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किशोर को अगवा कर हत्या के जुर्म में दो सगे भाइयों समेत तीन को उम्रकैद
Updated Fri, 20 Jul 2018 11:50 PM IST
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किशोर को अगवा कर हत्या के जुर्म में दो सगे भाइयों समेत तीन को उम्रकैद
43-43 हजार का जुर्माना भी लगाया
11 साल पहले उझानी नगर में हुई थी घटना
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। करीब 11 साल पहले एक किशोर की अपहरण के बाद हत्या कर दी गई थी। इस मुकदमे में अपर सत्र न्यायाधीश अंगद प्रसाद ने फैसला सुनाते हुए दो सगे भाइयों समेत तीन को उम्र कैद की सजा सुनाई है। तीनों पर 43-43 हजार का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा किए जाने पर उसमें से वादी को 75 फीसदी देने का भी आदेश सुनाया है।
उझानी थाने में वहीं के मोहल्ला अयोध्यागंज निवासी ब्रजभान शर्मा पुत्र लक्ष्मीनारायण शर्मा ने 29 मार्च 2007 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के मुताबिक ब्रजभान ने अपनी पुत्री की शादी में उझानी के बहादुरगंज निवासी भीमा पुत्र उमाशंकर, प्रीति उर्फ रामकिशोर और विक्की उर्फ छोटा पुत्र जसवीर को हलवाई का काम करने के लिए बुलाया था। शादी के बाद सभी अपने काम के रुपये मांगने ब्रजभान के पास पहुंचे। उसी दौरान ब्रजभान के पुत्र निश्चल शर्मा उर्फ राघव (15) से तीनों की जान पहचान हो गई। 27 मार्च की शाम को नगर में रामनवमी की शोभायात्रा निकल रही थी। शोभायात्रा दिखाने के बहाने तीनों लोग राघव को बुलाकर अपने साथ ले गए, जिसके बाद उसका कुछ पता नहीं चला। 29 मार्च को बसोमा के जंगल में निश्चल उर्फ राघव की लाश बरामद हुई। ब्रजभान का कहना था कि आरोपी तय धनराशि के अलावा पांच सौ रुपये अधिक मांग रहे थे। उन्होंने देने से इंकार कर दिया तो दुश्मनी मानने लगे थे। इसी रंजिश में उनके बेटे की अपहरण के बाद हत्या कर दी गई। ब्रजभान शर्मा ने अपहरण कर हत्या कर देने पर तीनों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट लिखाई थी।
अपर सत्र न्यायाधीश अंगद प्रसाद ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी राजवीर सिंह और राघवेंद्र शर्मा, बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के बाद तीनों को दोषी मानते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई। तीनों पर 43-43 हजार का जुर्माना भी लगाया है।
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अमीर बनने के लालच में रंग लिए किशोर के खून से हाथ
मुजरिम समझते थे ब्रजभान को पैसे वाली पार्टी, नामगुदा हाथ भी काट डाला था
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। बेटी की शादी में हलवाई का काम करने के बाद मुजरिमों के ब्रजभान शर्मा के परिवार वालों से अच्छे संबंध हो गए थे। वह मूलरूप से बिरौतिया थाना कादरचौक के रहने वाले थे। उन्होंने उझानी में 10-15 लाख का मकान खरीदने की बात हलवाइयों से कही थी। उनकी इस बात को सुनकर ही हलवाइयों के मन में खोट आ गया था। उन्होंने अमीर बनने के लालच में ब्रजभान के बेटे निश्चल शर्मा उर्फ राघव के अपहरण का मन बना लिया था। अपहरण के बाद पकड़े जाने पर पूरा राज के खुलने के डर से राघव की हत्या कर दी थी। लाश की शिनाख्त न हो इसके लिए राघव का नाम लिखा हुआ हाथ काट डाला था।
बिरौतिया निवासी ब्रजभान शर्मा की बेटी अंजलि की शादी फरवरी 2007 में हुई थी। उसी की शादी में बारातियों को भोजन के लिए उझानी के हलवाई भीमा पुत्र उमाशंकर राठौर, प्रीति उर्फ रामकिशोर और विक्की उर्फ छोटा पुत्रगण जसवीर को काम की जिम्मेदारी दी थी। शादी का काम अच्छे से निपट जाने पर ब्रजभान इन हलवाइयों पर कुछ भरोसा भी करने लगे थे। हालांकि शादी में तय धनराशि से पांच सौ रुपये ज्यादा मांगने पर उनके बेटे निश्चल उर्फ राघव से हलवाइयों की कहासुनी हो गई, हलवाई इस बात को लेकर अंदर ही अंदर दुश्मनी रखने लगे थे। उन्होंने कभी यह जाहिर नहीं होने दिया कि वह किसी बात को लेकर नाराज हैं। सो ब्रजभान शर्मा के बेटे राघव ने इन तीनों हलवाइयों से एक दिन कहा था कि यदि उझानी में कोई 10-15 लाख तक का मकान मिल जाए तो वह खरीद लेंगे। तब हलवाइयों को लगा कि यह तो पैसे वाले हैं क्यों न इन्हें अपने तरीके से ही निपटाया जाए। सो रामनवमी की शोभायात्रा देखने के बहाने से वे लोग राघव को घर से बुलाकर ले गए थे।
बाद में उसकी तीसरे दिन लाश मिली थी। हत्या इतनी जघन्य तरीके से की थी कि उन्होंने राघव के जिस हाथ पर नाम गुदा था उसे काट डाला था। चूंकि मोहल्ले के लोगों ने राघव को इन तीनों के साथ जाते हुए देखा था। सो पुलिस ने जांच के बाद तीनों को ही मुख्य आरोपी माना। हालांकि घटना में कुछ और लोगों के नाम प्रकाश में आए थे। जिनमें उझानी का ही अर्जुन उर्फ पंडित पुत्र महेंद्र भी शामिल था। कोर्ट ने तीन को उम्रकैद की सजा सुना दी है।
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फोटो-21
कोर्ट से मिला न्याय: वेदप्रकाश शर्मा
बदायूं। निश्चल शर्मा उर्फ राघव अपहरण-हत्याकांड में तीन मुजरिमों को उम्रकैद की सजा होने पर मृतक के ताऊ वरिष्ठ अधिवक्ता वेदप्रकाश शर्मा का कहना है कि पीड़ित परिवार को कोर्ट से न्याय मिला है। हालांकि बच्चे की भरपाई नहीं हो पाएगी, लेकिन कोर्ट ने अपना काम करते हुए मुजरिमों को उचित दंड दिया है।
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ब्रजभान का सबसे बड़ा बेटा था राघव
बदायूं। ब्रजभान शर्मा के तीन बेटे हैं। जिनमें मृतक निश्चल शर्मा उर्फ राघव सबसे बड़ा बेटा था। ब्रजभान के एक बेटी थी। राघव उस समय हाईस्कूल का छात्र था।
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43-43 हजार का जुर्माना भी लगाया
11 साल पहले उझानी नगर में हुई थी घटना
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। करीब 11 साल पहले एक किशोर की अपहरण के बाद हत्या कर दी गई थी। इस मुकदमे में अपर सत्र न्यायाधीश अंगद प्रसाद ने फैसला सुनाते हुए दो सगे भाइयों समेत तीन को उम्र कैद की सजा सुनाई है। तीनों पर 43-43 हजार का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा किए जाने पर उसमें से वादी को 75 फीसदी देने का भी आदेश सुनाया है।
उझानी थाने में वहीं के मोहल्ला अयोध्यागंज निवासी ब्रजभान शर्मा पुत्र लक्ष्मीनारायण शर्मा ने 29 मार्च 2007 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के मुताबिक ब्रजभान ने अपनी पुत्री की शादी में उझानी के बहादुरगंज निवासी भीमा पुत्र उमाशंकर, प्रीति उर्फ रामकिशोर और विक्की उर्फ छोटा पुत्र जसवीर को हलवाई का काम करने के लिए बुलाया था। शादी के बाद सभी अपने काम के रुपये मांगने ब्रजभान के पास पहुंचे। उसी दौरान ब्रजभान के पुत्र निश्चल शर्मा उर्फ राघव (15) से तीनों की जान पहचान हो गई। 27 मार्च की शाम को नगर में रामनवमी की शोभायात्रा निकल रही थी। शोभायात्रा दिखाने के बहाने तीनों लोग राघव को बुलाकर अपने साथ ले गए, जिसके बाद उसका कुछ पता नहीं चला। 29 मार्च को बसोमा के जंगल में निश्चल उर्फ राघव की लाश बरामद हुई। ब्रजभान का कहना था कि आरोपी तय धनराशि के अलावा पांच सौ रुपये अधिक मांग रहे थे। उन्होंने देने से इंकार कर दिया तो दुश्मनी मानने लगे थे। इसी रंजिश में उनके बेटे की अपहरण के बाद हत्या कर दी गई। ब्रजभान शर्मा ने अपहरण कर हत्या कर देने पर तीनों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट लिखाई थी।
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अपर सत्र न्यायाधीश अंगद प्रसाद ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी राजवीर सिंह और राघवेंद्र शर्मा, बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के बाद तीनों को दोषी मानते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई। तीनों पर 43-43 हजार का जुर्माना भी लगाया है।
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अमीर बनने के लालच में रंग लिए किशोर के खून से हाथ
मुजरिम समझते थे ब्रजभान को पैसे वाली पार्टी, नामगुदा हाथ भी काट डाला था
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। बेटी की शादी में हलवाई का काम करने के बाद मुजरिमों के ब्रजभान शर्मा के परिवार वालों से अच्छे संबंध हो गए थे। वह मूलरूप से बिरौतिया थाना कादरचौक के रहने वाले थे। उन्होंने उझानी में 10-15 लाख का मकान खरीदने की बात हलवाइयों से कही थी। उनकी इस बात को सुनकर ही हलवाइयों के मन में खोट आ गया था। उन्होंने अमीर बनने के लालच में ब्रजभान के बेटे निश्चल शर्मा उर्फ राघव के अपहरण का मन बना लिया था। अपहरण के बाद पकड़े जाने पर पूरा राज के खुलने के डर से राघव की हत्या कर दी थी। लाश की शिनाख्त न हो इसके लिए राघव का नाम लिखा हुआ हाथ काट डाला था।
बिरौतिया निवासी ब्रजभान शर्मा की बेटी अंजलि की शादी फरवरी 2007 में हुई थी। उसी की शादी में बारातियों को भोजन के लिए उझानी के हलवाई भीमा पुत्र उमाशंकर राठौर, प्रीति उर्फ रामकिशोर और विक्की उर्फ छोटा पुत्रगण जसवीर को काम की जिम्मेदारी दी थी। शादी का काम अच्छे से निपट जाने पर ब्रजभान इन हलवाइयों पर कुछ भरोसा भी करने लगे थे। हालांकि शादी में तय धनराशि से पांच सौ रुपये ज्यादा मांगने पर उनके बेटे निश्चल उर्फ राघव से हलवाइयों की कहासुनी हो गई, हलवाई इस बात को लेकर अंदर ही अंदर दुश्मनी रखने लगे थे। उन्होंने कभी यह जाहिर नहीं होने दिया कि वह किसी बात को लेकर नाराज हैं। सो ब्रजभान शर्मा के बेटे राघव ने इन तीनों हलवाइयों से एक दिन कहा था कि यदि उझानी में कोई 10-15 लाख तक का मकान मिल जाए तो वह खरीद लेंगे। तब हलवाइयों को लगा कि यह तो पैसे वाले हैं क्यों न इन्हें अपने तरीके से ही निपटाया जाए। सो रामनवमी की शोभायात्रा देखने के बहाने से वे लोग राघव को घर से बुलाकर ले गए थे।
बाद में उसकी तीसरे दिन लाश मिली थी। हत्या इतनी जघन्य तरीके से की थी कि उन्होंने राघव के जिस हाथ पर नाम गुदा था उसे काट डाला था। चूंकि मोहल्ले के लोगों ने राघव को इन तीनों के साथ जाते हुए देखा था। सो पुलिस ने जांच के बाद तीनों को ही मुख्य आरोपी माना। हालांकि घटना में कुछ और लोगों के नाम प्रकाश में आए थे। जिनमें उझानी का ही अर्जुन उर्फ पंडित पुत्र महेंद्र भी शामिल था। कोर्ट ने तीन को उम्रकैद की सजा सुना दी है।
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फोटो-21
कोर्ट से मिला न्याय: वेदप्रकाश शर्मा
बदायूं। निश्चल शर्मा उर्फ राघव अपहरण-हत्याकांड में तीन मुजरिमों को उम्रकैद की सजा होने पर मृतक के ताऊ वरिष्ठ अधिवक्ता वेदप्रकाश शर्मा का कहना है कि पीड़ित परिवार को कोर्ट से न्याय मिला है। हालांकि बच्चे की भरपाई नहीं हो पाएगी, लेकिन कोर्ट ने अपना काम करते हुए मुजरिमों को उचित दंड दिया है।
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ब्रजभान का सबसे बड़ा बेटा था राघव
बदायूं। ब्रजभान शर्मा के तीन बेटे हैं। जिनमें मृतक निश्चल शर्मा उर्फ राघव सबसे बड़ा बेटा था। ब्रजभान के एक बेटी थी। राघव उस समय हाईस्कूल का छात्र था।