बदायूं। काकोरी ट्रेन एक्शन के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर रविवार को जनहित सत्याग्रह मोर्चा और क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन की ओर से आंबेडकर पार्क में गोष्ठी हुई। पार्क में पोस्टर प्रदर्शनी लगाई गई। इसमें काकोरी कांड से जुड़े क्रांतिकारियों के जीवन और संघर्ष को प्रदर्शित किया गया।
काकोरी के वीरों ने अपने प्राणों की आहुति देकर हमें यह संदेश दिया कि आजादी भीख में नहीं, बल्कि संघर्ष और बलिदान से मिली है। युवा पीढ़ी को उनके आदर्शों पर चलना चाहिए। जनहित सत्याग्रह मोर्चा के जिलाध्यक्ष प्रेमपाल सिंह ने कहा कि काकोरी कांड ब्रिटिश शासन के खिलाफ एक सुनियोजित क्रांतिकारी अभियान था, जिसने आजादी की लड़ाई को नई ऊर्जा दी। सोशल मीडिया प्रभारी मृदुलेश यादव और कृष्ण गोपाल गुप्ता ने कहा कि देश की आजादी के लिए बलिदान देने वाले वीरों की गाथाएं हमें यह याद दिलाती हैं कि राष्ट्र निर्माण में प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। महासचिव चरण सिंह यादव ने कहा कि क्रांतिकारियों ने जिस साहस और अनुशासन का परिचय दिया, वह आज के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। डॉ. सतीश ने कहा कि हमारे शहीदों ने केवल अपनी जान नहीं दी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मजबूत, स्वतंत्र और आत्मसम्मानी भारत का सपना देखा। हमें उनके सपनों को साकार करने के लिए सतत प्रयास करना होगा। इस अवसर पर राधेलाल बौद्ध, राम निवास, चिरंजी लाल ज्ञानी, राजकुमार, दिग्विजय सिंह आदि थे।