{"_id":"5cdefcaabdec22076357a7b3","slug":"151558117546-budaun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नकली फिंगरप्रिंट पर राशन निकाला, अब होगी जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नकली फिंगरप्रिंट पर राशन निकाला, अब होगी जांच
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बदायूं। कोटेदारों द्वारा राशन सामग्री हड़पने या गलत राशन कार्ड बनवाकर राशन लेने के मामले तो आते हैं, लेकिन शुक्रवार को जो मामला सामने आया, उससे अधिकारी भी हैरत में हैं। एक पूर्व राशन डीलर का बेटा अपने दूसरे भाई के नकली फिंगरप्रिंट बनवाकर राशन ले गया। उपभोक्ताओं की भीड़ के बीच जब तक कोटेदार को इसका आभास हुआ तब तक वह राशन लेकर जा चुका था। कोटेदार ने सूचना अधिकारियों को दी, जिससे वह भी मौके पर पहुंच गए।
गुरुवार को उसावां के अकबरपुर में राशन वितरण किया गया था। यहां पूर्व राशन डीलर राधेश्याम का बेटा सुनील राशन लेने कोटेदार अमरसिंह के यहां गया था। राधेश्याम का एक बेटा अशोक बाहर रहता है। एआरओ महेश गौतम के मुताबिक सुनील पर अशोक के नाम का राशन कार्ड था। ई-पॉस मशीन में अशोक के नाम पर क्लिक किया गया, जिसके बाद सुनील ने मशीन पर अंगूठा लगा दिया। मशीन ने भी अशोक के नाम पर ओके दिखा दिया। उन्होंने बताया कि कोटेदार ने सुनील को अंगूठे से कुछ उतारते देखा था, लेकिन जब तक वह कुछ पूछ पाता, सुनील वहां से जा चुका था। कोटेदार ने इसकी जानकारी पूर्ति निरीक्षक संजय चौधरी को दी। पूर्ति निरीक्षक ने एआरओ को वहां बुला लिया। एआरओ ने बताया कि जब इसकी जांच पूर्ति निरीक्षक से कराई गई तो पता चला कि राधेश्याम के तीन बेटों के नाम अलग-अलग अंत्योदय कार्ड बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि इनके कार्ड अब निरस्त किए जाएंगे और एक साल की रिकवरी भी की जाएगी। नकली फिंगरप्रिंट बनाकर राशन लेने की भी जांच होगी।
...तो क्या बरेली में बनते हैं नकली फिंगरप्रिंट
बदायूं। एआरओ के मुताबिक जब पूर्व राशन डीलर के बेटे को बातों में लेकर पूछा गया तो उसने बताया कि बरेली में उसने इसे तैयार कराया है, जिसमें काफी रुपये खर्च हुए हैं। बहरहाल, मामला जो भी हो, लेकिन यह प्रश्न खड़ा हो गया है कि ई-पॉस मशीन में किसी का अंगूठा दूसरे से मैच कैसे हुआ। इससे अधिकारी भी हैरत में हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
गुरुवार को उसावां के अकबरपुर में राशन वितरण किया गया था। यहां पूर्व राशन डीलर राधेश्याम का बेटा सुनील राशन लेने कोटेदार अमरसिंह के यहां गया था। राधेश्याम का एक बेटा अशोक बाहर रहता है। एआरओ महेश गौतम के मुताबिक सुनील पर अशोक के नाम का राशन कार्ड था। ई-पॉस मशीन में अशोक के नाम पर क्लिक किया गया, जिसके बाद सुनील ने मशीन पर अंगूठा लगा दिया। मशीन ने भी अशोक के नाम पर ओके दिखा दिया। उन्होंने बताया कि कोटेदार ने सुनील को अंगूठे से कुछ उतारते देखा था, लेकिन जब तक वह कुछ पूछ पाता, सुनील वहां से जा चुका था। कोटेदार ने इसकी जानकारी पूर्ति निरीक्षक संजय चौधरी को दी। पूर्ति निरीक्षक ने एआरओ को वहां बुला लिया। एआरओ ने बताया कि जब इसकी जांच पूर्ति निरीक्षक से कराई गई तो पता चला कि राधेश्याम के तीन बेटों के नाम अलग-अलग अंत्योदय कार्ड बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि इनके कार्ड अब निरस्त किए जाएंगे और एक साल की रिकवरी भी की जाएगी। नकली फिंगरप्रिंट बनाकर राशन लेने की भी जांच होगी।
विज्ञापन
...तो क्या बरेली में बनते हैं नकली फिंगरप्रिंट
बदायूं। एआरओ के मुताबिक जब पूर्व राशन डीलर के बेटे को बातों में लेकर पूछा गया तो उसने बताया कि बरेली में उसने इसे तैयार कराया है, जिसमें काफी रुपये खर्च हुए हैं। बहरहाल, मामला जो भी हो, लेकिन यह प्रश्न खड़ा हो गया है कि ई-पॉस मशीन में किसी का अंगूठा दूसरे से मैच कैसे हुआ। इससे अधिकारी भी हैरत में हैं।
विज्ञापन