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गन्ने के बकाया भुगतान को लेकर भाकियू का प्रदर्शन
Updated Thu, 13 Dec 2018 11:33 PM IST
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कछला में भारतीय किसान कार्यकर्ताओं ने बेमियादी धरना के नवें दिन गुरुवार को न्योली चीनी मिल के महाप्रबंधक पर किसानों को गुमराह करने का आरोप लगाया। कहा कि महाप्रबंधक आश्वासन देने के बाद भी किसानों से मिलने के लिए धरनास्थल पर नहीं पहुंचे हैं। उन्होंने इसे लेकर महाप्रबंधक के खिलाफ प्रदर्शन किया।
कछला चौराहे के पास बेमियादी धरना पर बैठे यूनियन के कार्यकर्ताओं ने गन्ना बकाया भुगतान कराने में न्योली चीनी मिल के महाप्रबंधक की भूमिका पर सवाल उठाया। यूनियन के जिला उपाध्यक्ष जुगेंद्र सिंह और ब्लॉक अध्यक्ष सोमवीर सिंह ने कहा कि इलाके के सैकड़ों किसानों का चीनी मिल पर लाखों रुपया बकाया है। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऐलान भी किया था कि गन्ना किसानों के बकाया का भुगतान नवंबर महीना के अंत तक करवा दिया जाएगा लेकिन स्थानीय स्तर पर अफसर गौर नहीं कर रहे हैं। इसे अब और बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
यूनियन के कार्यकर्ताओं ने किसानों के उत्पीड़न का भी मामला उठाया। कहा कि दिल्ली में किसानों पर लाठीचार्ज की घटना ने साबित कर दिया है कि सरकार भी किसानों की समस्याओं के समाधान की दिशा में चुप्पी साधे बैठी है। सरकार किसानों को उनका हक दिलाने की बजाय हतोत्साहित करना चाहती है। कार्यकर्ताओं ने अफसरों समेत चीनी मिल के महाप्रबंधक के खिलाफ प्रदर्शन भी किया। प्रदर्शनकारियों में नरेशपाल, गंगा सिंह, सुरेशपाल, नंदराम वर्मा, तनवीर, चेतराम और मेहरबान सिंह आदि शामिल थे।
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कछला चौराहे के पास बेमियादी धरना पर बैठे यूनियन के कार्यकर्ताओं ने गन्ना बकाया भुगतान कराने में न्योली चीनी मिल के महाप्रबंधक की भूमिका पर सवाल उठाया। यूनियन के जिला उपाध्यक्ष जुगेंद्र सिंह और ब्लॉक अध्यक्ष सोमवीर सिंह ने कहा कि इलाके के सैकड़ों किसानों का चीनी मिल पर लाखों रुपया बकाया है। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऐलान भी किया था कि गन्ना किसानों के बकाया का भुगतान नवंबर महीना के अंत तक करवा दिया जाएगा लेकिन स्थानीय स्तर पर अफसर गौर नहीं कर रहे हैं। इसे अब और बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
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यूनियन के कार्यकर्ताओं ने किसानों के उत्पीड़न का भी मामला उठाया। कहा कि दिल्ली में किसानों पर लाठीचार्ज की घटना ने साबित कर दिया है कि सरकार भी किसानों की समस्याओं के समाधान की दिशा में चुप्पी साधे बैठी है। सरकार किसानों को उनका हक दिलाने की बजाय हतोत्साहित करना चाहती है। कार्यकर्ताओं ने अफसरों समेत चीनी मिल के महाप्रबंधक के खिलाफ प्रदर्शन भी किया। प्रदर्शनकारियों में नरेशपाल, गंगा सिंह, सुरेशपाल, नंदराम वर्मा, तनवीर, चेतराम और मेहरबान सिंह आदि शामिल थे।
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