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अस्पताल के आंगन में पल रहा मलेरिया, डेंगू का डंक

Tue, 22 Aug 2017 11:55 PM IST
Updated Tue, 22 Aug 2017 11:55 PM IST
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अस्पताल के आंगन में पल रहा मलेरिया, डेंगू का डंक

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अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। मच्छरजनित बीमारियों से बचाव की नसीहत देने वाले स्वास्थ्य महकमे के आंगन में ही बीमारियों मलेरिया और डेंगू का डंक पल रहा है। अस्पताल के मुख्य गेट से लेकर वार्डों के बाहर तक गंदगी और जलभराव है। पानी की निकासी न होने से दुर्गंध आती है। उसमें मलेरिया और डेंगू फैलाने वाले मच्छर पनपते हैं। यहां आइसोलेशन समेत कई वार्डों के पास भरे गंदे पानी से मरीजों को हर पल खतरा रहता है। जाहिर है कि कभी भी जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों को मलेरिया का डंक चुभ सकता है। जानकारों के मुताबिक मलेरिया एक वाहक जनित रोग है। यह प्रोटोजोआ परजीवी मच्छर से फैलता है और जून से सितंबर तक प्रभावी रहता है। फैल्सीपेरम प्रजाति के मच्छर से होने वाले मलेरिया से मौत तक हो जाती है। जिले के लिए यह रोग कई बार खतरनाक बन चुका है। जिला अस्पताल में गंदगी को लेकर सीएमएस डॉ. प्रवीना माहेश्वरी का कहना है कि वह कार्रवाई करेंगी।
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देहात क्षेत्रों में कोई पुख्ता इंतजाम नहीं
हर साल देहात क्षेत्रों में मलेरिया फैलता है। इसे बावजूद स्वास्थ्य विभाग के पास इससे निपटने का कोई पुख्ता इंतजाम नहीं है। हर साल स्वास्थ्य विभाग बस इतना करता है कि मलेरिया फैलने पर टीमें भेज देता है। स्लाइड बनाई जाती हैं, लेकिन रिपोर्ट नही दी जाती।
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मलेरिया के लक्षण
- मलेरिया में रुक-रुक कर बुखार आता है, सिरदर्द, उल्टी भी मलेरिया का कारण हो सकती है, गर्मी के दिनों में सर्दी के साथ बुखार आना, रोगी को अचानक जलन और दर्द महसूस होने लगती है, मलेरिया में तेजी से कमजोरी आती है।
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मलेरिया से ऐसे बचें
सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें, घर के आसपास गड्ढों में पानी न जमा होने दें, ज्यादा दिनों तक पानी को जमा न होने दें, नालियां में डीडीटी पाउडर या मिट्टी का तेल डालें, गमलों, कूलर, टायर आदि में पानी न जमा होने दें।
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जिले में मलेरिया के पॉजीटिव केस
वर्ष संख्या
2015 275
2016 432
2017 248
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सरकारी जांच पर लोगों को भरोसा नहीं
बदायूं। सरकारी अस्पतालों में मलेरिया की जांच आज भी स्लाइड से की जाती है। इसमें मलेरिया का असर ज्यादा हो तभी रिपोर्ट पॉजिटिव आती है। मलेरिया की पहचान शुरुआती दौर में स्लाइड से नहीं हो पाती है। जिला अस्पताल की लैब हेड वीर सिंह कहते हैं कि मरीज अब स्लाइड की रिपोर्ट पर भरोसा कम करते हैं। बार-बार सर्दी के साथ बुखार आए तो मलेरिया की जांच करानी चाहिए। मलेरिया की रक्त जांच की सुविधा जिला अस्पताल के अलावा सभी सीएचसीए पीएचसी पर उपलब्ध हैं।

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वर्जन-
अस्पतालों में साफ-सफाई के विशेष प्रबंध किए गए हैं। इसके बाद भी देखने में आता है कि सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने में लापरवाही होती है। जिला और जिला महिला अस्पताल में अगर इस तरह के हालात हैं तो इस बारे में उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।
-डॉ. नेमी चंद्रा, सीएमओ
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