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Bijnor News: जैव चिकित्सा अपशिष्ट का नहीं कर सकेंगे गलत निस्तारण
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-अस्पतालों में जैव चिकित्सा अपशिष्ट एजेंसी का बारकोड लगाना अनिवार्य
-बारकोड नहीं लगाने वाले अस्पतालों पर लगेगा जुर्माना
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। जिले के ज्यादातर निजी अस्पताल जैव चिकित्सा अपशिष्ट का सही निस्तारण नहीं कर रहे हैं। जिसके चलते अब अस्पतालों में जैव चिकित्सा अपशिष्ट एजेंसी का बारकोड लगाना अनिवार्य कर दिया है। बारकोड लगाने से जैव चिकित्सा अपशिष्ट के पॉली बैक की लोकेशन का सही पता चल सकेगा।
जिले के ज्यादातर निजी अस्पतालों ने जैव चिकित्सा अपशिष्ट के निस्तारण के लिए एजेंसी लगा रखी हैं। कंपनी की गाड़ी अपशिष्ट को लेकर निस्तारण केंद्र पर पहुंचाती है। मगर कई बार वह रास्ते ही कहीं अपशिष्ट को ठिकाने लगा देते हैं। इससे लोगों को बीमारी फैलने का खतरा रहता है। मगर, पॉलीबैग पर बारकोड लगाने के बाद इसकी रोकथाम की जाएगी। जी हां, कंपनी के कर्मचारी पहले तो इस बारकोड को अपशिष्ट उठाने से पहले स्कैन करेंगे।
निस्तारण केंद्र पर अपशिष्ट पहुंचाने पर कोड दोबारा स्कैन किया जाएगा। इसके बाद ही जैव चिकित्सा अपशिष्ट के निस्तारण की प्रक्रिया पूर्ण होगी। सीएमओ डॉ. कौशलेंद्र सिंह ने सभी निजी अस्पतालों, पैथोलॉजी लैब, क्लीनिक को 31 अक्तूबर तक जैव चिकित्सा अपशिष्ट एजेंसी का बारकोड लगाने के लिए निर्देश दिए हैं।
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पहली बार में लगेगा पांच हजार जुर्माना
स्वास्थ्य इकाइयों ने अगर जैव चिकित्सा अपशिष्ट एजेंसी का बारकोड नहीं लगवाया तो पहली बार पांच हजार रुपये का जुर्माना लगेगा। दूसरी बार में 10 हजार रुपये लगाया जाएगा।
जिलेभर के सभी अस्पतालों को जैव चिकित्सा अपशिष्ट एजेंसी का बारकोड लगाने के निर्देश दिए गए हैं। तीसरी बार बिना बारकोड पकड़े जाने पर अस्पताल को सील और पंजीकरण निरस्त करने की कार्रवाई करेंगे। - डॉ. सुशील कुमार, एसीएमओ, बिजनौर
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-बारकोड नहीं लगाने वाले अस्पतालों पर लगेगा जुर्माना
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। जिले के ज्यादातर निजी अस्पताल जैव चिकित्सा अपशिष्ट का सही निस्तारण नहीं कर रहे हैं। जिसके चलते अब अस्पतालों में जैव चिकित्सा अपशिष्ट एजेंसी का बारकोड लगाना अनिवार्य कर दिया है। बारकोड लगाने से जैव चिकित्सा अपशिष्ट के पॉली बैक की लोकेशन का सही पता चल सकेगा।
जिले के ज्यादातर निजी अस्पतालों ने जैव चिकित्सा अपशिष्ट के निस्तारण के लिए एजेंसी लगा रखी हैं। कंपनी की गाड़ी अपशिष्ट को लेकर निस्तारण केंद्र पर पहुंचाती है। मगर कई बार वह रास्ते ही कहीं अपशिष्ट को ठिकाने लगा देते हैं। इससे लोगों को बीमारी फैलने का खतरा रहता है। मगर, पॉलीबैग पर बारकोड लगाने के बाद इसकी रोकथाम की जाएगी। जी हां, कंपनी के कर्मचारी पहले तो इस बारकोड को अपशिष्ट उठाने से पहले स्कैन करेंगे।
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निस्तारण केंद्र पर अपशिष्ट पहुंचाने पर कोड दोबारा स्कैन किया जाएगा। इसके बाद ही जैव चिकित्सा अपशिष्ट के निस्तारण की प्रक्रिया पूर्ण होगी। सीएमओ डॉ. कौशलेंद्र सिंह ने सभी निजी अस्पतालों, पैथोलॉजी लैब, क्लीनिक को 31 अक्तूबर तक जैव चिकित्सा अपशिष्ट एजेंसी का बारकोड लगाने के लिए निर्देश दिए हैं।
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पहली बार में लगेगा पांच हजार जुर्माना
स्वास्थ्य इकाइयों ने अगर जैव चिकित्सा अपशिष्ट एजेंसी का बारकोड नहीं लगवाया तो पहली बार पांच हजार रुपये का जुर्माना लगेगा। दूसरी बार में 10 हजार रुपये लगाया जाएगा।
जिलेभर के सभी अस्पतालों को जैव चिकित्सा अपशिष्ट एजेंसी का बारकोड लगाने के निर्देश दिए गए हैं। तीसरी बार बिना बारकोड पकड़े जाने पर अस्पताल को सील और पंजीकरण निरस्त करने की कार्रवाई करेंगे। - डॉ. सुशील कुमार, एसीएमओ, बिजनौर