{"_id":"5d17b88e8ebc3e3cf74fca88","slug":"15618356411-badaun-news161","type":"story","status":"publish","title_hn":"जननी सुरक्षा योजना की धीमी प्रगति देख डीएम ने जताई नाराजगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जननी सुरक्षा योजना की धीमी प्रगति देख डीएम ने जताई नाराजगी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बदायूं। शनिवार को डीएम ने कलक्ट्रेट में जिला स्वास्थ्य समिति, संचारी रोग नियंत्रण पखवाड़ा के तहत स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की समीक्षा की। इसमें जननी सुरक्षा योजना तहत संस्थागत प्रसव और उसके भुगतान की स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई। डीएम दिनेश कुमार सिंह ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के प्रति कड़ी नाराजगी जताई।
डीएम ने निर्देश दिए कि जगत के एमओआईसी के वेतन आहरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए, जब तक प्रगति में सुधार न हो। दोषी एमओआईसी को माह में वेतन का 20 प्रतिशत ही भुगतान किया जाए। प्रगति सही होने पर ही वेतन का शत प्रतिशत भुगतान किया जाएगा। कहा कि प्रत्येक एमओआईसी के कंप्यूटर में गर्भवती महिलाओं का विवरण फीड होना चाहिए। समय-समय पर उन महिलाओं से वार्ता कर उनके स्वास्थ्य का परीक्षण, मार्ग दर्शन किया जाए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ जच्चा-बच्चा दोनों की सुरक्षा भी चिकित्सकों का दायित्व है।
लापरवाह संविदा कर्मियों को जारी करें नोटिस
-डीएम ने निर्देश दिए कि सीएचसी, पीएचसी सहित जिला और महिला अस्पताल में संविदाकर्मी तैनात हैं। वह अपने दायित्वों को भलीभांति अंजाम नहीं दे रहे हैं, तो दोषी कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए। सुधार न होने की स्थिति में अगली जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में ऐसे प्रकरणों को रखा जाए, ताकि उनकी सेवाएं समाप्त की जा सकें।
विज्ञापन
एमओआईसी पैदल गांवों का करें भ्रमण
-डीएम ने निर्देश दिए कि एमओआईसी प्राथमिक, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बैठने से पूर्व मौका देखकर प्रधान, आंगनबाड़ी, एएनएम व आशा वर्कर के साथ पैदल चलकर गांव का भ्रमण करें। स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता के लिए ग्रामीणों का मार्ग दर्शन करें।
विज्ञापन
डीएम ने निर्देश दिए कि जगत के एमओआईसी के वेतन आहरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए, जब तक प्रगति में सुधार न हो। दोषी एमओआईसी को माह में वेतन का 20 प्रतिशत ही भुगतान किया जाए। प्रगति सही होने पर ही वेतन का शत प्रतिशत भुगतान किया जाएगा। कहा कि प्रत्येक एमओआईसी के कंप्यूटर में गर्भवती महिलाओं का विवरण फीड होना चाहिए। समय-समय पर उन महिलाओं से वार्ता कर उनके स्वास्थ्य का परीक्षण, मार्ग दर्शन किया जाए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ जच्चा-बच्चा दोनों की सुरक्षा भी चिकित्सकों का दायित्व है।
विज्ञापन
लापरवाह संविदा कर्मियों को जारी करें नोटिस
-डीएम ने निर्देश दिए कि सीएचसी, पीएचसी सहित जिला और महिला अस्पताल में संविदाकर्मी तैनात हैं। वह अपने दायित्वों को भलीभांति अंजाम नहीं दे रहे हैं, तो दोषी कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए। सुधार न होने की स्थिति में अगली जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में ऐसे प्रकरणों को रखा जाए, ताकि उनकी सेवाएं समाप्त की जा सकें।
विज्ञापन
एमओआईसी पैदल गांवों का करें भ्रमण
-डीएम ने निर्देश दिए कि एमओआईसी प्राथमिक, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बैठने से पूर्व मौका देखकर प्रधान, आंगनबाड़ी, एएनएम व आशा वर्कर के साथ पैदल चलकर गांव का भ्रमण करें। स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता के लिए ग्रामीणों का मार्ग दर्शन करें।