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Budaun News: डेबिट कार्ड बदलकर किसान के खाते से 78 हजार निकाले
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बदायूं। सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के मोहल्ला महाराजनगर निवासी किसान छोटे लाल का डेबिट कार्ड बदलकर 23 नवंबर को 78 हजार रुपये ठगों ने निकाल लिए। सोमवार को वह शिकायत दर्ज कराने साइबर थाने में पहुंचे, जहां से उन्हें मामला ठगी का बताते हुए बैंक मैनेजर के पास भेज दिया गया। बैंक में भी सुनवाई न होने से किसान भटक रहा है।
छोटे लाल ने बताया कि 20 नवंबर को उसने मंडी समिति के सामने लगे एसबीआई बैंक के एटीएम से दो हजार रुपये निकाले थे। 23 नवंबर की सुबह दस बजे दोबारा रुपये निकालने गए। डेबिट कार्ड एटीएम मशीन में लगाने के बाद रुपये नहीं निकले। इस दौरान वहां दो युवक मौजूद थे। उन्होंने डेबिट कार्ड हाथ में लेकर कहा, लाओ हम निकाल देते हैं।
उन्होंने डेबिट कार्ड ले लिया और रुपये निकालकर दे दिए। वह डेबिट कार्ड लेकर घर आ गया। कुछ ही देर में उनके पास 78 हजार रुपये अलग-अलग एटीएम से निकाले जाने का मेसेज आया। जब उसने अपना डेबिट कार्ड देखा तो वह किसी दूसरे का निकला।
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इसके बाद वह भागा, लेकिन रविवार होने की वजह से वह कहीं शिकायत नहीं कर सका। सोमवार को वह साइबर थाने पहुंचा। वहां बताया गया कि यह कोई साइबर ठगी नहीं है। यह तो धोखाधड़ी का मामला है। थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई जाए या फिर बैंक के मैनेजर को इसकी जानकारी देनी चाहिए। थाना प्रभारी विनोदवर्धन का कहना है कि इस तरह की ठगी साइबर ठगी में नहीं आती है। बैंक मैनेजर ही इसका उपाय बताएंगे।
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छोटे लाल ने बताया कि 20 नवंबर को उसने मंडी समिति के सामने लगे एसबीआई बैंक के एटीएम से दो हजार रुपये निकाले थे। 23 नवंबर की सुबह दस बजे दोबारा रुपये निकालने गए। डेबिट कार्ड एटीएम मशीन में लगाने के बाद रुपये नहीं निकले। इस दौरान वहां दो युवक मौजूद थे। उन्होंने डेबिट कार्ड हाथ में लेकर कहा, लाओ हम निकाल देते हैं।
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उन्होंने डेबिट कार्ड ले लिया और रुपये निकालकर दे दिए। वह डेबिट कार्ड लेकर घर आ गया। कुछ ही देर में उनके पास 78 हजार रुपये अलग-अलग एटीएम से निकाले जाने का मेसेज आया। जब उसने अपना डेबिट कार्ड देखा तो वह किसी दूसरे का निकला।
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इसके बाद वह भागा, लेकिन रविवार होने की वजह से वह कहीं शिकायत नहीं कर सका। सोमवार को वह साइबर थाने पहुंचा। वहां बताया गया कि यह कोई साइबर ठगी नहीं है। यह तो धोखाधड़ी का मामला है। थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई जाए या फिर बैंक के मैनेजर को इसकी जानकारी देनी चाहिए। थाना प्रभारी विनोदवर्धन का कहना है कि इस तरह की ठगी साइबर ठगी में नहीं आती है। बैंक मैनेजर ही इसका उपाय बताएंगे।