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भारोत्तोलन में युवा हासिल कर रहे मुकाम, गिलाड़ी को दी नई पहचान
अमर उजाला ब्यूरो/बिजनौर
Updated Sat, 08 Dec 2018 12:23 AM IST
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गांव गिलाड़ी में खिलाड़ियों के साथ कोच करन सिंह।
- फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर में नहटौर का छोटा सा गांव गिलाड़ी वेटलिफ्टिंग का हब बन गया है। गांव के कई वेटलिफ्टर प्रदेश स्तर से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी चमक बिखेर रहे हैं। गांव का हिमांशु चांग साउथ एशियन चैंपियनशिप जीत चुका है और पांच साल नेशनल चैंपियन रहा है। गांव का ही जसवंत सिंह भी नेशनल चैंपियन बन चुका है। गांव के युवा खाली समय में मोबाइल पर टाइम काटने के बजाए वेट लिफ्टिंग का अभ्यास करते हैं। कोच करन सिंह प्रतिभाओं को तराशने में जुटे हैं। उनका कहना है कि जल्द ही क्षेत्र से वेट लिफ्टिंग में प्रतिभाएं ओलंपिक तक पहुंचेंगी।
गिलाड़ी के रहने वाले 61 वर्षीय करन सिंह वेट लिफ्टिंग में एक बार स्टेट चैंपियन व चार बार यूनिवर्सिटी चैंपियन रह चुके हैं। जब वे पढ़ाई पूरी करने के बाद मेरठ से गांव आए तो उन्होंने गांव के युवाओं को वेट लिफ्टर बनाने का निर्णय लिया, लेकिन तब गांवों में वेट लिफ्टिंग के बारे में कोई जानता भी नहीं था। वर्ष 2005 में उन्होंने अपने निजी खर्चे पर उन्होंने गांव में बच्चों को सिखाने के लिए खुद ही वर्कशॉप खोली। वहां पर अपने भतीजे हिमांशु चांग और बेटे जसवंत सिंह को सबसे पहले वेट लिफ्टिंग का अभ्यास कराना शुरू किया। इन दोनों भाइयों ने राष्ट्रीय स्तर पर वेट लिफ्टिंग में नाम चमकाना शुरू किया तो गांव के बाकी युवक भी वेट लिफ्टिंग से जुड़ने लगे। हिमांशु चांग पांच बार नेशनल चैंपियन बन चुका है। वर्तमान में भी नेशनल चैंपियन वही है। वह एक बार कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप व साउथ एशियन चैंपियन रह चुका है। जसवंत सिंह भी नेशनल चैंपियन बन चुका है।
गिलाड़ी की उपलब्धि
अलग-अलग वर्ग में गांव का शुभम यूपी चैंपियनशिप 2010 में रजत, 2012 में आशीष यूपी चैंपियनशिप में स्वर्ण, 2014 में मयूर त्यागी यूपी चैंपियनशिप में रजत, 2015 में दिग्विजय सिंह यूपी चैंपियनशिप में रजत, प्रेमवीर डोडवाल रजत, राहुल स्वर्ण, विवेक कुमार स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। 2017 में अभय चौधरी स्कूल गेम्स में स्वर्ण, 2018 में गौतम चौधरी स्कूल नेशनल गेम्स में रजत पदक, अभिनव चौधरी ने यूपी चैंपियनशिप में स्वर्ण, कनिष्क दहिया यूपी चैंपियनशिप में रजत पदक जीत चुका है। यूथ नेशनल चैंपियनशिप में विवेक कुमार गोल्ड मेडल जीत चुका है। देश को अंतरराष्ट्रीय स्तर के वेट लिफ्टर देने वाले गिलाड़ी के करन सिंह की वर्कशॉप को सरकार से फूटी कौड़ी की भी मदद नहीं मिली है। वे अपने वेट लिफ्टर्स के व्यायाम का सारा खर्च खुद उठाते हैं। खेती के पैसे से वर्कशॉप चलती है।
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गौतम का खेलो इंडिया योजना में चयन
स्कूल नेशनल गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाले गौतम चौधरी का चयन खेलो इंडिया योजना में हो गया है। अब गौतम चौधरी के खेल को और निखारने के लिए सरकार कई सुविधाएं देंगी। खिलाड़ी सुबह सात बजे से दस बजे तक कार्यशाला में अभ्यास करते हैं। करन सिंह अपने कोच रहे नरेंद्रपाल चौहान की शिक्षा को आज भी नहीं भूलते हैं। नरेंद्रपाल चौहान की देखरेख में करन सिंह ने 1973 से 1983 तक वेट लिफ्टिंग के गुर सीखे थे। वे अपने खिलाड़ियों को देशी खान-पान के जरिये ताकत बढ़ाने को कहते हैं।
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गिलाड़ी के रहने वाले 61 वर्षीय करन सिंह वेट लिफ्टिंग में एक बार स्टेट चैंपियन व चार बार यूनिवर्सिटी चैंपियन रह चुके हैं। जब वे पढ़ाई पूरी करने के बाद मेरठ से गांव आए तो उन्होंने गांव के युवाओं को वेट लिफ्टर बनाने का निर्णय लिया, लेकिन तब गांवों में वेट लिफ्टिंग के बारे में कोई जानता भी नहीं था। वर्ष 2005 में उन्होंने अपने निजी खर्चे पर उन्होंने गांव में बच्चों को सिखाने के लिए खुद ही वर्कशॉप खोली। वहां पर अपने भतीजे हिमांशु चांग और बेटे जसवंत सिंह को सबसे पहले वेट लिफ्टिंग का अभ्यास कराना शुरू किया। इन दोनों भाइयों ने राष्ट्रीय स्तर पर वेट लिफ्टिंग में नाम चमकाना शुरू किया तो गांव के बाकी युवक भी वेट लिफ्टिंग से जुड़ने लगे। हिमांशु चांग पांच बार नेशनल चैंपियन बन चुका है। वर्तमान में भी नेशनल चैंपियन वही है। वह एक बार कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप व साउथ एशियन चैंपियन रह चुका है। जसवंत सिंह भी नेशनल चैंपियन बन चुका है।
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गिलाड़ी की उपलब्धि
अलग-अलग वर्ग में गांव का शुभम यूपी चैंपियनशिप 2010 में रजत, 2012 में आशीष यूपी चैंपियनशिप में स्वर्ण, 2014 में मयूर त्यागी यूपी चैंपियनशिप में रजत, 2015 में दिग्विजय सिंह यूपी चैंपियनशिप में रजत, प्रेमवीर डोडवाल रजत, राहुल स्वर्ण, विवेक कुमार स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। 2017 में अभय चौधरी स्कूल गेम्स में स्वर्ण, 2018 में गौतम चौधरी स्कूल नेशनल गेम्स में रजत पदक, अभिनव चौधरी ने यूपी चैंपियनशिप में स्वर्ण, कनिष्क दहिया यूपी चैंपियनशिप में रजत पदक जीत चुका है। यूथ नेशनल चैंपियनशिप में विवेक कुमार गोल्ड मेडल जीत चुका है। देश को अंतरराष्ट्रीय स्तर के वेट लिफ्टर देने वाले गिलाड़ी के करन सिंह की वर्कशॉप को सरकार से फूटी कौड़ी की भी मदद नहीं मिली है। वे अपने वेट लिफ्टर्स के व्यायाम का सारा खर्च खुद उठाते हैं। खेती के पैसे से वर्कशॉप चलती है।
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गौतम का खेलो इंडिया योजना में चयन
स्कूल नेशनल गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाले गौतम चौधरी का चयन खेलो इंडिया योजना में हो गया है। अब गौतम चौधरी के खेल को और निखारने के लिए सरकार कई सुविधाएं देंगी। खिलाड़ी सुबह सात बजे से दस बजे तक कार्यशाला में अभ्यास करते हैं। करन सिंह अपने कोच रहे नरेंद्रपाल चौहान की शिक्षा को आज भी नहीं भूलते हैं। नरेंद्रपाल चौहान की देखरेख में करन सिंह ने 1973 से 1983 तक वेट लिफ्टिंग के गुर सीखे थे। वे अपने खिलाड़ियों को देशी खान-पान के जरिये ताकत बढ़ाने को कहते हैं।