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बंदरों के हमले में महिला की छत से गिरकर मौत
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कुंवरगांव (बदायूं)। थाना क्षेत्र के ग्राम कासिमपुर में सोमवार सुबह बंदरों के झुंड ने एक महिला पर हमला बोल दिया। महिला उस समय छत पर सूख रहे कपड़े लाने को छत पर गई थी। हमले के बाद वह खुद को बचाने के लिए भागी कि तभी छत से नीचे आ गिरी। अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई।
हादसा सोमवार सुबह करीब छह बजे हुआ। उस समय ग्राम निवासी शांति देवी (45) पत्नी महेंद्र पाल के घर में अधिकतर लोग सो रहे थे। शांति देवी उठकर घर में झाडू़ लगा लगा रहीं थीं। उन्होंने रविवार शाम छत पर कुछ कपड़े सुखाने के लिए डाले थे। सोमवार सुबह वह कपड़े उतारतीं, उससे पहले बंदरों का एक झुंड उनकी छत पर आ गया। उन्हें डर था कि बंदर कपड़े ले जाएंगे। इससे वह कपड़े बचाने के लिए छत पर चढ़ गईं। वह तार से कपड़े उतार रहीं थीं कि तभी बंदरों ने उन पर हमला कर दिया। वह खुद को बचाती हुईं चीखती चिल्लाती नीचे ओर भागीं कि तभी जल्दबाजी के चक्कर में घर के आंगन में आ गिरीं और सिर में लकड़ी लगने से गंभीर रूप से घायल हो गई। उनकी चीख-पुकार सुनकर परिवार के लोग जाग गए। उन्हें खून से लथपथ देखकर परिवार वाले चौंक गए। परिवार वाले महिला को जिला अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिवार वालों ने महिला के शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया है। उन्होंने शाम को अंतिम संस्कार कर दिया। शांति देवी के सात बच्चे हैं जिनमें तीन बच्चों की शादी हो चुकी है। सभी का रो-रोकर बुरा हाल है।
बंदरों से परेशान हैं गांव के लोग
कुंवरगांव। कासिमपुर गांव के लोग बंदरों से परेशान हो चुके हैं। बंदर कपड़े, चप्पल और घर का अन्य सामान उठाकर ले जाते हैं। फसलें उजाड़ दी हैं। लोगों को घायल कर चुके हैं। दो दिन पहले कुसुमा देवी पत्नी पोहपी राम को काट लिया था। वहीं गांव की गोमती के ऊपर ईंट गिरा दी। इससे वह घायल हो गई थीं।
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हादसा सोमवार सुबह करीब छह बजे हुआ। उस समय ग्राम निवासी शांति देवी (45) पत्नी महेंद्र पाल के घर में अधिकतर लोग सो रहे थे। शांति देवी उठकर घर में झाडू़ लगा लगा रहीं थीं। उन्होंने रविवार शाम छत पर कुछ कपड़े सुखाने के लिए डाले थे। सोमवार सुबह वह कपड़े उतारतीं, उससे पहले बंदरों का एक झुंड उनकी छत पर आ गया। उन्हें डर था कि बंदर कपड़े ले जाएंगे। इससे वह कपड़े बचाने के लिए छत पर चढ़ गईं। वह तार से कपड़े उतार रहीं थीं कि तभी बंदरों ने उन पर हमला कर दिया। वह खुद को बचाती हुईं चीखती चिल्लाती नीचे ओर भागीं कि तभी जल्दबाजी के चक्कर में घर के आंगन में आ गिरीं और सिर में लकड़ी लगने से गंभीर रूप से घायल हो गई। उनकी चीख-पुकार सुनकर परिवार के लोग जाग गए। उन्हें खून से लथपथ देखकर परिवार वाले चौंक गए। परिवार वाले महिला को जिला अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिवार वालों ने महिला के शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया है। उन्होंने शाम को अंतिम संस्कार कर दिया। शांति देवी के सात बच्चे हैं जिनमें तीन बच्चों की शादी हो चुकी है। सभी का रो-रोकर बुरा हाल है।
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बंदरों से परेशान हैं गांव के लोग
कुंवरगांव। कासिमपुर गांव के लोग बंदरों से परेशान हो चुके हैं। बंदर कपड़े, चप्पल और घर का अन्य सामान उठाकर ले जाते हैं। फसलें उजाड़ दी हैं। लोगों को घायल कर चुके हैं। दो दिन पहले कुसुमा देवी पत्नी पोहपी राम को काट लिया था। वहीं गांव की गोमती के ऊपर ईंट गिरा दी। इससे वह घायल हो गई थीं।
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