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अब्दुल्लागंज में खसरा के पांच और मरीज मिले, इलाज शुरू
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उझानी (बदायूं)। अब्दुल्लागंज में खसरा का प्रकोप कम होने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को चिकित्साधीक्षक निरंजन सिंह ने मौके पर स्वास्थ्य कर्मियों की टीम भेजकर पीड़ितों के बारे में जानकारी की तो पांच और मरीज सामने आ गए। उनका इलाज भी शुरू करा दिया गया है।
अब्दुल्लागंज में खसरा फैलने की जानकारी मिलने पर चिकित्साधीक्षक निरंजन सिंह ने क्षेत्रीय बीएचडब्ल्यू लीलावती को बुलाकर जानकारी ली। उन्होंने बताया कि बच्चों समेत जो लोग बीमार हैं, उनके चेहरे समेत शरीर के अंगों पर दाने निकल आए हैं। उन्हें बुखार भी आ रहा है। क्षेत्रीय बीएचडब्ल्यू की जानकारी के आधार पर चिकित्साधीक्षक ने बीमारी की वजह खसरा होने से इंकार कर दिया, लेकिन उनका इलाज शुरू कर दिया गया है। शुक्रवार को गांव के ही सबलू (14) पुत्र गुडडू, आस्था (3) पुत्री नितिन, राखी (6) पुत्री राजकुमार, सोनम (18) पुत्री जगदीश और जगदीश को बेटा हृदेश (8) भी खसरा की चपेट में आ गए हैं। बता दें कि खसरा से पीड़ित गुरुवार को बच्चों समेत 11 लोगों के नाम सामने आए थे। स्वास्थ्य कर्मियों की टीम ने खसरा पीड़ितों के लिए शुक्रवार को दवाएं भी मुहैया कराई हैं। इधर, देसी इलाज को वरीयता दे रहे ग्रामीणों की मानें तो गांव में पिछले साल भी खसरा का प्रकोप बढ़ा था लेकिन तब भी मरीजों को समय पर दवाएं उपलब्ध नहीं हो पाई थीं। सीएमओ डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि इस संबंध में चिकित्साधीक्षक से बात की जाएगी तथा मरीजों को हरसंभव इलाज उपलब्ध कराया जाएगा।
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अब्दुल्लागंज में खसरा फैलने की जानकारी मिलने पर चिकित्साधीक्षक निरंजन सिंह ने क्षेत्रीय बीएचडब्ल्यू लीलावती को बुलाकर जानकारी ली। उन्होंने बताया कि बच्चों समेत जो लोग बीमार हैं, उनके चेहरे समेत शरीर के अंगों पर दाने निकल आए हैं। उन्हें बुखार भी आ रहा है। क्षेत्रीय बीएचडब्ल्यू की जानकारी के आधार पर चिकित्साधीक्षक ने बीमारी की वजह खसरा होने से इंकार कर दिया, लेकिन उनका इलाज शुरू कर दिया गया है। शुक्रवार को गांव के ही सबलू (14) पुत्र गुडडू, आस्था (3) पुत्री नितिन, राखी (6) पुत्री राजकुमार, सोनम (18) पुत्री जगदीश और जगदीश को बेटा हृदेश (8) भी खसरा की चपेट में आ गए हैं। बता दें कि खसरा से पीड़ित गुरुवार को बच्चों समेत 11 लोगों के नाम सामने आए थे। स्वास्थ्य कर्मियों की टीम ने खसरा पीड़ितों के लिए शुक्रवार को दवाएं भी मुहैया कराई हैं। इधर, देसी इलाज को वरीयता दे रहे ग्रामीणों की मानें तो गांव में पिछले साल भी खसरा का प्रकोप बढ़ा था लेकिन तब भी मरीजों को समय पर दवाएं उपलब्ध नहीं हो पाई थीं। सीएमओ डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि इस संबंध में चिकित्साधीक्षक से बात की जाएगी तथा मरीजों को हरसंभव इलाज उपलब्ध कराया जाएगा।
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