{"_id":"56ec156f4f1c1b66258b4fdb","slug":"7-50-crore-will-be-spent-on-roads-in-ujhani","type":"story","status":"publish","title_hn":"उझानी में सड़कों पर खर्च होंगे 7.50 करोड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उझानी में सड़कों पर खर्च होंगे 7.50 करोड़
ब्यूरो /उझानी (बदायूं)।
Updated Sat, 19 Mar 2016 12:16 AM IST
विज्ञापन
सड़क
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नगर पालिका परिषद बोर्ड ने पास किया 16.68 करोड़ रुपये का बजट
ठेके पर रखे जाएंगे सफाई कर्मी, सेलफोन टॉवर संचालन पर लगेगा कर
नगर पालिका परिषद बोर्ड की बैठक में शुक्रवार को बजट पेश किया गया। नागरिकों को सुविधाओं और कार्यालय की व्यवस्थाओं पर चर्चा करते हुए प्रशासनिक स्तर से कई प्रस्ताव रखे गए। सदस्यों ने चर्चा में हिस्सा लेते हुए अपने-अपने वार्डों को लेकर पक्ष भी रखा। 16.68 करोड़ रुपये के बजट में साढ़े सात करोड़ की धनराशि सड़कों के निर्माण पर खर्च होगी।
पालिका के सामुदायिक भवन में बोर्ड की बैठक में अध्यक्ष पूनम अग्रवाल ने प्रशासनिक स्तर के प्रस्तावों पर गौर करते हुए उन्हें बोर्ड के समक्ष रखा। कहा कि नागरिकों को बेहतर सुविधा मुहैया कराने के लिए बेहतर तरीके से योजनाओं का क्रियान्वयन किया जाएगा। दिसंबर-2015 से फरवरी-2016 तक का आय-व्यय और जन्म-मृत्यु के आंकडे़ भी पेश किए गए। सफाई व्यवस्था को लेकर 20 लोगों को ठेके पर रखने और जलापूर्ति व्यवस्था के मद्देनजर 16 पंप आपरेटर लगाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी प्रदान की गई। कार्यालय में कंप्यूटर संचालन को ठेके पर दो कर्मचारियों को भी लगाया जाएगा।
वित्तीय वर्ष- 2016-17 के लिए 16.68 करोड़ रुपये में सर्वाधिक साढ़े सात करोड़ की धनराशि सड़कों के निर्माण पर व्यय की जाएगी। बाकी की रकम में से पेयजल, सफाई, कर्मचारियों के वेतन और पेंशन आदि पर खर्चा होगा। पालिकाध्यक्ष ने सदस्यों को भरोसा भी दिलाया कि प्रत्येक वार्ड में विकास कार्य प्राथमिकता के आधार पर होंगे। बोर्ड ने नगर क्षेत्र में सेलफोन कंपनियों के टॉवर संचालन के लिए शुल्क वसूलने पर भी सहमति प्रदान की। वसूली प्रक्रिया शुरू होने में हालांकि अभी वक्त लगेगा लेकिन अगली बैठक में इसे अमली जामा पहना दिया जाएगा। नये टॉवर लगाने को पांच हजार रुपया आवेदन शुल्क और वार्षिक शुल्क 25 हजार रुपया रहेगा।
विज्ञापन
प्रशासनिक स्तर के प्रस्तावों पर ईओ संजय कुमार तिवारी की ओर से पक्ष रखा गया। बताया कि पिछले साल के बजट में कई बड़े कार्य भी कराए गए थे। बोर्ड की बैठक में पालिका सदस्य राकेश सक्सेना और नामित रंधावा सिंह को छोड़ अन्य सभी ने हिस्सा लिया। सदस्यों में प्रवीण कुमार मित्तल, अरुण अग्रवाल, रामप्रवेश यादव, सत्येंद्र कुमार गुप्ता, विशन कुमार, मीरजहां और हेमलता आदि ने चर्चा को भी आगे बढ़ाया।
कई करों में हुई वृद्धि
ईओ संजय कुमार तिवारी ने बताया कि घरेलू भवन के नक्शे का शुल्क पांच सौ से बढ़ाकर एक हजार रुपया, व्यावसायिक भवनों के निर्माण का नक्शा शुल्क एक हजार से बढ़ाकर 25 सौ रुपया, टैंकर पानी शुल्क तीन सौ 50 रुपया से बढ़ाकर पांच सौ रुपया कर दिया गया है। घरेलू जल मूल्य 12 रुपया के स्थान पर 25 रुपया प्रति माह और व्यावसायिक जल मूल्य 18 रुपये के स्थान पर 55 रुपया किया गया है। ठेकेदार पंजीकरण शुल्क में दो हजार की वृद्धि कर उसे 31 सौ रुपया किया गया। आरक्षित वर्ग को 21 सौ रुपया पंजीकरण शुल्क चुकाना होगा।
बजट में जो शुल्क बढ़ाए गए हैं, उनका सीधा फायदा नागरिकों को मिलेगा। आमदनी बढ़ने से विकास कार्य भी तेज होंगे। लोगों को बेहतर सुविधा मुहैया कराने के संसाधनों में भी वृद्धि की जाएगी। पेयजल और पथ प्रकाश व्यवस्था पहले से ही काफी अच्छी है, लेकिन इसमें सुधार भी किया जाएगा। - पूनम अग्रवाल, पालिकाध्यक्ष।
विज्ञापन
ठेके पर रखे जाएंगे सफाई कर्मी, सेलफोन टॉवर संचालन पर लगेगा कर
नगर पालिका परिषद बोर्ड की बैठक में शुक्रवार को बजट पेश किया गया। नागरिकों को सुविधाओं और कार्यालय की व्यवस्थाओं पर चर्चा करते हुए प्रशासनिक स्तर से कई प्रस्ताव रखे गए। सदस्यों ने चर्चा में हिस्सा लेते हुए अपने-अपने वार्डों को लेकर पक्ष भी रखा। 16.68 करोड़ रुपये के बजट में साढ़े सात करोड़ की धनराशि सड़कों के निर्माण पर खर्च होगी।
पालिका के सामुदायिक भवन में बोर्ड की बैठक में अध्यक्ष पूनम अग्रवाल ने प्रशासनिक स्तर के प्रस्तावों पर गौर करते हुए उन्हें बोर्ड के समक्ष रखा। कहा कि नागरिकों को बेहतर सुविधा मुहैया कराने के लिए बेहतर तरीके से योजनाओं का क्रियान्वयन किया जाएगा। दिसंबर-2015 से फरवरी-2016 तक का आय-व्यय और जन्म-मृत्यु के आंकडे़ भी पेश किए गए। सफाई व्यवस्था को लेकर 20 लोगों को ठेके पर रखने और जलापूर्ति व्यवस्था के मद्देनजर 16 पंप आपरेटर लगाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी प्रदान की गई। कार्यालय में कंप्यूटर संचालन को ठेके पर दो कर्मचारियों को भी लगाया जाएगा।
विज्ञापन
वित्तीय वर्ष- 2016-17 के लिए 16.68 करोड़ रुपये में सर्वाधिक साढ़े सात करोड़ की धनराशि सड़कों के निर्माण पर व्यय की जाएगी। बाकी की रकम में से पेयजल, सफाई, कर्मचारियों के वेतन और पेंशन आदि पर खर्चा होगा। पालिकाध्यक्ष ने सदस्यों को भरोसा भी दिलाया कि प्रत्येक वार्ड में विकास कार्य प्राथमिकता के आधार पर होंगे। बोर्ड ने नगर क्षेत्र में सेलफोन कंपनियों के टॉवर संचालन के लिए शुल्क वसूलने पर भी सहमति प्रदान की। वसूली प्रक्रिया शुरू होने में हालांकि अभी वक्त लगेगा लेकिन अगली बैठक में इसे अमली जामा पहना दिया जाएगा। नये टॉवर लगाने को पांच हजार रुपया आवेदन शुल्क और वार्षिक शुल्क 25 हजार रुपया रहेगा।
विज्ञापन
प्रशासनिक स्तर के प्रस्तावों पर ईओ संजय कुमार तिवारी की ओर से पक्ष रखा गया। बताया कि पिछले साल के बजट में कई बड़े कार्य भी कराए गए थे। बोर्ड की बैठक में पालिका सदस्य राकेश सक्सेना और नामित रंधावा सिंह को छोड़ अन्य सभी ने हिस्सा लिया। सदस्यों में प्रवीण कुमार मित्तल, अरुण अग्रवाल, रामप्रवेश यादव, सत्येंद्र कुमार गुप्ता, विशन कुमार, मीरजहां और हेमलता आदि ने चर्चा को भी आगे बढ़ाया।
कई करों में हुई वृद्धि
ईओ संजय कुमार तिवारी ने बताया कि घरेलू भवन के नक्शे का शुल्क पांच सौ से बढ़ाकर एक हजार रुपया, व्यावसायिक भवनों के निर्माण का नक्शा शुल्क एक हजार से बढ़ाकर 25 सौ रुपया, टैंकर पानी शुल्क तीन सौ 50 रुपया से बढ़ाकर पांच सौ रुपया कर दिया गया है। घरेलू जल मूल्य 12 रुपया के स्थान पर 25 रुपया प्रति माह और व्यावसायिक जल मूल्य 18 रुपये के स्थान पर 55 रुपया किया गया है। ठेकेदार पंजीकरण शुल्क में दो हजार की वृद्धि कर उसे 31 सौ रुपया किया गया। आरक्षित वर्ग को 21 सौ रुपया पंजीकरण शुल्क चुकाना होगा।
बजट में जो शुल्क बढ़ाए गए हैं, उनका सीधा फायदा नागरिकों को मिलेगा। आमदनी बढ़ने से विकास कार्य भी तेज होंगे। लोगों को बेहतर सुविधा मुहैया कराने के संसाधनों में भी वृद्धि की जाएगी। पेयजल और पथ प्रकाश व्यवस्था पहले से ही काफी अच्छी है, लेकिन इसमें सुधार भी किया जाएगा। - पूनम अग्रवाल, पालिकाध्यक्ष।