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एक लाइसेंस पर चल रहे 32 मेडिकल स्टोर
अमर उजाला, बदायूं
Updated Sun, 17 Jan 2016 11:47 PM IST
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दवाइयों की बिक्री और गुणवत्ता की निगरानी रखने की जिम्मेदारी खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन विभाग के जिम्मे होती है। विभाग का काम कैसा चल रहा है। इसकी तस्दीक करने के लिए फार्मासिस्ट रजिस्ट्रेशन नंबर 25326 काफी है। यह रजिस्ट्रेशन फार्मासिस्ट राजेश कुमार सिंह के नाम से है। खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन विभाग ने सूबे के 20 जिलों में इसी फार्मासिस्ट और रजिस्ट्रेशन नंबर पर मेडिकल स्टोर के 32 लाइसेंस जारी कर दिए हैं। एक मेडिकल स्टोर बदायूं के थाना इस्लामनगर के गांव नूरपुर पिनौनी में भी चल रहा है। इस मेडिकल स्टोर के लिए खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन विभाग की ओर से लाइसेंस सत्यापन के लिए नोटिस भी दिया गया है।
इस तरह के मेडिकल स्टोर को ट्रेस किया जा रहा है। नूरपुर पिनौनी स्थित मेडिकल स्टोर को सत्यापन का नोटिस दिया गया है। नियमानुसार एक फार्मासिस्ट के नाम एक ही मेडिकल स्टोर का लाइसेंस जारी हो सकता है। अगर एक से ज्यादा लाइसेंस हैं जो नियम विरुद्घ है।
-पवन कुमार शाक्य, ड्रग इंस्पेक्टर
- इन जिलों में हैं ये मेडिकल स्टोर
बिजनौर, बुलंदशहर, लखीमपुर खीरी, इटावा, मैनपुरी, एटा, फर्रुखाबाद, सुल्तानपुर, झांसी, इटावा, कन्नौज, मुरादाबाद, बाराबंकी, बदायूं, रामपुर, सीतापुर, गौतमबुद्घनगर, बागपत, कानपुर, उन्नाव।
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-ऐसे होता है लाइसेंस का खेल
जानकारों की मानें तो कोई एक फार्मासिस्ट अपने नाम पर मेडिकल स्टोर के कई लाइसेंस बनवाकर इनको किराए पर दे देता है। एक लाइसेंस के बदले हर महीने दो हजार रुपये तक किराया मिलता है। सूबे में तमाम ऐसे फार्मासिस्ट हैं जो अपने नाम पर मेडिकल स्टोर के कई लाइसेंस जारी करा लेते हैं और इनको किराए पर दे उठा देते हैं। खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन विभाग के अधिकारी भी इस बात को स्वीकार कर रहे हैं।
ऑनलाइन फीडिंग से खुलेगी कलई
खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन विभाग ने मेडिकल स्टोर की ऑन लाइन फीडिंग शुरू कराई है। ऑन लाइन फीडिंग शुरू होने के बाद यह तथ्य सामने आ रहे हैं। हालांकि एक से अधिक मेडिकल के लाइसेंस लेने वाले फार्मासिस्टों के खिलाफ अब तक कार्रवाई शुरू नहीं हो सकी है।
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इस तरह के मेडिकल स्टोर को ट्रेस किया जा रहा है। नूरपुर पिनौनी स्थित मेडिकल स्टोर को सत्यापन का नोटिस दिया गया है। नियमानुसार एक फार्मासिस्ट के नाम एक ही मेडिकल स्टोर का लाइसेंस जारी हो सकता है। अगर एक से ज्यादा लाइसेंस हैं जो नियम विरुद्घ है।
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-पवन कुमार शाक्य, ड्रग इंस्पेक्टर
- इन जिलों में हैं ये मेडिकल स्टोर
बिजनौर, बुलंदशहर, लखीमपुर खीरी, इटावा, मैनपुरी, एटा, फर्रुखाबाद, सुल्तानपुर, झांसी, इटावा, कन्नौज, मुरादाबाद, बाराबंकी, बदायूं, रामपुर, सीतापुर, गौतमबुद्घनगर, बागपत, कानपुर, उन्नाव।
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-ऐसे होता है लाइसेंस का खेल
जानकारों की मानें तो कोई एक फार्मासिस्ट अपने नाम पर मेडिकल स्टोर के कई लाइसेंस बनवाकर इनको किराए पर दे देता है। एक लाइसेंस के बदले हर महीने दो हजार रुपये तक किराया मिलता है। सूबे में तमाम ऐसे फार्मासिस्ट हैं जो अपने नाम पर मेडिकल स्टोर के कई लाइसेंस जारी करा लेते हैं और इनको किराए पर दे उठा देते हैं। खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन विभाग के अधिकारी भी इस बात को स्वीकार कर रहे हैं।
ऑनलाइन फीडिंग से खुलेगी कलई
खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन विभाग ने मेडिकल स्टोर की ऑन लाइन फीडिंग शुरू कराई है। ऑन लाइन फीडिंग शुरू होने के बाद यह तथ्य सामने आ रहे हैं। हालांकि एक से अधिक मेडिकल के लाइसेंस लेने वाले फार्मासिस्टों के खिलाफ अब तक कार्रवाई शुरू नहीं हो सकी है।