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Budaun News: आईपीएमएस पोर्टल पर पंजीकरण न कराने पर 37 लाइसेंस निलंबित
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बदायूं। एकीकृत कीटनाशक प्रबंधन प्रणाली (आईपीएमएस) पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन न कराने पर 37 कीटनाशक विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। साथ ही अन्य विक्रेताओं को तीन दिन का समय दिया है। अगर उन्होंने भी पंजीकरण नहीं कराया तो उनके भी लाइसेंस निलंबित कर दिए जाएंगे।
जनपद में कीटनाशक विक्रेताओं के लिए एकीकृत कीटनाशक प्रबंधन प्रणाली (आईपीएमएस) पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने सभी विक्रेताओं को निर्देश दिए हैं कि वे शीघ्र पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराए। निर्देशों के बावजूद कई विक्रेताओं की ओर से अब तक पंजीकरण नहीं कराया गया है। इस पर सख्ती दिखाते हुए विभाग ने 37 कीटनाशक विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं।साथ ही उन्हें तत्काल पोर्टल पर पंजीकरण कराने के निर्देश दिए गए हैं।
विभाग के अनुसार, पोर्टल के माध्यम से सभी विक्रेता अपने कीटनाशक स्टॉक और बिक्री का विवरण ऑनलाइन दर्ज करेंगे। इससे पूरे सिस्टम में पारदर्शिता आएगी और किसानों को गुणवत्तापूर्ण उत्पाद उपलब्ध हो सकेंगे। साथ ही कृषि विभाग ऑनलाइन मॉनिटरिंग कर सकेगा। जिससे अमानक और नकली कीटनाशकों की बिक्री पर रोक लगाई जा सकेगी।
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जिला कृषि अधिकारी मनोज रावत ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि शेष विक्रेताओं ने तीन दिन के भीतर पंजीकरण नहीं कराया तो उनके खिलाफ कीटनाशी अधिनियम के तहत लाइसेंस निलंबन या निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। विक्रेता स्वयं या नजदीकी जन सेवा केंद्र के माध्यम से भी आईपीएमएस पोर्टल पर आसानी से पंजीकरण करा सकते हैं।
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जनपद में कीटनाशक विक्रेताओं के लिए एकीकृत कीटनाशक प्रबंधन प्रणाली (आईपीएमएस) पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने सभी विक्रेताओं को निर्देश दिए हैं कि वे शीघ्र पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराए। निर्देशों के बावजूद कई विक्रेताओं की ओर से अब तक पंजीकरण नहीं कराया गया है। इस पर सख्ती दिखाते हुए विभाग ने 37 कीटनाशक विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं।साथ ही उन्हें तत्काल पोर्टल पर पंजीकरण कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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विभाग के अनुसार, पोर्टल के माध्यम से सभी विक्रेता अपने कीटनाशक स्टॉक और बिक्री का विवरण ऑनलाइन दर्ज करेंगे। इससे पूरे सिस्टम में पारदर्शिता आएगी और किसानों को गुणवत्तापूर्ण उत्पाद उपलब्ध हो सकेंगे। साथ ही कृषि विभाग ऑनलाइन मॉनिटरिंग कर सकेगा। जिससे अमानक और नकली कीटनाशकों की बिक्री पर रोक लगाई जा सकेगी।
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जिला कृषि अधिकारी मनोज रावत ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि शेष विक्रेताओं ने तीन दिन के भीतर पंजीकरण नहीं कराया तो उनके खिलाफ कीटनाशी अधिनियम के तहत लाइसेंस निलंबन या निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। विक्रेता स्वयं या नजदीकी जन सेवा केंद्र के माध्यम से भी आईपीएमएस पोर्टल पर आसानी से पंजीकरण करा सकते हैं।