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Budaun News: छह महीने में 247 हादसे, 188 लोगों की गई जान
Sun, 14 Jul 2024 04:02 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Sun, 14 Jul 2024 04:02 AM IST
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मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे पर हुए गड्ढे इसी से होकर निकलेंगे कांवड़िये। संवाद
बदायूं। तेज रफ्तार व टूटी सड़कों ने जनवरी से जून तक हुए 247 हादसे में 188 लोगों की जान ले ली। जबकि 154 लोग घायल हुए हैं। वहीं, पुलिस और परिवहन विभाग के प्रयास भी दुर्घटनाओं को कम नहीं कर सके हैं।
सड़क सुरक्षा के उपायों को पालन कराने और लोगों को जागरूक करने के लिए जिले में 22 थाने और यातायात पुलिस का नेटवर्क है। जिले में 2,400 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात हैं। शहर में ट्रैफिक नियंत्रण के लिए यातायात पुलिस की अलग से व्यवस्था है। इसके अलावा परिवहन विभाग भी चेकिंग अभियान चलाता है। बावजूद इसके सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन नहीं हो पा रहा है।सबसे अधिक हादसे उझानी, वजीरगंज, बिसौली के रानेट, अलापुर, दातागंज रोड व ककराला रोड पर दर्ज किए गए हैं। हादसों में प्रतिमाह मरने वालों की संख्या 30 से अधिक है। जनवरी से जून के आंकड़े भी यही बयां कर रहे हैं।
बदहाल एमएफ हाईवे माना जा रहा हादसों की वजह
मुरादाबाद-फर्रुखाबाद (एमएफ) हाईवे पर हो रहे गहरे गड्ढों की वजह से ही अलापुर थाना क्षेत्र के संजरपुर, इस्माइलपुर, सखानूं, म्यांऊ सहित अन्य जगह पर आए दिन हादसे होते आ रहे हैं। हाईवे तीन साल से खस्ताहाल है। बजट जारी होने के बाद भी काम अधूरा है।
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सड़क हादसों में हर माह जा रही 30 से अधिक की जान
वर्तमान में जिले में 42 ब्लैक स्पॉट हैं। इनमें मलगांव रेलवे क्रॉसिंग, घटपुरी, बुटला दौलत, खेड़ा नवादा चौराहा, एआरटीओ चौराहा, राजकीय मेडिकल कॉलेज तिराहा, रानेट चौराहा, हतसा, ओरछी चौराहा, खंदक, उस्मानपुर, मुजरिया चौराहा, कौल्हाई, उघैनी पुलिया आदि ब्लैक स्पॉट हैं।
माह हादसे मृतकों की संख्या घायलों की संख्या
जनवरी 38 32 28
फरवरी 44 31 27
मार्च 38 29 23
अप्रैल 42 32 24
मई 41 33 25
जून 44 31 27
शराब पीकर वाहन चलाने वालों को लगातार चेक किया जा रहा है। चालान भी हो रहे हैं। इसके बावजूद लोग मानने को तैयार नहीं हैं। तेज रफ्तार हादसों की वजह बन रही है। कुछ सड़काें की स्थिति भी ठीक नहीं है। सड़कों को दुरुस्त कराया जाए तभी हादसों में कमी आ सकती है। चैकिंग अभियान को और तेज किया जाएगा। रामसेवक सिंह राठौर,यातायात निरीक्षक
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सड़क सुरक्षा के उपायों को पालन कराने और लोगों को जागरूक करने के लिए जिले में 22 थाने और यातायात पुलिस का नेटवर्क है। जिले में 2,400 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात हैं। शहर में ट्रैफिक नियंत्रण के लिए यातायात पुलिस की अलग से व्यवस्था है। इसके अलावा परिवहन विभाग भी चेकिंग अभियान चलाता है। बावजूद इसके सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन नहीं हो पा रहा है।सबसे अधिक हादसे उझानी, वजीरगंज, बिसौली के रानेट, अलापुर, दातागंज रोड व ककराला रोड पर दर्ज किए गए हैं। हादसों में प्रतिमाह मरने वालों की संख्या 30 से अधिक है। जनवरी से जून के आंकड़े भी यही बयां कर रहे हैं।
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बदहाल एमएफ हाईवे माना जा रहा हादसों की वजह
मुरादाबाद-फर्रुखाबाद (एमएफ) हाईवे पर हो रहे गहरे गड्ढों की वजह से ही अलापुर थाना क्षेत्र के संजरपुर, इस्माइलपुर, सखानूं, म्यांऊ सहित अन्य जगह पर आए दिन हादसे होते आ रहे हैं। हाईवे तीन साल से खस्ताहाल है। बजट जारी होने के बाद भी काम अधूरा है।
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सड़क हादसों में हर माह जा रही 30 से अधिक की जान
वर्तमान में जिले में 42 ब्लैक स्पॉट हैं। इनमें मलगांव रेलवे क्रॉसिंग, घटपुरी, बुटला दौलत, खेड़ा नवादा चौराहा, एआरटीओ चौराहा, राजकीय मेडिकल कॉलेज तिराहा, रानेट चौराहा, हतसा, ओरछी चौराहा, खंदक, उस्मानपुर, मुजरिया चौराहा, कौल्हाई, उघैनी पुलिया आदि ब्लैक स्पॉट हैं।
माह हादसे मृतकों की संख्या घायलों की संख्या
जनवरी 38 32 28
फरवरी 44 31 27
मार्च 38 29 23
अप्रैल 42 32 24
मई 41 33 25
जून 44 31 27
शराब पीकर वाहन चलाने वालों को लगातार चेक किया जा रहा है। चालान भी हो रहे हैं। इसके बावजूद लोग मानने को तैयार नहीं हैं। तेज रफ्तार हादसों की वजह बन रही है। कुछ सड़काें की स्थिति भी ठीक नहीं है। सड़कों को दुरुस्त कराया जाए तभी हादसों में कमी आ सकती है। चैकिंग अभियान को और तेज किया जाएगा। रामसेवक सिंह राठौर,यातायात निरीक्षक