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जिंदगी की जंग हार गई बिटिया
अमर उजाला बिजनौर
Updated Wed, 10 Aug 2016 12:07 AM IST
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बिटिया रीना की मौत पर बिलखता पिता।
- फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर के अस्पताल में आखिरकार जिंदगी से बिटिया रीना जंग हार गई। मंगलवार शाम रीना की मौत हो गई। उसकी मौत से घर में कोहराम मच गया है।
दस जुलाई से बुखार से पीड़ित रीना को 31 जुलाई को बुद्धा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। वहां उसे गंभीर हालत के कारण वेंटिलेटर पर रखा गया था।
शनिवार को रीना के परिजनों ने उसकी मौत होने का दावा करते हुए चिकित्सकों पर उसके शव को वेंटिलेटर पर रखकर बिल बढ़ाने का आरोप लगाया था। डीएम द्वारा मामला संज्ञान में लेने पर सीएमओ द्वारा की गई जांच में रीना जीवित मिली थी। यह मामला मुख्यमंत्री अखिलेश यादव तक भी पहुंच गया था। मुख्यमंत्री राहत कोष से उसके इलाज का पूरा खर्च उठाने की घोषणा की गई थी।
इसके बाद से सरकारी चिकित्सकों की टीम सुबह-शाम रीना का चेकअप करती थी। उसकी सेहत में थोड़ा सुधार होने पर उसके मेरठ के सुभारती मेडिकल कॉलेज में भेजने की बात की जा रही थी। हालांकि रीना की हालत में रत्ती भर भी सुधार नहीं हुआ। अस्पताल के स्टाफ के मुताबिक मंगलवार दोपहर बाद उसकी हालत और गंभीर होती गई। शाम करीब पांच बजे उसने दम तोड़ दिया। परिजनों में कोहराम मच गया। बताएं कि मुख्यमंत्री राहत कोष से खर्च के लिए 65 हजार का चेक भी दिया गया था।
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दस जुलाई से बुखार से पीड़ित रीना को 31 जुलाई को बुद्धा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। वहां उसे गंभीर हालत के कारण वेंटिलेटर पर रखा गया था।
शनिवार को रीना के परिजनों ने उसकी मौत होने का दावा करते हुए चिकित्सकों पर उसके शव को वेंटिलेटर पर रखकर बिल बढ़ाने का आरोप लगाया था। डीएम द्वारा मामला संज्ञान में लेने पर सीएमओ द्वारा की गई जांच में रीना जीवित मिली थी। यह मामला मुख्यमंत्री अखिलेश यादव तक भी पहुंच गया था। मुख्यमंत्री राहत कोष से उसके इलाज का पूरा खर्च उठाने की घोषणा की गई थी।
इसके बाद से सरकारी चिकित्सकों की टीम सुबह-शाम रीना का चेकअप करती थी। उसकी सेहत में थोड़ा सुधार होने पर उसके मेरठ के सुभारती मेडिकल कॉलेज में भेजने की बात की जा रही थी। हालांकि रीना की हालत में रत्ती भर भी सुधार नहीं हुआ। अस्पताल के स्टाफ के मुताबिक मंगलवार दोपहर बाद उसकी हालत और गंभीर होती गई। शाम करीब पांच बजे उसने दम तोड़ दिया। परिजनों में कोहराम मच गया। बताएं कि मुख्यमंत्री राहत कोष से खर्च के लिए 65 हजार का चेक भी दिया गया था।
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