फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   एक करोड़ की रंगदारी मांगने वाला गैंग पकड़ा

एक करोड़ की रंगदारी मांगने वाला गैंग पकड़ा

Fri, 12 Oct 2018 07:36 PM IST
Updated Fri, 12 Oct 2018 07:36 PM IST
विज्ञापन
एक करोड़ की रंगदारी मांगने वाला गैंग पकड़ा
 सरकार हॉस्पिटल के बिल्डिंग स्वामी से एक करोड़ की रंगदारी मांगने वाले गैंग का शुक्रवार को पर्दाफाश कर दिया गया। इस मामले में पुलिस ने तीन लोगों को पकड़ा है, जिनमें साले-बहनोई भी हैं। इस गैंग का सरगना शाहजहांपुर के जलालाबाद निवासी छुटभैया नेता अशरफ अली उर्फ मुफ्ती है। हालांकि अभी उसकी गिरफ्तारी नहीं हुई है। वह फरार बताया जा रहा है। पुलिस ने पकड़े गए युवकों से प्रिंटर, मोबाइल और रंगदारी भरे पत्र बरामद किए हैं।
विज्ञापन

एसएसपी अशोक कुमार ने शुक्रवार दोपहर रंगदारी मांगने वाले गैंग का पर्दाफाश कर दिया। उन्होंने बताया कि 29 सितंबर को खेड़ा नवादा स्थित सरकार हॉस्पिटल के बिल्डिंग स्वामी मुस्लिम अली से एक करोड़ की रंगदारी मांगी गई थी। उसी दिन रंगदारी मांगने वाले दो युवकों ने हॉस्पिटल का वीडियो बनाया था। एक अक्तूबर को सिविल लाइंस थाने में बिल्डिंग स्वामी की तहरीर पर अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी। इस घटना के खुलासे के लिए दो टीम लगाई गई थीं। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस रंगदारी मांगने वालों को तलाश कर रही थी। वहीं सोशल मीडिया पर सीसीटीवी फुटेज और फोटो वायरल किए गए थे। इससे पुलिस आरोपियों तक पहुंच गई। पुलिस ने अलापुर थाना क्षेत्र के ग्राम भसराला निवासी बाबू हसन पुत्र मुन्ने और उसके सगे साले अरमान अंसारी पुत्र रियासत अली निवासी अरेला मोहल्ला दातागंज के अलावा दातागंज के इमामबाड़ा मोहल्ला निवासी फरदीन खां पुत्र इदरीश को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने इनके पास से एक प्रिंटर, तीन मोबाइल, हाथ के लिखे रंगदारी भरे पत्र और कुछ प्रिंटेड पर्चे बरामद किएं। इनसे पूछताछ के दौरान पता चला कि इस गैंग को शाहजहांपुर का जलालाबाद निवासी अशरफ अली उर्फ मुफ्ती ऑपरेट कर रहा था। उसने ही रंगदारी भरा मैटर बाबू हसन को वाट्स ऐप किया था। इसके बाद तीनों ने वाट्स ऐप के मैटर को प्रिंटर से निकाल लिया। एसएसपी ने बताया कि इनका इरादा लोगों से डरा धमका कर रुपये वसूलने का था। अशरफ अली अभी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा है। पुलिस उसे तलाश कर रही है। यह कामयाबी हासिल करने में सिविल लाइंस इंस्पेक्टर अनिल कुमार सिरोही, एसआई सुरेंद्र सिंह, सिपाही कृष्ण कुमार, रविंद्र सिंह, नीरज आदि का प्रमुख सहयोग रहा।
विज्ञापन

-----------
चार और लोग थे गैंग के निशाने पर
अंडरवर्ल्ड गैंग के नाम से सिर्फ सरकार हॉस्पिटल के बिल्डिंग स्वामी से रंगदारी नहीं मांगी गई। इन लोगों के निशाने पर चार और लोग भी थे। इनमें एक डेयरी संचालक भी शामिल हैं। गैंग ने सबसे पहले सरकार हॉस्पिटल से शुरुआत की थी। यह मामला अखबारों की सुर्खियां बना तो गैंग को पकड़े जाने का डर लगने लगा था। पुलिस ने इस गैंग से चार और लोगों के नाम रंगदारी भरे पर्चे बरामद किए हैं। वह चार लोग कौन हैं और कितनी रंगदारी मांगी जानी थी। पुलिस ने इसका खुलासा नहीं किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

--------------
दो माह पहले दातागंज के एक होटल पर बना था प्लान
अंडरवर्ल्ड गैंग के नाम से रंगदारी मांगने का प्लान करीब दो माह पहले बना था। जलालाबाद निवासी अशरफ अली उर्फ मुफ्ती दातागंज में एक होटल आया था। वहीं उसने बाबू हसन को बुला लिया था। दोनों की मुलाकात वहीं हुई और यह प्लान बनाया गया। उसके बाद मुफ्ती जलालाबाद से ही गैंग को ऑपरेट करने लगा। इधर, तब तक बाबू हसन ने अपने साले अरमान अंसारी और फरदीन को गैंग में शामिल कर लिया।
--------------
पांच-पांच सौ रुपये देकर भेजे गए थे पर्चे
जलालाबाद निवासी अशरफ अली ने पहला रंगदारी भरा पत्र भेजने के लिए बाबू हसन, अरमान अंसारी और फरदीन खां को सिर्फ पांच-पांच सौ रुपये दिए थे। इनसे कहा गया था कि बाकी रुपये रंगदारी मिलने के बाद दिए जाएंगे।
-----------
एक नेता के इशारे पर सरकार हॉस्पिटल से मांगी गई रंगदारी
सरकार हॉस्पिटल के बिल्डिंग स्वामी से रंगदारी मांगने के मामले में भले ही जलालाबाद (शाहजहांपुर) का छुटभैया नेता मुख्य आरोपी है। लेकिन इसमें बदायूं के भी एक नेता का सहयोग रहा। उसकी अशरफ अली से बातचीत होती थी। बाकी अशरफ अली इन लड़कों से बात करता और आगे का प्लान बताता था।
---------------
ग्यारहवीं-बारहवीं के छात्र हैं पर्चा फेंकने वाले
दातागंज कस्बे के अरेला मोहल्ला निवासी अरमान अंसारी पुत्र रियासत अली की उम्र करीब 19 साल है। वह नगर के एक इंटर कॉलेज में कक्षा 12 का छात्र है। जबकि कस्बे के इमामबाड़ा मोहल्ला निवासी फरदीन खां की उम्र 18 साल है। वह 11 वीं का छात्र है और वह दूसरे इंटर कॉलेज में पढ़ता है।

----------
डॉक्टर पर फायरिंग करने वाले कौन?
इस मामले में अभी यह पता नहीं चला है कि डॉ. विवेक कुमार पर फायर करने वाले यही लोग थे या कोई और। डॉक्टर पर फायरिंग रंगदारी मांगने के बाद की गई थी। पकड़े गए आरोपी फायरिंग करने से इंकार कर रहे हैं। वहीं पुलिस ने भी नहीं बताया है कि फायरिंग करने वाले यही लोग थे। इसके लिए जलालाबाद निवासी मुफ्ती की तलाश शुरू कर दी है। उसके पकड़े जाने के बाद ही पता चलेगा कि फायरिंग करने वाले कौन लोग थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed