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एकीकृत व्यवस्था :एक परिसर के दो स्कूल हुए एक वरिष्ठ प्रधानाध्यापकों को दी जिम्मेदारी
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बदायूं। अब एक ही परिसर में चलने वाले दो सरकारी विद्यालय एक हो गए हैं। इसके लिए शासन ने मंजूरी दे दी है। शासन ने सभी विद्यालयों की लिस्ट भी जारी कर दी है। साथ ही मर्ज हुए इन विद्यालयों की कमान वरिष्ठ प्रधानाध्यापकों को दी है।
शासन ने एकीकृत व्यवस्था के तहत एक ही परिसर में चलने वाले अलग-अलग स्कूलों को एक करने के निर्देश दिए। ऐसे में एक परिसर में विद्यालय चलने से अलग-अलग स्कूलों को मिलने वाला फंड एक ही स्कूल बैंक खाते में आएगा। इससे स्कूलों का मरम्मत कार्य ठीक से हो पाएगा। इन विद्यालयों को एक करने के लिए शासन की ओर से बेसिक शिक्षा अधिकारी से सूची मांगी गई थी। जो विभाग ने शासन को उपलब्ध करा दी थी। जिसके बाद में वहां से पत्र प्राप्त हुआ है। इसमें जिले के 600 स्कूल ऐसे थे। जिनका विलय किया गया। शासन से आए पत्र में ये भी साफ कर दिया है कि मर्ज हुए विद्यालयों में किन प्रधानाध्यापक के पास चार्ज रहेगा। इस संबंध में बेसिक शिक्षा अधिकारी रामपाल सिंह राजपूत ने बताया कि जरीफनगर में एक ही परिसर में तीन, उझानी में एक परिसर में चार विद्यालय संचालित थे। ऐसे में जब जिले में छह सौ विद्यालयों मर्ज हुए तो इनका चार्ज 298 प्रधानाध्यापक को दे दिया गया है।
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शासन ने एकीकृत व्यवस्था के तहत एक ही परिसर में चलने वाले अलग-अलग स्कूलों को एक करने के निर्देश दिए। ऐसे में एक परिसर में विद्यालय चलने से अलग-अलग स्कूलों को मिलने वाला फंड एक ही स्कूल बैंक खाते में आएगा। इससे स्कूलों का मरम्मत कार्य ठीक से हो पाएगा। इन विद्यालयों को एक करने के लिए शासन की ओर से बेसिक शिक्षा अधिकारी से सूची मांगी गई थी। जो विभाग ने शासन को उपलब्ध करा दी थी। जिसके बाद में वहां से पत्र प्राप्त हुआ है। इसमें जिले के 600 स्कूल ऐसे थे। जिनका विलय किया गया। शासन से आए पत्र में ये भी साफ कर दिया है कि मर्ज हुए विद्यालयों में किन प्रधानाध्यापक के पास चार्ज रहेगा। इस संबंध में बेसिक शिक्षा अधिकारी रामपाल सिंह राजपूत ने बताया कि जरीफनगर में एक ही परिसर में तीन, उझानी में एक परिसर में चार विद्यालय संचालित थे। ऐसे में जब जिले में छह सौ विद्यालयों मर्ज हुए तो इनका चार्ज 298 प्रधानाध्यापक को दे दिया गया है।
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