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भट्ठे पर ईंट पाथने के पानी भरे गड्ढे में डूबकर मासूम की मौत
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भट्ठे के इसी गड्ढे में डूबकर हुई थी बच्चे की मौत। संवाद
- फोटो : BADAUN
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म्याऊ/उसावां (बदायूं)। म्याऊ-हजरतपुर रोड किनारे भट्ठे पर शनिवार दोपहर डेढ़ वर्षीय मासूम की पानी भरे ईंट पाथने के गड्ढे में डूबकर मौत हो गई। बाद में परिवारवालों ने उसके शव को गड्ढे से निकालकर दफन कर दिया।
अलापुर थाना क्षेत्र में म्याऊ-हजरतपुर रोड किनारे संजीव कुमार वर्मा का भट्ठा है। यहां बिहार प्रांत के गया जिले में पचांगपुर थाना क्षेत्र के गांव फतेहपुर निवासी अशोक कुमार ईंट पाथने का काम करते हैं। अशोक कुमार के मुताबिक शनिवार दोपहर करीब 12 बजे वह अपनी पत्नी के साथ भट्ठे के फड़ में बनी झोंपड़ी में बैठकर खाना खा रहे थे। इसी दौरान उनके पांच बेटों में सबसे छोटा डेढ़ वर्षीय बेटा अमरेश घुटनों के बल झोपड़ी के बाहर निकल गया। वह ईंट पाथने के लिए बने पानी भरे गड्ढे में गिर गया और पानी में डूब गया। अशोक कुमार और उनकी पत्नी खाना खाकर उठे तो अमरेश नहीं था। उन्होंने आसपास देखा लेकिन वह कहीं नजर नहीं आया। गड्ढे के पास जाकर देखा तो उसमें बालक उसमें पड़ा था। उसे तुरंत बाहर निकाला गया लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
इसके बाद परिवारवालों ने बालक के शव को गड्ढे में दफन कर दिया। सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस ने परिवारवालों से बात की। पंचायतनामा भरा। उसके बाद वह मौके से चली गई। संवाद
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अलापुर थाना क्षेत्र में म्याऊ-हजरतपुर रोड किनारे संजीव कुमार वर्मा का भट्ठा है। यहां बिहार प्रांत के गया जिले में पचांगपुर थाना क्षेत्र के गांव फतेहपुर निवासी अशोक कुमार ईंट पाथने का काम करते हैं। अशोक कुमार के मुताबिक शनिवार दोपहर करीब 12 बजे वह अपनी पत्नी के साथ भट्ठे के फड़ में बनी झोंपड़ी में बैठकर खाना खा रहे थे। इसी दौरान उनके पांच बेटों में सबसे छोटा डेढ़ वर्षीय बेटा अमरेश घुटनों के बल झोपड़ी के बाहर निकल गया। वह ईंट पाथने के लिए बने पानी भरे गड्ढे में गिर गया और पानी में डूब गया। अशोक कुमार और उनकी पत्नी खाना खाकर उठे तो अमरेश नहीं था। उन्होंने आसपास देखा लेकिन वह कहीं नजर नहीं आया। गड्ढे के पास जाकर देखा तो उसमें बालक उसमें पड़ा था। उसे तुरंत बाहर निकाला गया लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
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इसके बाद परिवारवालों ने बालक के शव को गड्ढे में दफन कर दिया। सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस ने परिवारवालों से बात की। पंचायतनामा भरा। उसके बाद वह मौके से चली गई। संवाद
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