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... तो क्या शासन है परिषदीय स्कूलों की जर्जर हालत का जिम्मेदार
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बदायूं
Updated Fri, 06 Jul 2018 11:45 PM IST
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जिले में शिक्षा के स्तर की बात करें तो यह कागजों में भले ही सातवें आसमान पर दिखाया जा रहा हो, लेकिन अगर जमीनी हकीकत पर गौर किया जाए तो शिक्षा की स्थिति बदहाल है। शिक्षा की यह दशा खुद विभागीय आंकड़े बयां कर रहे हैं। शहर के 15 ऐसे परिषदीय विद्यालय हैं जो दूर से देखने में एक खंडहर की तरह प्रतीत होते हैं लेकिन शासन की उपेक्षा के चलते इन खंडहरों में नौनिहालों का भविष्य संवारा जा रहा है। शहर के जिन मुहल्लों में यह विद्यालय स्थापित हैं वहां के वाशिंदों की सोच ही इन विद्यालयों की माली हालत बयां करने के लिए काफी है। अगर कोई व्यक्ति मुहल्ले में परिषदीय स्कूल का पता लोगों से पूछता है तो उनकी ओर से दो टूक जवाब में कहा जाता है कि जो दूर देखने में खंडहर जैसा लगा समझ लेना परिषदीय विद्यालय है। अब ऐसे में अगर जिला प्रशासन व शासन परिषदीय स्कूलों में कॉन्वेंट जैसी सुविधाएं देने का दावा पेश करे तो उस पर सवालिया निशान उठना लाजमी है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार शहर के 15 ऐसे परिषदीय विद्यालय हैं जिनमें कई वषोँं से मूलभूत सुविधाओं का टोटा है लेकिन विभाग की ओर से कई बार अवगत कराने के बावजूद भी शासन ने गंभीर मामले की सुध नहीं ली। इन विद्यालयों में बिजली, फर्नीचर, पेयजल व शौचालय के इंतजाम तो दूर की बात है बल्कि मुख्य गेट तक नही लगा हुआ है। जिस कारण सुबह तो इसमें नौनिहालों का भविष्य संवारा जाता है और रात में यह अवारा पशुओं का आशियाना बन जाते हैं।
भूमि अधिकृत कर कराया जाए सौंदर्यीकरण
शहर में जितने भी परिषदीय विद्यालय संचालित हो रहे हैं इनके भवनों को किराए पर लिया गया है। अब विभाग की ओर से शासन से मांग की गई है कि भूमि का अधिग्रहण कर इसका सौंदर्यीकरण कराया जाए। जिससे विद्यालयों की तस्वीर बदल सकती है। देहात क्षेत्र में सरकारी जमीन पर विद्यालय बने हुए हैं जिस कारण अच्छी देखरेख के चलते यह विद्यालय, कावेंट को भी मात दे रहे हैं।
जर्जर विद्यालयों की सूची -
प्राथमिक विद्यालय, मुहल्ला लालपुुल, प्राथमिक विद्यालय प्रथम, कबूलपुरा, प्राथमिक विद्यालय द्वितीय, कबूलपूरा, प्राथमिक विद्यालय तृतीय, कबूलपुरा, प्राथमिक विद्यालय, ऊपरपारा, प्राथमिक विद्यालय, सराय नाहर खां, प्राथमिक विद्यालय, सोथा, प्राथमिक विद्यालय प्रथम, हल्का, प्राथमिक विद्यालय, टिकटगंज, प्राथमिक विद्यालय प्रथम, शाहबाजपुर, प्राथमिक विद्यालय द्वितीय, शाहबाजपुर, प्राथमिक विद्यालय, फरशोरी टोला, प्राथमिक विद्यालय प्रथम, खंडसारी, प्राथमिक विद्यालय द्वितीय, खंडसारी, प्राथमिक विद्यालय, सराय।
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भूमि अधिकृत कर कराया जाए सौंदर्यीकरण
शहर में जितने भी परिषदीय विद्यालय संचालित हो रहे हैं इनके भवनों को किराए पर लिया गया है। अब विभाग की ओर से शासन से मांग की गई है कि भूमि का अधिग्रहण कर इसका सौंदर्यीकरण कराया जाए। जिससे विद्यालयों की तस्वीर बदल सकती है। देहात क्षेत्र में सरकारी जमीन पर विद्यालय बने हुए हैं जिस कारण अच्छी देखरेख के चलते यह विद्यालय, कावेंट को भी मात दे रहे हैं।
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जर्जर विद्यालयों की सूची -
प्राथमिक विद्यालय, मुहल्ला लालपुुल, प्राथमिक विद्यालय प्रथम, कबूलपुरा, प्राथमिक विद्यालय द्वितीय, कबूलपूरा, प्राथमिक विद्यालय तृतीय, कबूलपुरा, प्राथमिक विद्यालय, ऊपरपारा, प्राथमिक विद्यालय, सराय नाहर खां, प्राथमिक विद्यालय, सोथा, प्राथमिक विद्यालय प्रथम, हल्का, प्राथमिक विद्यालय, टिकटगंज, प्राथमिक विद्यालय प्रथम, शाहबाजपुर, प्राथमिक विद्यालय द्वितीय, शाहबाजपुर, प्राथमिक विद्यालय, फरशोरी टोला, प्राथमिक विद्यालय प्रथम, खंडसारी, प्राथमिक विद्यालय द्वितीय, खंडसारी, प्राथमिक विद्यालय, सराय।
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