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Budaun News: कल्लिया काजमपुर में डेंगू के 18 और मलेरिया के 10 मरीज मिले
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कल्लिया काजमपुर में दवाओं का वितरण करती स्वास्थ्य विभाग की टीम। संवाद
- फोटो : mathura
बदायूं/कुंवरगांव। जिले में डेंगू और मलेरिया का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। लगातार हो रही बारिश और जलभराव से बीमारियां तेजी से फैल रही हैं। हालात यह हैं कि कई गांवों में बड़ी संख्या में लोग बुखार और संक्रामक रोगों से जूझ रहे हैं। कल्लिया काजमपुर में डेंगू के 18 और मलेरिया के 10 मरीज मिले हैं।
शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने जिले के 10 गांवों में विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाए। इन शिविरों में कुल 712 मरीजों की जांच की गई। इनमें से 384 मरीज बुखार से पीड़ित पाए गए। सबसे ज्यादा चिंताजनक हालात कल्लिया काजमपुर गांव में सामने आए। यहां 188 लोगों की जांच में 143 बुखारग्रस्त मिले। इनमें से 18 मरीज डेंगू और 10 मलेरिया से ग्रसित निकले।
इसी तरह रुपामई गांव में डेंगू के 10 मरीज मिले हैं, जबकि हर्नाथपुर मुस्तखर्जा में मलेरिया के कई केस सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने सभी मरीजों को आवश्यक दवाएं दीं और जिनकी हालत गंभीर थी, उन्हें तुरंत जिला अस्पताल रेफर किया गया।
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स्वास्थ्य विभाग सतर्क
जिला मलेरिया अधिकारी योगेश कुमार सारस्वत ने बताया कि गांवों में लगातार फॉगिंग और दवा छिड़काव कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में थोड़ी-सी लापरवाही भी घातक साबित हो सकती है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि घर और आसपास पानी जमा न होने दें। नालियों की समय-समय पर सफाई करें। मच्छरों से बचाव के लिए पूरी बाजू के कपड़े पहनें। रात को सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग जरूर करें।
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शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने जिले के 10 गांवों में विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाए। इन शिविरों में कुल 712 मरीजों की जांच की गई। इनमें से 384 मरीज बुखार से पीड़ित पाए गए। सबसे ज्यादा चिंताजनक हालात कल्लिया काजमपुर गांव में सामने आए। यहां 188 लोगों की जांच में 143 बुखारग्रस्त मिले। इनमें से 18 मरीज डेंगू और 10 मलेरिया से ग्रसित निकले।
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इसी तरह रुपामई गांव में डेंगू के 10 मरीज मिले हैं, जबकि हर्नाथपुर मुस्तखर्जा में मलेरिया के कई केस सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने सभी मरीजों को आवश्यक दवाएं दीं और जिनकी हालत गंभीर थी, उन्हें तुरंत जिला अस्पताल रेफर किया गया।
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स्वास्थ्य विभाग सतर्क
जिला मलेरिया अधिकारी योगेश कुमार सारस्वत ने बताया कि गांवों में लगातार फॉगिंग और दवा छिड़काव कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में थोड़ी-सी लापरवाही भी घातक साबित हो सकती है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि घर और आसपास पानी जमा न होने दें। नालियों की समय-समय पर सफाई करें। मच्छरों से बचाव के लिए पूरी बाजू के कपड़े पहनें। रात को सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग जरूर करें।