशि गबन हुई है वह उनके वेतन और फंड आदि से वसूल की जाएगी।
- श्रेया मिश्रा, डीपीआरओ