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एक शासनादेश जो हवा हो गया
बदायूं, ब्यूरो
Updated Wed, 13 Jul 2016 11:43 PM IST
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सैकड़ों अटैच्ड शिक्षक अभी भी जमें हैं दूसरे स्कूलों में
बीएसए ने ऐसे शिक्षकों के वेतन भुगतान पर लगाई रोक
परिषदीय स्कूलों में पटरी से उतरकर चल रही व्यवस्था को लाइन पर लाने को शासन बेहद गंभीर है। शासन ने इस बात के आदेश कर दिए हैं कि अब किसी भी शिक्षक का दूसरे स्कूल में अटैच्डमेंट नहीं होगा। ऐसे शिक्षकों को तत्काल उनके मूल स्कूल भेजा जाए। शासन के इस आदेश के बाद भी जिले में अभी भी सैकड़ों शिक्षक हैं जो अटैच्डमेंट वाले स्कूल को नहीं छोड़ रहे हैं। हालांकि बीएसए पीसी यादव ने ऐसे शिक्षकों के वेतन भुगतान पर रोक लगाने के आदेश जारी कर दिए हैं। बावजूद इसके प्रभाव का इस्तेमाल कर अटैच्ड हुए शिक्षक वहीं पर जमे हैं और वेतन वहीं से निकलवाने की जुगत में लगे हैं।
बेसिक स्कूलों के भारी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं हर साल अपनी सुविधाजनक वाले स्कूल में अटैच्डमेंट करा लेते हैं। अटैच्डमेंट स्कूल में काम करते समय लंबा समय भी हो जाता है। चूंकि कहीं-कहीं स्कूलों में शिक्षकों की कमी हो गई तब इस बात की शिकायतें शासन तक पहुंचीं कि शिक्षकों ने मूल स्कूल के बजाय दूसरे स्कूलों में अटैच्ड करा लिया है। शासन ने गंभीरता से लेते हुए ऐसे शिक्षकों को मूल स्कूल में भेजे जाने के आदेश कर दिए। यह भी कहा यदि कहीं से शिक्षकों के अटैच्ड स्कूल को नहीं छोड़े जाने की शिकायत मिलती है तो संबंधित बीएसए पर कार्रवाई होगी। तब बीएसए में भी खलबली मची। बीएसए पीसी यादव ने अटेच शिक्षकों को अपने मूल स्कूल में जाने के आदेश दिए। सूत्र बताते हैं कि अभी भी सैकड़ों की संख्या में शिक्षक हैं जो मूल स्कूल में नहीं पहुंचे हैं।
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मनमाने तरीके से अटैच्ड किए गए टीचर
बदायूं। यहां तैनात रहे बीएसए आनंद प्रकाश शर्मा ने चित्रकूट तबादला होने से कुछ समय पहले ही जिले में तमाम शिक्षक-शिक्षिकाओं को उनके मनचाहे स्कूल में अटैच्ड कर दिया था। जब शासन के आदेश अटैच्ड शिक्षकों को हटाने का आया तो उन शिक्षकों में खलबली भी मच गई।
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कई तो हैं शिक्षक खुद बताते हैं नेता
बदायूं। अटैच्ड हुए शिक्षकों में कई तो ऐसे हैं जो खुद को शिक्षक नेता बताते हैं। उसी प्रभाव के चलते वह मनचाहे स्कूल में अटैच्ड हैं और वहां से हटना भी नहीं चाह रहे हैं।
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जिले में जो भी अटैच्ड शिक्षक है उसका वेतन रोकने के खंड शिक्षाधिकारियों को आदेश दिए गए हैं। किसी हाल में ऐसे शिक्षकों का वेतन भुगतान नहीं होगा। जिन शिक्षकों के नाम प्रकाश में आएंगे उनके खिलाफ भी कड़ी विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
-पीसी यादव,बीएसए
बीएसए ने ऐसे शिक्षकों के वेतन भुगतान पर लगाई रोक
परिषदीय स्कूलों में पटरी से उतरकर चल रही व्यवस्था को लाइन पर लाने को शासन बेहद गंभीर है। शासन ने इस बात के आदेश कर दिए हैं कि अब किसी भी शिक्षक का दूसरे स्कूल में अटैच्डमेंट नहीं होगा। ऐसे शिक्षकों को तत्काल उनके मूल स्कूल भेजा जाए। शासन के इस आदेश के बाद भी जिले में अभी भी सैकड़ों शिक्षक हैं जो अटैच्डमेंट वाले स्कूल को नहीं छोड़ रहे हैं। हालांकि बीएसए पीसी यादव ने ऐसे शिक्षकों के वेतन भुगतान पर रोक लगाने के आदेश जारी कर दिए हैं। बावजूद इसके प्रभाव का इस्तेमाल कर अटैच्ड हुए शिक्षक वहीं पर जमे हैं और वेतन वहीं से निकलवाने की जुगत में लगे हैं।
बेसिक स्कूलों के भारी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं हर साल अपनी सुविधाजनक वाले स्कूल में अटैच्डमेंट करा लेते हैं। अटैच्डमेंट स्कूल में काम करते समय लंबा समय भी हो जाता है। चूंकि कहीं-कहीं स्कूलों में शिक्षकों की कमी हो गई तब इस बात की शिकायतें शासन तक पहुंचीं कि शिक्षकों ने मूल स्कूल के बजाय दूसरे स्कूलों में अटैच्ड करा लिया है। शासन ने गंभीरता से लेते हुए ऐसे शिक्षकों को मूल स्कूल में भेजे जाने के आदेश कर दिए। यह भी कहा यदि कहीं से शिक्षकों के अटैच्ड स्कूल को नहीं छोड़े जाने की शिकायत मिलती है तो संबंधित बीएसए पर कार्रवाई होगी। तब बीएसए में भी खलबली मची। बीएसए पीसी यादव ने अटेच शिक्षकों को अपने मूल स्कूल में जाने के आदेश दिए। सूत्र बताते हैं कि अभी भी सैकड़ों की संख्या में शिक्षक हैं जो मूल स्कूल में नहीं पहुंचे हैं।
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मनमाने तरीके से अटैच्ड किए गए टीचर
बदायूं। यहां तैनात रहे बीएसए आनंद प्रकाश शर्मा ने चित्रकूट तबादला होने से कुछ समय पहले ही जिले में तमाम शिक्षक-शिक्षिकाओं को उनके मनचाहे स्कूल में अटैच्ड कर दिया था। जब शासन के आदेश अटैच्ड शिक्षकों को हटाने का आया तो उन शिक्षकों में खलबली भी मच गई।
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कई तो हैं शिक्षक खुद बताते हैं नेता
बदायूं। अटैच्ड हुए शिक्षकों में कई तो ऐसे हैं जो खुद को शिक्षक नेता बताते हैं। उसी प्रभाव के चलते वह मनचाहे स्कूल में अटैच्ड हैं और वहां से हटना भी नहीं चाह रहे हैं।
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जिले में जो भी अटैच्ड शिक्षक है उसका वेतन रोकने के खंड शिक्षाधिकारियों को आदेश दिए गए हैं। किसी हाल में ऐसे शिक्षकों का वेतन भुगतान नहीं होगा। जिन शिक्षकों के नाम प्रकाश में आएंगे उनके खिलाफ भी कड़ी विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
-पीसी यादव,बीएसए