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Budaun News: राजकीय महाविद्यालय में होगा तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस
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बदायूं। राजकीय महाविद्यालय में वनस्पति एवं प्राणी विज्ञान विभाग की ओर से 28 से 30 अगस्त तक प्रथम अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जाएगा। रिसेंट ट्रेंड्स इन प्लांट एंड एनिमल साइंसेज (आरटीपीएएस-2025) विषय पर कॉन्फ्रेंस ऑनलाइन होगी। इसका उद्देश्य पादप एवं प्राणी विज्ञान से जुड़े नवीनतम शोध, नवाचार, पर्यावरणीय चुनौतियां, जैव प्रौद्योगिकी, आनुवंशिकी, नैनो-टेक्नोलॉजी, पारिस्थितिकी और सतत विकास जैसे विषयों पर विचार-विमर्श कर विशेषज्ञों को साझा मंच प्रदान करना है।
आयोजन समिति के समन्वयक डॉ. सचिन कुमार ने बताया कि सम्मेलन में मुख्य वक्ता हंगरी के डेब्रसेन विश्वविद्यालय की प्रो. वेरेस सिल्विया होंगी। इसके अलावा अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के प्रो. शमशुल हयात, नाइजीरिया के प्रो. चार्ल्स ओलुवासेउन अडेटुंजी, रुहेलखंड विश्वविद्यालय बरेली के प्रो. आलोक श्रीवास्तव, ब्रिटेन की जीवविज्ञानी डॉ. ख्य्ने यू मार और यूएई विश्वविद्यालय के डॉ. मोहम्मद यूसुफ सहित कई अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ व्याख्यान देंगे। तकनीकी सत्रों में रूस, चीन, सऊदी अरब और भारत के विभिन्न विश्वविद्यालयों से जुड़े वैज्ञानिक भी शोधपत्र प्रस्तुत करेंगे। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. श्रद्धा गुप्ता ने कहा कि यह कॉन्फ्रेंस में देश-विदेश के वैज्ञानिकों को पादप व प्राणी विज्ञान की नई दिशाओं पर विमर्श का सशक्त मंच देगा। संयोजक डॉ. प्रियंका सिंह, डॉ. गौरव कुमार सिंह ने बताया कि सम्मेलन में अब तक दक्षिण अफ्रीका, चीन, नेपाल और श्रीलंका सहित कई देशों से 500 से अधिक प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया है। वहीं, भारत के विभिन्न राज्यों से भी बड़ी संख्या में शिक्षक व शोधार्थी इसमें हिस्सा लेंगे।
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आयोजन समिति के समन्वयक डॉ. सचिन कुमार ने बताया कि सम्मेलन में मुख्य वक्ता हंगरी के डेब्रसेन विश्वविद्यालय की प्रो. वेरेस सिल्विया होंगी। इसके अलावा अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के प्रो. शमशुल हयात, नाइजीरिया के प्रो. चार्ल्स ओलुवासेउन अडेटुंजी, रुहेलखंड विश्वविद्यालय बरेली के प्रो. आलोक श्रीवास्तव, ब्रिटेन की जीवविज्ञानी डॉ. ख्य्ने यू मार और यूएई विश्वविद्यालय के डॉ. मोहम्मद यूसुफ सहित कई अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ व्याख्यान देंगे। तकनीकी सत्रों में रूस, चीन, सऊदी अरब और भारत के विभिन्न विश्वविद्यालयों से जुड़े वैज्ञानिक भी शोधपत्र प्रस्तुत करेंगे। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. श्रद्धा गुप्ता ने कहा कि यह कॉन्फ्रेंस में देश-विदेश के वैज्ञानिकों को पादप व प्राणी विज्ञान की नई दिशाओं पर विमर्श का सशक्त मंच देगा। संयोजक डॉ. प्रियंका सिंह, डॉ. गौरव कुमार सिंह ने बताया कि सम्मेलन में अब तक दक्षिण अफ्रीका, चीन, नेपाल और श्रीलंका सहित कई देशों से 500 से अधिक प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया है। वहीं, भारत के विभिन्न राज्यों से भी बड़ी संख्या में शिक्षक व शोधार्थी इसमें हिस्सा लेंगे।
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