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Budaun News: ईओ के हस्ताक्षर कर 255 प्रमाणपत्र किए गए जारी, अब सभी होंगे निरस्त
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बदायूं। रुदायन नगर पंचायत में फर्जी जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र जारी कर दिए गए हैं। नगर पंचायत में आउटसोर्सिंग पर तैनात रहे कंप्यूटर ऑपरेटर ने जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र पोर्टल पर ईओ के डिजिटल हस्ताक्षर का इस्तेमाल कर प्रमाणपत्र जारी कर दिए। मार्च से सितंबर के बीच ऐसे 255 प्रमाणपत्र जारी किए जाने की बात सामने आई है। अब ये सभी निरस्त किए जाएंगे।
ईओ का कहना है कि रुदायन नगर पंचायत में मार्च से सितंबर तक पोर्टल से कई प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं। इनमें कई के अभिलेख कार्यालय में मौजूद हैं, लेकिन जांच में अब तक 255 जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र ऐसे मिले हैं, जिनका कार्यालय में कोई रिकॉर्ड नहीं है। ये सभी निरस्त होंगे। बताया कि आउटसोर्सिंग पर तैनात कंप्यूटर ऑपरेटर को करीब डेढ़ माह पहले नगर पंचायत से हटा दिया गया था। अभी अन्य प्रमाण पत्रों की जांच जारी है।
पुलिस ने दी दबिश, बंद मिला जनसेवा केंद्र, दूसरी मांगी तहरीर
ईओ की ओर से शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने कंप्यूटर ऑपरेटर और जनसेवा केंद्र संचालक के यहां दबिश दी। हालांकि दोनों अपने-अपने स्थान पर नहीं मिले। जनसेवा संचालक दुकान बंद कर लापता है। पुलिस ने ईओ से इस मामले में दूसरी तहरीर देने को कहा है, ताकि जांच को आगे बढ़ाया जा सके। पुलिस अब प्रमाणपत्र जारी करने में इस्तेमाल किए गए पोर्टल, लॉगिन और डिजिटल हस्ताक्षर से संबंधित रिकॉर्ड की जांच करेगी।
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कई जिलों के लोगों के प्रमाणपत्र जारी होने का आरोप
मामले में यह भी सामने आया है कि केवल बदायूं ही नहीं, बल्कि संभल, बरेली, शाहजहांपुर और गोंडा समेत दूसरे जिलों के लोगों के भी जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र जारी किए गए हैं। इससे प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया और पोर्टल के दुरुपयोग को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। अब पुलिस इन प्रमाणपत्रों की जांच के साथ यह भी पता लगाने में जुटी है कि किन लोगों के प्रमाणपत्र जारी किए गए और इनके लिए आवेदन किस माध्यम से किए गए थे।
अब तक 255 प्रमाणपत्र फर्जीवाड़ा वाले सामने आए हैं। इनको निरस्त किया जाएगा, क्योंकि इन प्रमाण पत्रों का कोई भी अभिलेख कार्यालय में नहीं मिला है। -वेदप्रकाश, ईओ
ईओ की ओर से तहरीर दी गई थी, इस पर आरोपियों के यहां पर दबिश दी गई थी, हालांकि दौरान आरोपी नहीं मिले। अब ईओ से दूसरे तहरीर देने को कहा गया है। -आलोक सिद्धू, सीओ बिल्सी
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ईओ का कहना है कि रुदायन नगर पंचायत में मार्च से सितंबर तक पोर्टल से कई प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं। इनमें कई के अभिलेख कार्यालय में मौजूद हैं, लेकिन जांच में अब तक 255 जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र ऐसे मिले हैं, जिनका कार्यालय में कोई रिकॉर्ड नहीं है। ये सभी निरस्त होंगे। बताया कि आउटसोर्सिंग पर तैनात कंप्यूटर ऑपरेटर को करीब डेढ़ माह पहले नगर पंचायत से हटा दिया गया था। अभी अन्य प्रमाण पत्रों की जांच जारी है।
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पुलिस ने दी दबिश, बंद मिला जनसेवा केंद्र, दूसरी मांगी तहरीर
ईओ की ओर से शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने कंप्यूटर ऑपरेटर और जनसेवा केंद्र संचालक के यहां दबिश दी। हालांकि दोनों अपने-अपने स्थान पर नहीं मिले। जनसेवा संचालक दुकान बंद कर लापता है। पुलिस ने ईओ से इस मामले में दूसरी तहरीर देने को कहा है, ताकि जांच को आगे बढ़ाया जा सके। पुलिस अब प्रमाणपत्र जारी करने में इस्तेमाल किए गए पोर्टल, लॉगिन और डिजिटल हस्ताक्षर से संबंधित रिकॉर्ड की जांच करेगी।
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कई जिलों के लोगों के प्रमाणपत्र जारी होने का आरोप
मामले में यह भी सामने आया है कि केवल बदायूं ही नहीं, बल्कि संभल, बरेली, शाहजहांपुर और गोंडा समेत दूसरे जिलों के लोगों के भी जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र जारी किए गए हैं। इससे प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया और पोर्टल के दुरुपयोग को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। अब पुलिस इन प्रमाणपत्रों की जांच के साथ यह भी पता लगाने में जुटी है कि किन लोगों के प्रमाणपत्र जारी किए गए और इनके लिए आवेदन किस माध्यम से किए गए थे।
अब तक 255 प्रमाणपत्र फर्जीवाड़ा वाले सामने आए हैं। इनको निरस्त किया जाएगा, क्योंकि इन प्रमाण पत्रों का कोई भी अभिलेख कार्यालय में नहीं मिला है। -वेदप्रकाश, ईओ
ईओ की ओर से तहरीर दी गई थी, इस पर आरोपियों के यहां पर दबिश दी गई थी, हालांकि दौरान आरोपी नहीं मिले। अब ईओ से दूसरे तहरीर देने को कहा गया है। -आलोक सिद्धू, सीओ बिल्सी