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अब प्रधान, गणमान्य लोग बांटेंगे पोषाहार
Updated Sun, 29 Jul 2018 12:00 AM IST
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अब प्रधान, गणमान्य
लोग बांटेंगे पोषाहार
आशा, आंगनबाड़ी वर्कर नहीं करेंगी पोषाहार का वितरण
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। डीएम दिनेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में राज्य पोषण मिशन के तहत जिला स्तरीय पोषण समिति की बैठक हुई। उन्होंने सुपरवाइजरों को निर्देश दिए कि एक से सात अगस्त तक स्तनपान सप्ताह चलाया जाए। एएनएम, सुपरवाइजर, आशा, आंगनबाड़ी घर-घर जाकर गर्भवती महिलाओं को शिशु पैदा होने के एक घंटे के अंदर स्तनपान कराने के बारे में बताएं। डीएम ने कहा कि अब आशा, आंगनबाड़ी, पोषाहार का वितरण नहीं करेंगी। प्रधान या गणमान्य लोग पोषाहार का वितरण कराएंगे
डीएम ने कहा कि मां का पहला दूध नवजात शिशु के लिए अमृत होता है। मां का पहला गाढ़ा पीला दूध बच्चों के रोगों से लड़ने की क्षमता नौ गुना तक बढ़ा देता है। बच्चों को सात वर्ष तक कोई बीमारी नहीं आती है। मां का पहला दूध पीने से बच्चा जीवन में कभी भी कुपोषित नहीं होता। यह ध्यान रखा जाए कि नवजात को मां का पहला गाढ़ा पीला दूध एक घंटे के अंदर मिल जाए। महिलाओं को जागरूक किया जाए कि दो बच्चों के बीच में कम से कम तीन वर्ष का अंतर अवश्य रखें।
उन्होंने कहा कि कोई आशा और आंगनबाड़ी वर्कर पुष्टाहार नहीं बांटेगी। 5 अगस्त को पोषाहार वितरण में महाअभियान के रूप में चलाकर महिलाओं को जागरूक किया जाए। गांव के लाल श्रेणी वाले अति कुपोषित बच्चों को जिला अस्पताल के एनआरसी सेंटर में भर्ती कराएं। जिससे वह लाल श्रेणी से बाहर आ सकें। इस अवसर पर डीपीओ भोलानाथ गंगवार, एसीएमओ डॉ. रंजीत सिंह आदि मौजूद रहे।
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अब प्रधान, गणमान्य
लोग बांटेंगे पोषाहार
आशा, आंगनबाड़ी वर्कर नहीं करेंगी पोषाहार का वितरण
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। डीएम दिनेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में राज्य पोषण मिशन के तहत जिला स्तरीय पोषण समिति की बैठक हुई। उन्होंने सुपरवाइजरों को निर्देश दिए कि एक से सात अगस्त तक स्तनपान सप्ताह चलाया जाए। एएनएम, सुपरवाइजर, आशा, आंगनबाड़ी घर-घर जाकर गर्भवती महिलाओं को शिशु पैदा होने के एक घंटे के अंदर स्तनपान कराने के बारे में बताएं। डीएम ने कहा कि अब आशा, आंगनबाड़ी, पोषाहार का वितरण नहीं करेंगी। प्रधान या गणमान्य लोग पोषाहार का वितरण कराएंगे
डीएम ने कहा कि मां का पहला दूध नवजात शिशु के लिए अमृत होता है। मां का पहला गाढ़ा पीला दूध बच्चों के रोगों से लड़ने की क्षमता नौ गुना तक बढ़ा देता है। बच्चों को सात वर्ष तक कोई बीमारी नहीं आती है। मां का पहला दूध पीने से बच्चा जीवन में कभी भी कुपोषित नहीं होता। यह ध्यान रखा जाए कि नवजात को मां का पहला गाढ़ा पीला दूध एक घंटे के अंदर मिल जाए। महिलाओं को जागरूक किया जाए कि दो बच्चों के बीच में कम से कम तीन वर्ष का अंतर अवश्य रखें।
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उन्होंने कहा कि कोई आशा और आंगनबाड़ी वर्कर पुष्टाहार नहीं बांटेगी। 5 अगस्त को पोषाहार वितरण में महाअभियान के रूप में चलाकर महिलाओं को जागरूक किया जाए। गांव के लाल श्रेणी वाले अति कुपोषित बच्चों को जिला अस्पताल के एनआरसी सेंटर में भर्ती कराएं। जिससे वह लाल श्रेणी से बाहर आ सकें। इस अवसर पर डीपीओ भोलानाथ गंगवार, एसीएमओ डॉ. रंजीत सिंह आदि मौजूद रहे।
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