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Budaun News: अमर ज्योति के झांसे में फंसे 20 और निवेशकों ने दी तहरीर
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विजय कुमार।
बदायू। अमर ज्योति यूनिवर्स निधि लिमिटेड ने लोगों को बड़े-बड़े सपने दिखाकर उनके करोड़ों रुपये जमा कराए। अब देने की बारी आई तो कंपनी के निदेशक और एजेंट भाग गए है। इसलिए परेशान होकर रविवार को एक निवेशक ने मुकदमा दर्ज कराया है। सोमवार को कंपनी के खिलाफ 20 अन्य लोगों ने पुलिस को तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराने की गुहार लगाई है।
कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कामग्रान के रहने वाले निवेशक अशद अहमद पुत्र जफर खान ने रविवार को तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कराई है। बताया है कि उसने बदायूं के मीरा सराय स्थित अमर ज्योति फाइनेंस कंपनी में 200 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से एक वर्ष के लिए रुपये जमा किए थे। उसकी अवधि 28 मई को पूरी हो गई थी। कंपनी से करीब 73 हजार रुपये लेने थे। दूसरे खाते में 250 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से जमा किया था। उसका 28 मई को वह अपना पेमेंट लेने करीब दो बजे गया था। कंपनी में मैनेजर अमित सिंह से रुपये मांगे तो उसने नहीं दिए।
इसके बाद निदेशक शशिकांत से रुपये के पेमेंट को कहा तो उसने गाली-गलौज करते हुए कहा कि हमारी कंपनी में तुम्हारा कोई पैसा जमा नहीं है। कंपनी में शशिकांत का भाई सूर्यकांत मौर्य भी हिस्सेदार है। कंपनी में एजेंट काम करते हैं। पीड़ित के रुपये जमा करने वाला एजेंट शहबाजपुर सदर कोतवाली का रहने वाला सुनील बाबू है। आरोप है कि शशिकांत व सूर्यकांत ने फर्जी तरीके से कंपनी खोलकर रुपये जमा कराए हैं। यहां निवेशकों के साथ धोखाधड़ी करके फर्जी आईडी बनाकर रुपये जमा कराए गए हैं। अशद की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने निदेशक शशिकांत व भाजपा नेता सूर्यकांत मौर्य, मैनेजर अमित सिंह, सुनील बाबू व अन्य एजेंट व कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी की धारा में रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू की है। सोमवार को 20 अन्य पीड़ितों ने एसएसपी को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। तहरीर देने वालों में मनोज कुमार, सचिन शर्मा, नेहा, सुनीता सिंह, अंकित कुमार, अनिल कुमार, भूप सिंह, प्रशांत सक्सेना, जोगेंद्र कुमार, कृष्ण गोपाल शंखधार, दौलतराम, रूपकिशोर, फरमान, साहिद हुसैन, विजय कुमार, सुनील कुमार, आमिर हैं।
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सपने दिखाकर लोगों से की ठगी
कंपनी के एजेंटों ने रकम दोगुना करने का लालच दिया था। अब कंपनी के अचानक भाग जाने से हजारों लोग परेशान हैं। वह रुपये मिलने की आस में इधर-उधर भटक रहे हैं। निवेशक जहां अपने एजेंट की तलाश कर रहे हैं तो कुछ निवेशक निदेशक के आवास बरेली तक दौड़ लगा रहे हैं। अब मुकदमा दर्ज कराने के लिए लोग सामने आने लगे हैं।
रुपये दोगुना होने के लालच में कराई थी 30 लाख की एफडी
कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला शिवपुरम गली नंबर चार के रहने वाले रूपकिशोर ने बताया है कि करीब 20 साल से वह खेती किसानी से रुपये बचाकर अमर ज्योति यूनिवर्स निधि फाइनेंस कंपनी में जमा करते आ रहे थे। 15 साल में उसने 30 लाख रुपये कंपनी में जमा किया। उम्मीद थी बेटियों की शादी तक वह दोगुने हो जाएंगे। मोहल्ले के एजेंट आनंद के जरिए पैसा जमा करवाया था। अब परेशान हैं कि बेटियों शादी कैसे करेंगे।
नंबवर माह में होनी है बेटी की शादी
मोहल्ला शिवपुरम गली नंबर चार रहने वाले दौलतराम ने बताया कि वह आंबेडकर पार्क के पास पान तंबाकू का खोखा चलाते हैं। बेटी की शादी के लिए मोहल्ले के ही एजेंट विजय के कहने पर आठ लाख रुपये की एफडी कराई थी। अक्तूबर माह में उसको 16 लाख रुपये कंपनी से लेने हैं। इसी को देखते हुए बेटी की शादी तय कर दी। नवंबर में उसे शादी करनी है। अब कंपनी के भागने से पूरा परिवार सदमे हैं। एजेंट लगातार उनको रुपये दिलाने का आश्वासन देता आ रहा है।
बच्चों की पढ़ाई के लिए कराई दो लाख रुपये की एफडी
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के मोहल्ला नेकपुर के रहने वाले कृष्णगोपाल शंखधार ने बताया कि वह सरकारी नौकरी कर रहे हैं। बच्चों की पढ़ाई करानी है तो लाखों रुपये का खर्चा आएगा। इसी को देखते हुए एजेंट रवि कुमार के कहने पर दो लाख की एफडी कराई थी।
ठेला लगाकर करते हैं परिवार भरण पोषण
मोहल्ला शिवपुरम के रहने वाले बबलू ने बताया कि वह फल का ठेला लगाते हैं। उसने दो लाख रुपये की एफडी कराई थी। सोचा था कि बेटी की शादी के समय तक रुपये दोगुने हो जाएंगे। जब से सुना है कि कंपनी रुपये लेकर भाग गई है। घर में खाना तक नहीं बना है। सभी परेशान हैं।
मजदूरी करके जमा किया
शहर के बैदो टोला के रहने वाले फुरकान, शाहिद हुसैन व विजय कुमार ने बताया कि वह दुकान पर काम करते है। हर रोज 200 रुपये की आरडी जमा करते थे। कंपनी के एजेंट ने बताया कि एक साल में 72 हजार जमा होंगे और एक लाख रुपये वापस मिलेंगे। इसी लालच में पेट काटकर 200 रुपये जमा करते आ रहे थे। एक महीने में रुपये वापस मिलने थे, लेकिन कंपनी रुपये लेकर भाग गई है। एजेंट भी घर में ताले लगाकर भाग गए हैं।--
100 से अधिक एजेंट, कई ने बंद किए फोन
एजेंटों को यह लालच था कि वह जितने अधिक लोगों का निवेश कंपनी मेंं कराएंगे, उनका उतना अधिक कमीशन होगा। इस वजह से एजेंटों ने अपने नजदीकी, रिश्तेदार मिलने वाले दोस्त आदि लोगों के रुपये जमा करवाए। अब कंपनी भागी तो कई एजेंट अंडरग्राउंड हो गए हैं। कुछ रुपये दिलाने का भरोसा भी दे रहे हैं। इसके अलावा कई एजेंटों ने अपने मोबाइल ही बंद कर लिए हैं। जिले में 100 से अधिक एजेंट कंपनी के लिए काम करते थे। वह खुद को बचाने के लिए कुछ दिन पहले पुलिस से भी मिले थे।
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20 हजार से ज्यादा लोगों का फंसा है रुपये
कंपनी में जिलेभर के 20 हजार से ज्यादा लोगों का करोड़ों रुपये फंसा हुआ है। कंपनी के भाग जाने से लोगों को बड़ा झटका लगा है।
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ईओडब्ल्यू को दी जाएगी जांच
मामला करोड़ों रुपये का होने के चलते विवेचना के बाद पुलिस आर्थिक अपराध शाखा ईओडब्ल्यू को मामला ट्रांसफर कर देगी, लेकिन जब तक सभी पीड़ितों की बात पुलिस तक नहीं पहुंच पाती, तब तक एसआईटी ही जांच करेगी।
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- एसआईटी गठित करने के साथ ही क्राइम ब्रांच, सर्विलांस सेल और एसओजी की टीम को भी लगाया गया है। निवेशकों से बात कर उनकी समस्या का समाधान कराने का प्रयास किया जा रहा है। पीड़ित लोग एसआईटी के अध्यक्ष एसपी सिटी के सामने पेश होकर अपना प्रार्थना पत्र दे सकते हैं। - डॉ. बृजेश कुमार सिंह, एसएसपी
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कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कामग्रान के रहने वाले निवेशक अशद अहमद पुत्र जफर खान ने रविवार को तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कराई है। बताया है कि उसने बदायूं के मीरा सराय स्थित अमर ज्योति फाइनेंस कंपनी में 200 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से एक वर्ष के लिए रुपये जमा किए थे। उसकी अवधि 28 मई को पूरी हो गई थी। कंपनी से करीब 73 हजार रुपये लेने थे। दूसरे खाते में 250 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से जमा किया था। उसका 28 मई को वह अपना पेमेंट लेने करीब दो बजे गया था। कंपनी में मैनेजर अमित सिंह से रुपये मांगे तो उसने नहीं दिए।
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इसके बाद निदेशक शशिकांत से रुपये के पेमेंट को कहा तो उसने गाली-गलौज करते हुए कहा कि हमारी कंपनी में तुम्हारा कोई पैसा जमा नहीं है। कंपनी में शशिकांत का भाई सूर्यकांत मौर्य भी हिस्सेदार है। कंपनी में एजेंट काम करते हैं। पीड़ित के रुपये जमा करने वाला एजेंट शहबाजपुर सदर कोतवाली का रहने वाला सुनील बाबू है। आरोप है कि शशिकांत व सूर्यकांत ने फर्जी तरीके से कंपनी खोलकर रुपये जमा कराए हैं। यहां निवेशकों के साथ धोखाधड़ी करके फर्जी आईडी बनाकर रुपये जमा कराए गए हैं। अशद की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने निदेशक शशिकांत व भाजपा नेता सूर्यकांत मौर्य, मैनेजर अमित सिंह, सुनील बाबू व अन्य एजेंट व कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी की धारा में रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू की है। सोमवार को 20 अन्य पीड़ितों ने एसएसपी को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। तहरीर देने वालों में मनोज कुमार, सचिन शर्मा, नेहा, सुनीता सिंह, अंकित कुमार, अनिल कुमार, भूप सिंह, प्रशांत सक्सेना, जोगेंद्र कुमार, कृष्ण गोपाल शंखधार, दौलतराम, रूपकिशोर, फरमान, साहिद हुसैन, विजय कुमार, सुनील कुमार, आमिर हैं।
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कंपनी के एजेंटों ने रकम दोगुना करने का लालच दिया था। अब कंपनी के अचानक भाग जाने से हजारों लोग परेशान हैं। वह रुपये मिलने की आस में इधर-उधर भटक रहे हैं। निवेशक जहां अपने एजेंट की तलाश कर रहे हैं तो कुछ निवेशक निदेशक के आवास बरेली तक दौड़ लगा रहे हैं। अब मुकदमा दर्ज कराने के लिए लोग सामने आने लगे हैं।
रुपये दोगुना होने के लालच में कराई थी 30 लाख की एफडी
कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला शिवपुरम गली नंबर चार के रहने वाले रूपकिशोर ने बताया है कि करीब 20 साल से वह खेती किसानी से रुपये बचाकर अमर ज्योति यूनिवर्स निधि फाइनेंस कंपनी में जमा करते आ रहे थे। 15 साल में उसने 30 लाख रुपये कंपनी में जमा किया। उम्मीद थी बेटियों की शादी तक वह दोगुने हो जाएंगे। मोहल्ले के एजेंट आनंद के जरिए पैसा जमा करवाया था। अब परेशान हैं कि बेटियों शादी कैसे करेंगे।
नंबवर माह में होनी है बेटी की शादी
मोहल्ला शिवपुरम गली नंबर चार रहने वाले दौलतराम ने बताया कि वह आंबेडकर पार्क के पास पान तंबाकू का खोखा चलाते हैं। बेटी की शादी के लिए मोहल्ले के ही एजेंट विजय के कहने पर आठ लाख रुपये की एफडी कराई थी। अक्तूबर माह में उसको 16 लाख रुपये कंपनी से लेने हैं। इसी को देखते हुए बेटी की शादी तय कर दी। नवंबर में उसे शादी करनी है। अब कंपनी के भागने से पूरा परिवार सदमे हैं। एजेंट लगातार उनको रुपये दिलाने का आश्वासन देता आ रहा है।
बच्चों की पढ़ाई के लिए कराई दो लाख रुपये की एफडी
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के मोहल्ला नेकपुर के रहने वाले कृष्णगोपाल शंखधार ने बताया कि वह सरकारी नौकरी कर रहे हैं। बच्चों की पढ़ाई करानी है तो लाखों रुपये का खर्चा आएगा। इसी को देखते हुए एजेंट रवि कुमार के कहने पर दो लाख की एफडी कराई थी।
ठेला लगाकर करते हैं परिवार भरण पोषण
मोहल्ला शिवपुरम के रहने वाले बबलू ने बताया कि वह फल का ठेला लगाते हैं। उसने दो लाख रुपये की एफडी कराई थी। सोचा था कि बेटी की शादी के समय तक रुपये दोगुने हो जाएंगे। जब से सुना है कि कंपनी रुपये लेकर भाग गई है। घर में खाना तक नहीं बना है। सभी परेशान हैं।
मजदूरी करके जमा किया
शहर के बैदो टोला के रहने वाले फुरकान, शाहिद हुसैन व विजय कुमार ने बताया कि वह दुकान पर काम करते है। हर रोज 200 रुपये की आरडी जमा करते थे। कंपनी के एजेंट ने बताया कि एक साल में 72 हजार जमा होंगे और एक लाख रुपये वापस मिलेंगे। इसी लालच में पेट काटकर 200 रुपये जमा करते आ रहे थे। एक महीने में रुपये वापस मिलने थे, लेकिन कंपनी रुपये लेकर भाग गई है। एजेंट भी घर में ताले लगाकर भाग गए हैं।
100 से अधिक एजेंट, कई ने बंद किए फोन
एजेंटों को यह लालच था कि वह जितने अधिक लोगों का निवेश कंपनी मेंं कराएंगे, उनका उतना अधिक कमीशन होगा। इस वजह से एजेंटों ने अपने नजदीकी, रिश्तेदार मिलने वाले दोस्त आदि लोगों के रुपये जमा करवाए। अब कंपनी भागी तो कई एजेंट अंडरग्राउंड हो गए हैं। कुछ रुपये दिलाने का भरोसा भी दे रहे हैं। इसके अलावा कई एजेंटों ने अपने मोबाइल ही बंद कर लिए हैं। जिले में 100 से अधिक एजेंट कंपनी के लिए काम करते थे। वह खुद को बचाने के लिए कुछ दिन पहले पुलिस से भी मिले थे।
20 हजार से ज्यादा लोगों का फंसा है रुपये
कंपनी में जिलेभर के 20 हजार से ज्यादा लोगों का करोड़ों रुपये फंसा हुआ है। कंपनी के भाग जाने से लोगों को बड़ा झटका लगा है।
ईओडब्ल्यू को दी जाएगी जांच
मामला करोड़ों रुपये का होने के चलते विवेचना के बाद पुलिस आर्थिक अपराध शाखा ईओडब्ल्यू को मामला ट्रांसफर कर देगी, लेकिन जब तक सभी पीड़ितों की बात पुलिस तक नहीं पहुंच पाती, तब तक एसआईटी ही जांच करेगी।
- एसआईटी गठित करने के साथ ही क्राइम ब्रांच, सर्विलांस सेल और एसओजी की टीम को भी लगाया गया है। निवेशकों से बात कर उनकी समस्या का समाधान कराने का प्रयास किया जा रहा है। पीड़ित लोग एसआईटी के अध्यक्ष एसपी सिटी के सामने पेश होकर अपना प्रार्थना पत्र दे सकते हैं। - डॉ. बृजेश कुमार सिंह, एसएसपी

विजय कुमार।

विजय कुमार।

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