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बंपर भीड़ से रोडवेज को आठ दिन में मिले एक करोड़
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बदायूं
Updated Tue, 06 Mar 2018 06:23 PM IST
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होली के दिनों में मुसाफिरों की जबर्दस्त भीड़ से बदायूं डिपो प्रबंधन खुशी से फूला नहीं समा रहा है। औसत से करीब दस लाख अतिरिक्त कमाई प्रतिदिन होने से अधिकारी भी खुश नजर आ रहे हैं। दिल्ली रूट पर बसों की संख्या और फेरे बढ़ाए गए हैं। स्टाफ के लिए प्रोत्साहन योजना को भी दो दिन आगे बढ़ा दिया गया है।
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परिवहन निगम ने होली पर अपार भीड़ की संभावना भांपते हुए 26 फरवरी से पांच मार्च तक प्रोत्साहन योजना लागू की थी। इसमें चालक व परिचालक स्टाफ को आठ दिन लगातार ड्यूटी करने पर 350 रुपये प्रतिदिन अलग से भत्ता यानि कुल 2800 रुपये देने का दावा किया गया था। इनके अलावा वर्कशॉप आदि स्टाफ को लगातार आठ दिन ड्यूटी करने पर एकमुश्त 850 रुपये और सात दिन काम करने पर 700 रुपये देेने का प्रावधान था। एआरएम को भी लगातार मॉनीटरिंग करने पर 40 रुपये प्रति बस की दर से अतिरिक्त भत्ता देने की व्यवस्था की गई थी। प्रोत्साहन योजना का लाभ यह हुआ कि बसें लगातार चलती रहीं। स्टाफ ने सर्वाधिक कमाई दिल्ली वाले रूट पर की। बसों के फेरे बढ़ाए गए तो कर्मचारियों ने काम के घंटे भी बढ़ाए। नतीजा सुखद निकला और औसतन दस से पंद्रह लाख रुपये प्रतिदिन कमाई करने वाले बदायूं डिपो की कमाई का औसत इन दिनों बीस से 26 लाख तक चल रहा है। एआरएम राजेश कुमार बताते हैं कि आठ दिन में डिपो ने एक करोड़ छह लाख रुपये का राजस्व कमाया है। एक और चार तारीख को कमाई 26 लाख प्रतिदिन से ज्यादा की रही है। पांच मार्च को भी 23 लाख रुपये की कमाई हुई है। इस कमाई और बसों में बंपर भीड़ को देखते हुए मुख्यालय ने प्रोत्साहन योजना को सात मार्च तक बढ़ा दिया है। स्टाफ अगर दो दिन और लगातार काम करेगा तो उसे उसी दर से अतिरिक्त भत्ता दिया जाएगा।
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दिल्ली रूट पर सौ बसें लगाईं
जिले के हजारों लोग दिल्ली की प्राइवेट कंपनियों में परिवार सहित काम करते हैं। होली से पहले वह घर लौटे तो बसों में बंपर भीड़ थी, अब वही लोग काम पर लौट रहे हैं। इसलिए दिल्ली जाने वाली बसों में मुसाफिरों की बेतहाशा भीड़ है। इधर से जो बसें फुल होकर जा रही हैं, दूसरी ओर से लगभग खाली लौट रही हैं। बावजूद रोडवेज लाखों के मुनाफे में है। एआरएम ने बताया कि बदायूं डिपो की 126 और करीब 30 अनुबंधित बसों से संचालन व्यवस्था चलाई जा रही है। इनमें पहले निगम की 80 बसें वह दिल्ली रूट पर भेजते थे। अब सौ भेजी जा रही हैं। दूसरे डिपो की बसें भी इस रूट पर अच्छी कमाई कर रही हैं। बाहरी डिपो की कुछ एसी बसें भी दिल्ली को संचालित हो रही हैं। संपन्न वर्ग के लोगों की यह बसें पहली पसंद हैं।
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लोकल रूट के मुसाफिरों ने काटा हंगामा
बदायूं। अधिकतर बसें दिल्ली रूट पर लगाने की वजह से लोकल रूट पर बसों का अभाव हो गया है। यहां बसों के न होने की वजह से स्टैंड पर यात्रियों को भटकना पड़ा। सुबह बरेली, बिसौली, दातागंज आदि रूटों की बसें न मिलने से मुसाफिरों को लगभग एक घंटे तक इंतजार करना पड़ा। टाइम ऑफिस में शिकायत के बाद भी कोई बस नहीं आई। तब यात्रियों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। यात्रियों का हंगामा देख एआरएम ने बसें डिपो से निकलवाई। हंगामा करने वाले लोगों का कहना था कि बसें डिपो पर होने के बावजूद रूट पर नहीं निकाली जा रही हैं। कुछ लोगों की शिकायत थी कि दिल्ली रूट की बसें भी नहीं हैं। उसके बाद वर्कशॉप से बसें निकलवाकर रवाना कर दी गईं। अधिकतर बसें दिल्ली की ओर संचालित करने की वजह से बिसौली-चंदौसी, कासगंज, दातागंज, फर्रुखाबाद रूट पर बसें कम हो गई हैं। इससे लोकल के यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।