फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   Abid Raza came under fire in his own party

अपनी ही पार्टी में निशाने पर आए आबिद रजा

Sat, 06 Aug 2016 12:09 AM IST
Updated Sat, 06 Aug 2016 12:09 AM IST
विज्ञापन
Abid Raza came under fire in his own party
प्रेसवाताऱ् - फोटो : बदायूं/उत्‍ततर प्रदेश्‍ा
गोकशी और गंगा में अवैध खनन को लेकर जिले के एक बड़े नेता पर लगातार शब्द बम फोड़ रहे उत्तर प्रदेश वक्फ विकास निगम चेयरमैन और शहर विधायक आबिद रजा के खिलाफ अब अपनी ही पार्टी का एक धड़ा मुखर हो गया है। सपा के जिला पंचायत सदस्य डॉ. शकील अहमद और समाजवादी युवजन सभा के जिलाध्यक्ष वसीम अंसारी ने आबिद रजा पर खुलकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने उनकी संपत्ति की जांच कराने के साथ आरोप लगाया कि गोकशी करने वालों की सरपरस्ती करने वाला कोई और नहीं खुद सदर विधायक आबिद रजा हैं। सब जानते हैं कि मरहूम हिस्ट्रीशीटर नईम राजा जिले का सबसे बड़ा मांस तस्कर था। उसको किसका संरक्षण हासिल था।
विज्ञापन

शुक्रवार को डॉ. शकील अहमद और वसीम अंसारी ने शहर के एक होटल में प्रेसवार्ता कर विधायक को आड़े हाथों लिया। कहा आबिद रजा ने विधानसभा चुनाव जीतने के बाद विकास पर कोई ध्यान नहीं दिया। आरोप लगाया डर, दबाव और दहशत की राजनीति कर गुंडा टैक्स वसूली की, जमीनों पर कब्जे किए। सोत नदी में बन रहा रजा मैरिज लॉन इसका उदाहरण है। सदर विधायक ने तमाम कब्रिस्तानों पर कब्जे करा दिए। नौ साल में विकास के नाम पर वही काम कराए गए, जिन पर मोटा कमीशन मिला। नाला सफाई के नाम पर हर साल 20 से 30 लाख रुपये डकारे जा रहे हैं। 
विज्ञापन

वसीम अंसारी ने कहा कि आबिद रजा गाय और गंगा के नाम पर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। जिस बड़े नेता की वो बात कर रहे हैं, उसके कारण जिले का विकास हो रहा है। वह भी उनकी कृपा से लालबत्ती में चल रहे हैं। रजा कभी किसी पार्टी के वफादार नहीं हो सकते। डॉ. शकील ने पूछा, विधायक बताएं कैसे उनकी संपत्ति पांच लाख से पचास करोड़ हो गई। शहर विधायक की संपत्ति की जांच के लिए वह हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल करेंगे। सोत नदी से कब्जा हटवाने के लिए जिले भर में जनआंदोलन चलाएंगे। 
विज्ञापन
विज्ञापन

00 
मुस्लिमों ने फूंका आबिद का पुतला
अपनी ही पार्टी पर हमलावर हुए वक्फ विकास निगम चेयरमैन/शहर विधायक आबिद रजा के खिलाफ शुक्रवार को मुस्लिम समाज का गुस्सा फूट गया। बदायूं विकास समिति के बैनर तले मुस्लिम समाज के लोगों ने आबिद रजा का पुतला फूंका। विधायक के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द कराने की मांग की। 
नगर पालिका सभासद और बदायूं विकास सिमिति चेयरमैन वसीम अंसारी के नेतृत्व में मुस्लिम समाज के दर्जनों लोग कचहरी चौराहे पर जुलूस के रूप में आबिद रजा के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पहुंचे। यहां शहर विधायक का पुतला फूंका। आरोप लगाया कि शहर विधायक गोकशी कराकर पूरी मुस्लिम कौम को बदनाम कर रहे हैं। खुद को पाक साबित करने के लिए वह बड़े नेता पर अपरोक्ष रूप से आरोप लगा रहे हैं। मांग की कि शहर विधायक और उनके गुर्गों के सोत नदी से अवैध कब्जे हटाए जाएं। साथ ही शहर में हो रही गुंडा टैक्स वसूली पर रोक लगाई जाए। जल्द कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई। 

सिपाही ने की बदसलूकी तो भड़के प्रदर्शनकारी
 कोतवाली में तैनात विधायक के करीबी सिपाही ने पुतला दहन के दौरान वसीम अंसारी से बदसलूकी की दी। इस पर प्रदर्शन में शामिल लोग भड़क गए। माहौल बिगड़ते-बिगड़ते बचा। खबर मिलने पर सिविल लाइंस और कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई। दोनों सिपाहियों को वहां से हटा दिया गया। मामले में सिपाहियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। 
00 
झुलसने से बचे डॉ. शकील अहमद
आबिद रजा के पुतला दहन के दौरान जिला पंचायत सदस्य डॉ. शकील अहमद झुलसने से बच गए। आनन-फानन में समर्थकों ने उनको हटाया। दरहसल, खींचातानी में जलता हुआ पुतला डॉ. शकील के ऊपर गिर गया। गनीमत रही कि वह झुलसे नहीं। 


वीआईपी की तरह लाया गया पुतला
एक वीआईपी पर्सन का का पुतला आखिर वीआईपी तरीके से आंदोलन स्थल तक लाया गया। प्रदर्शनकारी उसे लॅग्जरी कार से लेकर आए। भारी भरकम पुतले को उतारने के लिए कई लोग लगे। तमाशबीन ये देख ये कहते नहीं चूके आखिर वीआईपी का पुतला फूंकना है, तो तरीका भी वीआईपी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed