फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   A Common Service Centre operator was extorting money by using a password obtained from a constable to locate lost phones.

Budaun News: सिपाही से पासवर्ड लेकर जनसेवा केंद्र संचालक खोए फोन ढूंढकर कर रहा था वसूली

Mon, 14 Sep 2026 01:48 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 14 Sep 2026 01:48 AM IST
विज्ञापन
A Common Service Centre operator was extorting money by using a password obtained from a constable to locate lost phones.
जरीफनगर (बदायूं)। कंप्यूटर ऑपरेटर सिपाही जावेद ने चोरी-खोने वाले मोबाइल फोन की लोकेशन पता लगाने के लिए थाने पर उपलब्ध कराए गए सॉफ्टवेयर का पासवर्ड ही जनसेवा केंद्र संचालक को दे दिया। इसके बाद संचालक मोबाइल का पता लगाकर वसूली कर रहा था। साथ ही मोबाइल लौटाने के लिए रकम बटोर रहा था। इस मिलीभगत में आधा हिस्सा जावेद को मिलता था।
विज्ञापन

मामला खुलने पर सिपाही को निलंबित कर दिया गया। संचालक और उसके साथी रंजीत को गिरफ्तार करने के बाद कोर्ट में पेश करके जेल भेज दिया गया। तीनों पर रिपोर्ट दर्ज की गई है।
विज्ञापन

गांव रामपुर टप्पा वैश्य निवासी हरीश बाबू उर्फ हीरा सिंह का मोबाइल फोन पिछले महीने खो गया था। उन्होंने इस बारे में पडरिया गांव के प्रेमपाल उर्फ बंटी के जनसेवा केंद्र (कॉमन सर्विस सेंटर) पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। आरोप है कि कुछ दिन बाद बंटी उनके घर पहुंचा और मोबाइल बरामद होने की जानकारी देकर खर्चा-पानी की मांग की। मोबाइल कैसे मिला, इसका उसने गोलमोल जवाब दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

हरीश ने छानबीन की तो पता चला कि जरीफनगर थाने में तैनात कंप्यूटर ऑपरेटर जावेद ने सॉफ्टवेयर का पासवर्ड बंटी को दे दिया था। वह सॉफ्टवेयर से गुम मोबाइल फोन की लोकेशन पता लगा लेता था। इसके बाद बंटी और उसका साथी गांव मालपुर ततैरा निवासी रंजीत संबंधित मोबाइल नंबर पर फोन कर खुद को जरीफनगर थाने का पुलिसकर्मी बताते थे। फिर वे मोबाइल चला रहे व्यक्ति को जेल भेजने की धमकी देकर फोन अपने कब्जे में ले लेते थे। मोबाइल वापस करने के लिए वसूली गई राशि में से 50 प्रतिशत कंप्यूटर ऑपरेटर जावेद दे देते थे। बाकी 50 प्रतिशत हिस्सा आपस में बांट लेते थे। छानबीन के बाद हरीश ने थाना प्रभारी से शिकायत की।
शिकायत के आधार पर थाना प्रभारी ने तीनों के खिलाफ धोखाधड़ी, जबरन वसूली, चोट पहुंचाने का भय, धमकाना और आपराधिक साजिश की धाराओं में केस दर्ज कराया। साथ ही उच्चाधिकारियों को पूरी रिपोर्ट भेजी। इसके बाद कंप्यूटर ऑपरेटर जावेद को निलंबित कर दिया गया। वहीं बंटी और रंजीत से चार मोबाइल, तीन लैपटॉप, फोन के 30 खाली डिब्बे, 18 बैंक पासबुक, 11 आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी, चार डेबिट कार्ड और तीन क्रेडिट कार्ड समेत अन्य सामान बरामद किया है।
अब आगे की जांच में पुलिस की ओर से यह पता लगाया जाएगा की पुलिस का कितना डाटा आरोपियों के पास था और वह गोपनीय आईडी का इस्तेमाल मोबाइल ढूंढने के अलावा किन-किन कामों में कर रहे थे।
---

चार हजार रुपये लेने के बाद लौटाया मोबाइल
हरीश बाबू का आरोप है कि आरोपियों ने मोबाइल वापस करने के बदले उनसे 10 हजार रुपये मांगे। रकम न देने पर फर्जी केस में फंसाने की धमकी दी। उन्होंने इतने रुपये देने में असमर्थता जताई तो उनसे आरोपियों ने चार हजार रुपये ले लिए गए, तब मोबाइल फोन वापस किया गया।


---
थाने का गोपनीय डाटा सीएचसी संचालक को देने के मामले में कंप्यूटर ऑपरेटर को निलंबित कर दिया गया है। अन्य दो पर मोबाइल गुम होने पर शिकायत करने वाले आवेदक को धमकाने के आरोप में केस दर्ज किया गया है। -अंकिता शर्मा, एसएसपी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed