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बाढ़ पीड़ितों को प्रशासन ने दिया 60 लाख का मुआवजा
Updated Fri, 21 Sep 2018 12:09 AM IST
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बदायूं। कई साल बाद जिले में मानसून ने अपना असर दिखाया तो दातागंज और सहसवान तहसील क्षेत्र में आई बाढ़ ने हजारों लोगों को प्रभावित किया। खेतों में खड़ी फसलें पूरी तरह से बाढ़ की भेंट चढ़ गईं। करोड़ों रुपये की आर्थिक हानि भी हुई। शासन की ओर से बाढ़ प्रभावितों को आंसू पोंछने जितनी राहत सामग्री दी गई। प्रशासन के आंकड़ों पर गौर करें तो इस साल इन तहसील क्षेत्रों में 60 लाख की नुकसान हुआ। 763.178 हेक्टेयर भूमि बाढ़ में समा गई। इसमें 480 हेक्टेयर कृषि भूमि थी। छोटे-बड़े मिलाकर 79 मकान बाढ़ की भेंट चढ़े। दावा भी किया गया है कि बाढ़ पीड़ितों को अपने कच्चे-पक्के मकान सही कराने को शासन से मिली धनराशि भी दे दी गई है, इनमें दातागंज तहसील के पीड़ितों को 25 लाख और सहसवान क्षेत्र के प्रभावितों को एक लाख रुपये दिए गए हैं।
इस साल जिले में करीब एक दशक के बाद मानसूनी बरसात उम्मीद से ज्यादा हुई। चूंकि जिले में तहसील दातागंज में रामगंगा और सहसवान में गंगा बहती है, तो जब भी ज्यादा वर्षा होती है तो यही तहसील के गांव अधिक प्रभावित होते हैं। दातागंज तहसील क्षेत्र में इस साल रामगंगा के दूसरी पार बसे लगभग 50 गांव बाढ़ की चपेट में रहे। जहां पर आने-जाने का रास्ता भी पूरी तरह से कट गया। सहसवान तहसील क्षेत्र के कुछेक गांव ही बाढ़ की चपटे में आए। हालांकि जो भी गांव बाढ़ की गिरफ्त में रहे वहां पर लोगों का काफी नुकसान हुआ। यह दीगर है कि प्रशासन की नजर में उनके क्षति कम आंकी गई। यदि प्रशासन के आंकड़ों पर ही गौर करें तो इस साल दोनों तहसील क्षेत्र में बाढ़ से कुल 60 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। प्रशासन ने बाढ़ की भेंट चढ़ी जमीन का जो रिकार्ड तैयार किया है उसके मुताबिक दोनों तहसील में 763.178 हेक्टेयर भूमि बाढ़ में समाई। इसमें मात्र 480 हेक्टेयर भूमि कृषि योग्य थी। 200 सौ हेक्टेयर भूमि में धान,बाजरा आदि की फसल थी जो नष्ट हो गई। 10.178 हेक्टेयर भूमि बाढ़ में पूरी तरह से कट गई।
कितने गिरे कच्चे-पक्के मकान
बदायूं। सैकड़ों गांव प्रभावित हुए। सूबे के सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह के साथ ही सांसद आंवला धर्मेंद्र कश्यप, विधायक दातागंज राजीव कुमार सिंह के साथ ही डीएम दिनेश कुमार ने कई बार बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। मौके पर जाकर उन्होंने नुकसान को भी देखा। बहुत से ग्रामीणों के कच्चे-पक्के मकान और झोपड़ी बाढ़ की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गए। अब प्रशासन के आंकड़ों को देखें तो इस साल बाढ़ से 27 पक्के मकान, 10 कच्चे मकान, 37 झोपड़ी और पांच पक्के मकान आंशिक रूप से धराशायी हुए। इस तरह इन सभी मकानों की संख्या 59 हुई।
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पीड़ित परिवारों के कैसे पोंछे गए आंसू..
बदायूं। बाढ़ प्रभावित तहसील दातागंज और सहसवान के लोगों के जानवरों की जान बचाने को 389.05 क्विंटल भूसा दिया गया। सहसवान क्षेत्र के प्रभावितों को 566 लीटर केरोसिन दिया गया। ताकि वह अपने घर में रोशनी कर सकें। प्रशासन के नियम के मुताबिक प्रत्येक बाढ़ प्रभावित एक परिवार को अधिकतम छह मीटर त्रिपाल दिया जाता है। सभी 289 पीड़ित परिवारों को 1734 मीटर त्रिपाल दिया गया। जिन लोगों के मकान बाढ़ में समाए हैं, उन्हें भी राहत राशि दी गई। तहसील दातागंज को 25 लाख और सहसवान को मात्र एक लाख रुपये दिए गए हैं। शासन का जो मानक है उसके मुताबिक पक्के मकान पर 95 हजार, कच्चे मकान को 32 सौ रुपये, आंशिक रूप से गिरे मकान के स्वामी को 52 सौ रुपये और झोपड़ी वाले को 46 सौ रुपये दिए जाते हैं। बाढ़ प्रभावितों में दातागंज क्षेत्र को 1100 और सहसवान तहसील क्षेत्र को पांच सौ राहत सामग्री के पैकेट दिए गए। इन पैकेटों पर 20 लाख 36 हजार रुपये की रकम व्यय हुई।
इस साल हुई 630.50 एमएम बारिश
बदायूं। इस साल के आंकड़ों पर गौर करें तो जून में 6.75 एमएम, जुलाई में 214.50 एमएम, अगस्त में 353.50 एमएम और सितंबर माह में 55.75 एमएम वर्षा हुई है। जिले में 630.50 एमएम वर्षा रिकार्ड की गई है। जो गत वर्ष से अब तक जिले में 134.25 एमएम ज्यादा हुई है। क्योंकि गत वर्ष 496.75 एमएम बारिश हुई।
अब तक जो सर्वें हुआ है। इसमें प्रथम दृष्टया 79 मकान को नुकसान हुआ और करीब 200 हेक्टेयर कृषि भूमि बाढ़ में समा गई। बाकी अभी सर्वे का काम चल रहा है।
- महेंद्र सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व
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इस साल जिले में करीब एक दशक के बाद मानसूनी बरसात उम्मीद से ज्यादा हुई। चूंकि जिले में तहसील दातागंज में रामगंगा और सहसवान में गंगा बहती है, तो जब भी ज्यादा वर्षा होती है तो यही तहसील के गांव अधिक प्रभावित होते हैं। दातागंज तहसील क्षेत्र में इस साल रामगंगा के दूसरी पार बसे लगभग 50 गांव बाढ़ की चपेट में रहे। जहां पर आने-जाने का रास्ता भी पूरी तरह से कट गया। सहसवान तहसील क्षेत्र के कुछेक गांव ही बाढ़ की चपटे में आए। हालांकि जो भी गांव बाढ़ की गिरफ्त में रहे वहां पर लोगों का काफी नुकसान हुआ। यह दीगर है कि प्रशासन की नजर में उनके क्षति कम आंकी गई। यदि प्रशासन के आंकड़ों पर ही गौर करें तो इस साल दोनों तहसील क्षेत्र में बाढ़ से कुल 60 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। प्रशासन ने बाढ़ की भेंट चढ़ी जमीन का जो रिकार्ड तैयार किया है उसके मुताबिक दोनों तहसील में 763.178 हेक्टेयर भूमि बाढ़ में समाई। इसमें मात्र 480 हेक्टेयर भूमि कृषि योग्य थी। 200 सौ हेक्टेयर भूमि में धान,बाजरा आदि की फसल थी जो नष्ट हो गई। 10.178 हेक्टेयर भूमि बाढ़ में पूरी तरह से कट गई।
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कितने गिरे कच्चे-पक्के मकान
बदायूं। सैकड़ों गांव प्रभावित हुए। सूबे के सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह के साथ ही सांसद आंवला धर्मेंद्र कश्यप, विधायक दातागंज राजीव कुमार सिंह के साथ ही डीएम दिनेश कुमार ने कई बार बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। मौके पर जाकर उन्होंने नुकसान को भी देखा। बहुत से ग्रामीणों के कच्चे-पक्के मकान और झोपड़ी बाढ़ की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गए। अब प्रशासन के आंकड़ों को देखें तो इस साल बाढ़ से 27 पक्के मकान, 10 कच्चे मकान, 37 झोपड़ी और पांच पक्के मकान आंशिक रूप से धराशायी हुए। इस तरह इन सभी मकानों की संख्या 59 हुई।
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पीड़ित परिवारों के कैसे पोंछे गए आंसू..
बदायूं। बाढ़ प्रभावित तहसील दातागंज और सहसवान के लोगों के जानवरों की जान बचाने को 389.05 क्विंटल भूसा दिया गया। सहसवान क्षेत्र के प्रभावितों को 566 लीटर केरोसिन दिया गया। ताकि वह अपने घर में रोशनी कर सकें। प्रशासन के नियम के मुताबिक प्रत्येक बाढ़ प्रभावित एक परिवार को अधिकतम छह मीटर त्रिपाल दिया जाता है। सभी 289 पीड़ित परिवारों को 1734 मीटर त्रिपाल दिया गया। जिन लोगों के मकान बाढ़ में समाए हैं, उन्हें भी राहत राशि दी गई। तहसील दातागंज को 25 लाख और सहसवान को मात्र एक लाख रुपये दिए गए हैं। शासन का जो मानक है उसके मुताबिक पक्के मकान पर 95 हजार, कच्चे मकान को 32 सौ रुपये, आंशिक रूप से गिरे मकान के स्वामी को 52 सौ रुपये और झोपड़ी वाले को 46 सौ रुपये दिए जाते हैं। बाढ़ प्रभावितों में दातागंज क्षेत्र को 1100 और सहसवान तहसील क्षेत्र को पांच सौ राहत सामग्री के पैकेट दिए गए। इन पैकेटों पर 20 लाख 36 हजार रुपये की रकम व्यय हुई।
इस साल हुई 630.50 एमएम बारिश
बदायूं। इस साल के आंकड़ों पर गौर करें तो जून में 6.75 एमएम, जुलाई में 214.50 एमएम, अगस्त में 353.50 एमएम और सितंबर माह में 55.75 एमएम वर्षा हुई है। जिले में 630.50 एमएम वर्षा रिकार्ड की गई है। जो गत वर्ष से अब तक जिले में 134.25 एमएम ज्यादा हुई है। क्योंकि गत वर्ष 496.75 एमएम बारिश हुई।
अब तक जो सर्वें हुआ है। इसमें प्रथम दृष्टया 79 मकान को नुकसान हुआ और करीब 200 हेक्टेयर कृषि भूमि बाढ़ में समा गई। बाकी अभी सर्वे का काम चल रहा है।
- महेंद्र सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व