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पंद्रह से बंद होगीं रामनगर-मथुरा समेत तीनों स्पेशल ट्रेन
Updated Mon, 11 Sep 2017 06:47 PM IST
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उझानी (बदायूं)।
रेलवे ने पिछले महीने लालकुआं से अनवरगंज, रामनगर से मथुरा और लालकुआं से मथुरा के लिए तीन जोड़ी स्पेशल एक्सप्रेस ट्रेनों के संचालन की जो सौगात दी थी उसे निर्धारित वक्त से पहले ही वापस ले लिया है। रेलवे को यह कदम तीनों स्पेशल ट्रेनों के लिए सवारियां नहीं मिलने की वजह से उठाना पड़ा। 15 सितंबर से तीनों स्पेशल ट्रेन का संचालन बंद हो जाएगा।
रेलवे ने त्योहारों के मद्देजनर चार और पांच अगस्त से पूर्वोत्तर की नई ब्राडगेज लाइन पर तीन जोड़ी स्पेशल एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन शुरू किया था। तीन जोड़ी स्पेशल एक्सप्रेस ट्रेनों में लालकुआं-कानपुर के अनवरगंज, लालकुआं-मथुरा और रामनगर- मथुरा ट्रेनें हैं। इनमें लालकुआं-अनवरगंज और रामनगर-मथुुरा सप्ताह में तीन बार तो लालकुआं-मथुरा का सप्ताह में दो दिन संचालन हुआ। इसका इलाके के लोगों को काफी फायदा भी मिला। खासकर त्योहार के दिनों में स्पेशल ट्रेनों में भीड़भाड भी रही लेकिन धीरे-धीरे सवारियों की संख्या में गिरावट महसूस होने लगी। रेलवे सूत्रों की मानें तो तीनों जोड़ी स्पेशल ट्रेन के संचालन के दौरान विभाग को प्रति राउंड आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। पूर्वोत्तर रेलवे के पीओरओ राजेंद्र सिंह का कहना है कि तीनों जोड़ी स्पेशल ट्रेनों का संचालन महज इसलिए बंद करना पड़ रहा है कि प्रत्येक चक्कर पर घाटे के अलावा कुछ नहीं मिलता। मंत्रालय को भी हकीकत का पता है। ऐसे में घाटे का अब ज्यादा बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
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दिसंबर तक चलनी थी लालकुआं-अनवरगंज स्पेशल ट्रेन उझानी। चार अगस्त को उत्तराखंड के लालकुआं स्टेशन से शुरू हुई लालकुआं स्पेशल एक्सप्रेस को दोनों तरफ से सप्ताह में छह बार संचालन के लिए तय समय 30 दिसंबर तक घोषित किया गया था। रामनगर-मथुरा सप्ताह के दो दिनों में चार राउंड और लालकुआं-मथुरा के सप्ताह में तीन दिन के अंदर छह राउंड इस महीना 29 सितंबर के तक तय थे।
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रेलवे के फैसले आहत दिखे व्यापारी
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के प्रदेश उपाध्यक्ष राजकुमार बंसल तीन जोड़ी स्पेशल एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन बंद किए जाने के रेलवे के फैसले से आहत दिखे। बोले- व्यापार चाहे जैसा हो, शुरू में नुकसान भी हो सकता है लेकिन रेलवे को ट्रेनों का संचालन बंद करने का कदम नहीं उठाना चाहिए था। काफी हद तक संभव है कि महकमे को आगे चलकर फायदा भी होता। इसका विपरीत प्रभाव व्यापार पर पड़ेगा।
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सराफा कमेटी के अध्यक्ष संजय मित्तल ने बताया कि रेलवे ने स्पेशल ट्रेनों के संचालन को लेकर जिस तरह से कदम उठाया है, वह अच्छा नहीं है। इलाके के लोग पहले से ट्रेनों की संख्या में वृद्धि की मांग करते रहे हैं लेकिन विभाग ने महज एक महीने के लिए लॉलीपाप देकर सुविधा छीन ली है। रेलवे अफसरों को अपने फैसले पर लोगों को सुविधा के नजरिए से पुनर्विचार करना चाहिए। -
इलाके के वरिष्ठ व्यापारी नेता मुरली मनोहर सिंघल मीटरगेज लाइन को ब्राडगेज में तब्दील कराने से लेकर उस पर ट्रेनों की संख्या में वृद्धि की आवाज पिछले काफी समय से उठाते रहे हैं। बताया- पब्लिक हित में रेलवे को ऐसा कोई कदम उठाना चाहिए जो रेलवे के लिए फायदे का सौदा साबित हो। स्पेशल ट्रेेनों का संचालन जारी रखने के लिए व्यापारियों को सामूहिक रूप से आवाज उठानी चाहिए।
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रेलवे ने पिछले महीने लालकुआं से अनवरगंज, रामनगर से मथुरा और लालकुआं से मथुरा के लिए तीन जोड़ी स्पेशल एक्सप्रेस ट्रेनों के संचालन की जो सौगात दी थी उसे निर्धारित वक्त से पहले ही वापस ले लिया है। रेलवे को यह कदम तीनों स्पेशल ट्रेनों के लिए सवारियां नहीं मिलने की वजह से उठाना पड़ा। 15 सितंबर से तीनों स्पेशल ट्रेन का संचालन बंद हो जाएगा।
रेलवे ने त्योहारों के मद्देजनर चार और पांच अगस्त से पूर्वोत्तर की नई ब्राडगेज लाइन पर तीन जोड़ी स्पेशल एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन शुरू किया था। तीन जोड़ी स्पेशल एक्सप्रेस ट्रेनों में लालकुआं-कानपुर के अनवरगंज, लालकुआं-मथुरा और रामनगर- मथुरा ट्रेनें हैं। इनमें लालकुआं-अनवरगंज और रामनगर-मथुुरा सप्ताह में तीन बार तो लालकुआं-मथुरा का सप्ताह में दो दिन संचालन हुआ। इसका इलाके के लोगों को काफी फायदा भी मिला। खासकर त्योहार के दिनों में स्पेशल ट्रेनों में भीड़भाड भी रही लेकिन धीरे-धीरे सवारियों की संख्या में गिरावट महसूस होने लगी। रेलवे सूत्रों की मानें तो तीनों जोड़ी स्पेशल ट्रेन के संचालन के दौरान विभाग को प्रति राउंड आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। पूर्वोत्तर रेलवे के पीओरओ राजेंद्र सिंह का कहना है कि तीनों जोड़ी स्पेशल ट्रेनों का संचालन महज इसलिए बंद करना पड़ रहा है कि प्रत्येक चक्कर पर घाटे के अलावा कुछ नहीं मिलता। मंत्रालय को भी हकीकत का पता है। ऐसे में घाटे का अब ज्यादा बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
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दिसंबर तक चलनी थी लालकुआं-अनवरगंज स्पेशल ट्रेन उझानी। चार अगस्त को उत्तराखंड के लालकुआं स्टेशन से शुरू हुई लालकुआं स्पेशल एक्सप्रेस को दोनों तरफ से सप्ताह में छह बार संचालन के लिए तय समय 30 दिसंबर तक घोषित किया गया था। रामनगर-मथुरा सप्ताह के दो दिनों में चार राउंड और लालकुआं-मथुरा के सप्ताह में तीन दिन के अंदर छह राउंड इस महीना 29 सितंबर के तक तय थे।
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रेलवे के फैसले आहत दिखे व्यापारी
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के प्रदेश उपाध्यक्ष राजकुमार बंसल तीन जोड़ी स्पेशल एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन बंद किए जाने के रेलवे के फैसले से आहत दिखे। बोले- व्यापार चाहे जैसा हो, शुरू में नुकसान भी हो सकता है लेकिन रेलवे को ट्रेनों का संचालन बंद करने का कदम नहीं उठाना चाहिए था। काफी हद तक संभव है कि महकमे को आगे चलकर फायदा भी होता। इसका विपरीत प्रभाव व्यापार पर पड़ेगा।
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सराफा कमेटी के अध्यक्ष संजय मित्तल ने बताया कि रेलवे ने स्पेशल ट्रेनों के संचालन को लेकर जिस तरह से कदम उठाया है, वह अच्छा नहीं है। इलाके के लोग पहले से ट्रेनों की संख्या में वृद्धि की मांग करते रहे हैं लेकिन विभाग ने महज एक महीने के लिए लॉलीपाप देकर सुविधा छीन ली है। रेलवे अफसरों को अपने फैसले पर लोगों को सुविधा के नजरिए से पुनर्विचार करना चाहिए। -
इलाके के वरिष्ठ व्यापारी नेता मुरली मनोहर सिंघल मीटरगेज लाइन को ब्राडगेज में तब्दील कराने से लेकर उस पर ट्रेनों की संख्या में वृद्धि की आवाज पिछले काफी समय से उठाते रहे हैं। बताया- पब्लिक हित में रेलवे को ऐसा कोई कदम उठाना चाहिए जो रेलवे के लिए फायदे का सौदा साबित हो। स्पेशल ट्रेेनों का संचालन जारी रखने के लिए व्यापारियों को सामूहिक रूप से आवाज उठानी चाहिए।