{"_id":"5be85b4abdec2253c95875b8","slug":"91541954378-budaun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ऐसे कैसे होगी किसानों की आय दोगुनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ऐसे कैसे होगी किसानों की आय दोगुनी
Updated Sun, 11 Nov 2018 10:09 PM IST
विज्ञापन
ऐसे कैसे होगी किसानों की आय दोगुनी
बदायूं। सरकार किसानों की आय को दोगुना करने का लगातार प्रयास कर रही है। इसके लिए किसानों को नई-नई तकनीकों के बारे में जानकारी दी जा रही है। वहीं दूसरी ओर बीज, खरपतवार नाशक दवाओं की कीमतों में इजाफा किया जा रहा है। जुलाई में जहां डीएपी एक हजार रुपये प्रति कट्टा (50 किलो) थी। जो अब बढ़कर 14 सौ रुपये तक पहुंच गई है।
साल दर साल फसलों की लागत बढ़ती जा रही है, मगर आमदनी में इजाफा नहीं हो रहा है। इससे किसानों को परिवार का गुजर-बसर करने में परेशानी हो रही है। इतना ही नहीं, हर साल खाद, बीज, कीटनाशक के दामों में इजाफे से किसानों की मुसीबत और बढ़ा दी है। जिले में रबी की फसलों की बुवाई होनी है। इसको लेकर किसान खेतों को तैयार कर रहे हैं। इससे पहले बिजली और डीजल की दरें बढ़ी हैं। बीज और खाद के साथ ही खरतपतवार नाशक के दाम भी बढ़ गए हैं। वहीं बिजली के बिल में 950 रुपये से 1200 रुपये प्रति महीने हो गया है। इससे नलकूप की सिंचाई के रेट भी बढ़े हैं।
----------------
जीएसटी से भी पड़ा है फर्क
कीटनाशक विक्रेताओं का कहना है कि जीएसटी लगने के बाद से उर्वरक और कीटनाशक के मूल्य में इजाफा हो गया है। उर्वरक पर पहले जहां टैक्स शून्य था। अब पांच फीसदी जीएसटी देना पड़ रहा है। इधर कीटनाशक पर टैक्स पांच से बढ़कर 18 फीसदी कर दिया गया है।
विज्ञापन
-------------
क्या बोले किसान
-------------------
‘ये किसान हित में सही नहीं’
लगातार खाद, बीज पर सरकार पैसे बढ़ा रही है। जो किसानों के हित में ठीक नहीं है। किसान पहले ही परेशान था, अब और मुसीबत सामने आ गई है। -रामौतार
----
‘फसलों के पहले ही नहीं मिल रहे सही दाम’
पहले ही किसानों को अपनी फसल पर अच्छे दाम नहीं मिल पा रहे हैं। ऐसे में बीज, खाद, सिंचाई सब पर रुपये बढ़ा दिए। पहले ही किसानों पर क्या कम मुश्किल थी।
- चंद्रपाल
----
इतने में हो रही फसल
गेहूं- दो लाख हेक्टेयर
आलू-75 हजार हेक्टेयर
कीटनाशक भाव पर एक नजर
खाद पहले अब
डीएपी 1050 1400
पोटाश 550 750
जिंक 300 380
(खाद और पोटाश के भाव प्रति 50 किलो, जिंक के प्रति पांच किलो में हैं।)
---------------
खरपतवार नाशक पहले अब
मेट्रीविजन 1600 2200
-----------------------
बीज पहले अब
आलू 3.5 6.5
गेहूं 18 23
(भाव रुपये प्रति किलो)
उर्वरकों और दवाओं के दाम बढ़े हैं। इससे किसानों के लिए समस्या तो पैदा हुई हैं। इसके लिए किसानों को पशुपालन कर जैविक खाद तैयारी करनी होगी। इससे उनकी लागत घटेगी और मुनाफा बढ़ेगा।
-विनोद कुमार, जिला कृषि अधिकारी
विज्ञापन
बदायूं। सरकार किसानों की आय को दोगुना करने का लगातार प्रयास कर रही है। इसके लिए किसानों को नई-नई तकनीकों के बारे में जानकारी दी जा रही है। वहीं दूसरी ओर बीज, खरपतवार नाशक दवाओं की कीमतों में इजाफा किया जा रहा है। जुलाई में जहां डीएपी एक हजार रुपये प्रति कट्टा (50 किलो) थी। जो अब बढ़कर 14 सौ रुपये तक पहुंच गई है।
साल दर साल फसलों की लागत बढ़ती जा रही है, मगर आमदनी में इजाफा नहीं हो रहा है। इससे किसानों को परिवार का गुजर-बसर करने में परेशानी हो रही है। इतना ही नहीं, हर साल खाद, बीज, कीटनाशक के दामों में इजाफे से किसानों की मुसीबत और बढ़ा दी है। जिले में रबी की फसलों की बुवाई होनी है। इसको लेकर किसान खेतों को तैयार कर रहे हैं। इससे पहले बिजली और डीजल की दरें बढ़ी हैं। बीज और खाद के साथ ही खरतपतवार नाशक के दाम भी बढ़ गए हैं। वहीं बिजली के बिल में 950 रुपये से 1200 रुपये प्रति महीने हो गया है। इससे नलकूप की सिंचाई के रेट भी बढ़े हैं।
विज्ञापन
----------------
जीएसटी से भी पड़ा है फर्क
कीटनाशक विक्रेताओं का कहना है कि जीएसटी लगने के बाद से उर्वरक और कीटनाशक के मूल्य में इजाफा हो गया है। उर्वरक पर पहले जहां टैक्स शून्य था। अब पांच फीसदी जीएसटी देना पड़ रहा है। इधर कीटनाशक पर टैक्स पांच से बढ़कर 18 फीसदी कर दिया गया है।
विज्ञापन
-------------
क्या बोले किसान
-------------------
‘ये किसान हित में सही नहीं’
लगातार खाद, बीज पर सरकार पैसे बढ़ा रही है। जो किसानों के हित में ठीक नहीं है। किसान पहले ही परेशान था, अब और मुसीबत सामने आ गई है। -रामौतार
----
‘फसलों के पहले ही नहीं मिल रहे सही दाम’
पहले ही किसानों को अपनी फसल पर अच्छे दाम नहीं मिल पा रहे हैं। ऐसे में बीज, खाद, सिंचाई सब पर रुपये बढ़ा दिए। पहले ही किसानों पर क्या कम मुश्किल थी।
- चंद्रपाल
----
इतने में हो रही फसल
गेहूं- दो लाख हेक्टेयर
आलू-75 हजार हेक्टेयर
कीटनाशक भाव पर एक नजर
खाद पहले अब
डीएपी 1050 1400
पोटाश 550 750
जिंक 300 380
(खाद और पोटाश के भाव प्रति 50 किलो, जिंक के प्रति पांच किलो में हैं।)
---------------
खरपतवार नाशक पहले अब
मेट्रीविजन 1600 2200
-----------------------
बीज पहले अब
आलू 3.5 6.5
गेहूं 18 23
(भाव रुपये प्रति किलो)
उर्वरकों और दवाओं के दाम बढ़े हैं। इससे किसानों के लिए समस्या तो पैदा हुई हैं। इसके लिए किसानों को पशुपालन कर जैविक खाद तैयारी करनी होगी। इससे उनकी लागत घटेगी और मुनाफा बढ़ेगा।
-विनोद कुमार, जिला कृषि अधिकारी