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जिले के हड़ताल पर बैठे 25 लेखपाल निलंबित
Updated Thu, 12 Jul 2018 10:32 PM IST
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हड़ताल में शामिल 25
लेखपाल निलंबित
93 नवीन लेखपालों को सेवा समाप्ति की नोटिस
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। लेखपाल अपनी मांगों को लेकर 19 जून से काली पट्टी बांधकर विरोध कर रहे हैं। शासन ने उनकी मांगें नहीं मानी तो नौ जुलाई से संपूर्ण कार्य बहिष्कार करते हुए मालवीय आवास पर धरना प्रदर्शन कर रहे है। इसको लेकर शासन की ओर से एस्मा लागू किया गया। जिसके बाद भी लेखपालों ने अपनी हड़ताल जारी रखी। जिसको ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन की ओर से लेखपालों के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई की गई है। इसमें 25 लेखपालों को निलंबित, 93 को सेवा सामप्ति का नोटिस जारी की गई है।
उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में लेखपाल आठ सूत्री मांगों को लेकर हड़ताल पर है। 19 जून को सदर तहसील में काली पट्टी बांधकर एक दिन का धरना प्रदर्शन भी किया गया था। जिसके बाद इन लोगों ने 25 जून तक काली पट्टी बांध विरोध जताते हुए काम किया। जब शासन ने उनकी मांग पूरी नहीं की तो 26 जून से दो जुलाई तक ऑनलाइन प्रमाण पत्र बनाने का काम बंद कर दिया। इसके बावजूद शासन ने नहीं सुनी तो इससे गुस्साए लेखपालों ने तीन से सात जुलाई तक तहसील मुख्यालयों पर धरना प्रदर्शन किया। फिर नौ जुलाई से जिला मुख्यालय स्थित मालवीय आवास पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस बीच प्रदेश सरकार ने लेखपालों के लिए एसेंशियल सर्विसेज, मैनेजमेंट एक्ट (एस्मा) लागू कर दी। इसके तहत लेखपाल हड़ताल नहीं कर सकते हैं। लेकिन फिर भी लेखपाल अपनी मांगों को लेकर डटे रहे। इसको लेकर गुरुवार को डीएम दिनेश कुमार सिंह के निर्देश पर एडीएम प्रशासन अजय कुमार श्रीवास्तव ने उप्र लेखपाल संघ के 25 पदाधिकारियों को निलंबित कर दिया। साथ ही 93 नवीन लेखपालों को सेवा समाप्ति की नोटिस दी है। इसके साथ ही अगले आदेशों तक नो वर्क नो पे के आधार पर सभी लेखपालों का वेतन रोक दिया है। ---
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यह है लेखपालों की मांग
वेतन उच्चीकरण, वेतन विसंगति, पेंशन विसंगति, भत्तों में वृद्धि, राजस्व परिषद द्वारा प्रस्तावित राजस्व उपनिरीक्षक सेवा नियमावली 2017 को कैबिनेट से पारित कराना, लैपटॉप और स्मार्टफोन, प्रोन्नति, आधारभूत सुविधाएं एवं संसाधन
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वर्जन
जो कार्रवाई करनी है कर लें, लेकिन हम लोग अपनी मांगों को पूरा करवा कर ही रहेंगे। कलम बंद हड़ताल के दौरान जो भी होगा वह भी हड़ताल का ही पार्ट है। हमारा धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।
- भोजराज सिंह यादव, जिलाध्यक्ष, उप्र लेखपाल संघ
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शासन के निर्देशों के अनुसार काम किया जा रहा है। शासन की ओर से एस्मा लगाई गई है। लेकिन लेखपालों ने हड़ताल खत्म नहीं की। इसके चलते यह कार्रवाई की गई है।
-अजय कुमार श्रीवास्तव, एडीएम प्रशासन
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लेखपाल निलंबित
93 नवीन लेखपालों को सेवा समाप्ति की नोटिस
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। लेखपाल अपनी मांगों को लेकर 19 जून से काली पट्टी बांधकर विरोध कर रहे हैं। शासन ने उनकी मांगें नहीं मानी तो नौ जुलाई से संपूर्ण कार्य बहिष्कार करते हुए मालवीय आवास पर धरना प्रदर्शन कर रहे है। इसको लेकर शासन की ओर से एस्मा लागू किया गया। जिसके बाद भी लेखपालों ने अपनी हड़ताल जारी रखी। जिसको ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन की ओर से लेखपालों के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई की गई है। इसमें 25 लेखपालों को निलंबित, 93 को सेवा सामप्ति का नोटिस जारी की गई है।
उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में लेखपाल आठ सूत्री मांगों को लेकर हड़ताल पर है। 19 जून को सदर तहसील में काली पट्टी बांधकर एक दिन का धरना प्रदर्शन भी किया गया था। जिसके बाद इन लोगों ने 25 जून तक काली पट्टी बांध विरोध जताते हुए काम किया। जब शासन ने उनकी मांग पूरी नहीं की तो 26 जून से दो जुलाई तक ऑनलाइन प्रमाण पत्र बनाने का काम बंद कर दिया। इसके बावजूद शासन ने नहीं सुनी तो इससे गुस्साए लेखपालों ने तीन से सात जुलाई तक तहसील मुख्यालयों पर धरना प्रदर्शन किया। फिर नौ जुलाई से जिला मुख्यालय स्थित मालवीय आवास पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस बीच प्रदेश सरकार ने लेखपालों के लिए एसेंशियल सर्विसेज, मैनेजमेंट एक्ट (एस्मा) लागू कर दी। इसके तहत लेखपाल हड़ताल नहीं कर सकते हैं। लेकिन फिर भी लेखपाल अपनी मांगों को लेकर डटे रहे। इसको लेकर गुरुवार को डीएम दिनेश कुमार सिंह के निर्देश पर एडीएम प्रशासन अजय कुमार श्रीवास्तव ने उप्र लेखपाल संघ के 25 पदाधिकारियों को निलंबित कर दिया। साथ ही 93 नवीन लेखपालों को सेवा समाप्ति की नोटिस दी है। इसके साथ ही अगले आदेशों तक नो वर्क नो पे के आधार पर सभी लेखपालों का वेतन रोक दिया है। ---
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यह है लेखपालों की मांग
वेतन उच्चीकरण, वेतन विसंगति, पेंशन विसंगति, भत्तों में वृद्धि, राजस्व परिषद द्वारा प्रस्तावित राजस्व उपनिरीक्षक सेवा नियमावली 2017 को कैबिनेट से पारित कराना, लैपटॉप और स्मार्टफोन, प्रोन्नति, आधारभूत सुविधाएं एवं संसाधन
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वर्जन
जो कार्रवाई करनी है कर लें, लेकिन हम लोग अपनी मांगों को पूरा करवा कर ही रहेंगे। कलम बंद हड़ताल के दौरान जो भी होगा वह भी हड़ताल का ही पार्ट है। हमारा धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।
- भोजराज सिंह यादव, जिलाध्यक्ष, उप्र लेखपाल संघ
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शासन के निर्देशों के अनुसार काम किया जा रहा है। शासन की ओर से एस्मा लगाई गई है। लेकिन लेखपालों ने हड़ताल खत्म नहीं की। इसके चलते यह कार्रवाई की गई है।
-अजय कुमार श्रीवास्तव, एडीएम प्रशासन