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जिले में दो और लोगों को निगल गा बुखार
Updated Tue, 25 Sep 2018 12:20 AM IST
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जिले में दो और लोगों को निगल गया बुखार
जगत और सालारपुर ब्लाक क्षेत्र में नहीं थम रहा बुखार
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। जिले में फैले बुखार का कहर अभी थमा नहीं है। सालारपुर और जगत ब्लाक क्षेत्र में अभी गांव-गांव बुखार के मरीज हैं। जहां रोजाना बुखार किस न किसी व्यक्ति को निगल रहा है। पिछले चौबीस घंटों में बुखार दो और लोगों को निगल गया।
मूसाझाग। संवेदनशील जगत ब्लाक क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार कैंप लगाए हुए हैं। रोजाना कहीं न कहीं कैंप लगाकर लोगों का चेकअप किया जा रहा है और उन्हें दवाएं दी जा रहीं हैं। इसके बावजूद बुखार पर कंट्रोल नहीं हो सका है। ब्लाक क्षेत्र के ग्राम फतेहपुर निवासी रोहताश की बेटी राधिका (3) पिछले तीन दिन से बुखार से पीड़ित थी। परिवार वाले उसका प्राइवेट अस्पताल में इलाज करा रहे थे। सोमवार सुबह उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। जिससे बालिका के परिवार में कोहराम मच गया।
कुंवरगांव। सालारपुर ब्लाक क्षेत्र पहले से संवेदनशील घोषित है। इस इलाके में कई गांव मे आज भी बुखार पीड़ित हैं, जहां सैकड़ों लोग बुखार से पीड़ित हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने इस क्षेत्र में कम ध्यान दिया है। वहीं इस इलाके लोग भी सरकारी दवाओं पर निर्भर नहीं हैं। अधिकतर लोग आज भी प्राइवेट अस्पतालों में अपनों का इलाज करा रहे थे। कस्बे के वार्ड नंबर तीन निवासी सौरभ (10) पुत्र हीरालाल का भी प्राइवेट अस्पताल में इलाज चल रहा था। सोमवार सुबह उसकी इसी बुखार की वजह से मौत हो गई।
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जगत और सालारपुर ब्लाक क्षेत्र में नहीं थम रहा बुखार
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। जिले में फैले बुखार का कहर अभी थमा नहीं है। सालारपुर और जगत ब्लाक क्षेत्र में अभी गांव-गांव बुखार के मरीज हैं। जहां रोजाना बुखार किस न किसी व्यक्ति को निगल रहा है। पिछले चौबीस घंटों में बुखार दो और लोगों को निगल गया।
मूसाझाग। संवेदनशील जगत ब्लाक क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार कैंप लगाए हुए हैं। रोजाना कहीं न कहीं कैंप लगाकर लोगों का चेकअप किया जा रहा है और उन्हें दवाएं दी जा रहीं हैं। इसके बावजूद बुखार पर कंट्रोल नहीं हो सका है। ब्लाक क्षेत्र के ग्राम फतेहपुर निवासी रोहताश की बेटी राधिका (3) पिछले तीन दिन से बुखार से पीड़ित थी। परिवार वाले उसका प्राइवेट अस्पताल में इलाज करा रहे थे। सोमवार सुबह उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। जिससे बालिका के परिवार में कोहराम मच गया।
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कुंवरगांव। सालारपुर ब्लाक क्षेत्र पहले से संवेदनशील घोषित है। इस इलाके में कई गांव मे आज भी बुखार पीड़ित हैं, जहां सैकड़ों लोग बुखार से पीड़ित हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने इस क्षेत्र में कम ध्यान दिया है। वहीं इस इलाके लोग भी सरकारी दवाओं पर निर्भर नहीं हैं। अधिकतर लोग आज भी प्राइवेट अस्पतालों में अपनों का इलाज करा रहे थे। कस्बे के वार्ड नंबर तीन निवासी सौरभ (10) पुत्र हीरालाल का भी प्राइवेट अस्पताल में इलाज चल रहा था। सोमवार सुबह उसकी इसी बुखार की वजह से मौत हो गई।
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