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पावर हाउस में कामकाज ठप
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पावर हाउस में कामकाज ठप
कालागढ़ (बिजनौर)। बिजली निगम के कर्मचारियों की मांगे पूरी न होने पर उत्तराखंड के ऊर्जा निगमों के संयुक्त मोर्चे के आह्वान पर कालागढ़ के अधिकारियों व कर्मचारियों ने महाप्रबंधक कार्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। पावर हाउस उच्च अधिकारियों को सौंप कर आंदोलनकारी बेमियादी हड़ताल पर चले गए।
मंगलवार को उत्तराखंड के ऊर्जा निगमों के संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर कालागढ़ के जलविद्युत उत्पादन निगम के अधिकारी व कर्मचारी पावर हाउस को छोड़कर नई कालोनी में महाप्रबंधक कार्यालय के परिसर में पहुंच गए। जहां जोरदार नारेबाजी कर सरकार के खिलाफ रोष जताया। अधिशासी अभियंता संजय कुमार व संजीव मेहरा ने सरकार से सोमवार की रात्रि में वार्ता में कोई हल न निकलने पर यह कदम उठाया गया है। उत्तराखंड के सभी पावर हाउस में कामकाज ठप कर दिया गया है। कालागढ़ में भी पावर हाउस में भी अधिकारी व कर्मी नहीं जा रहे है। जब तक मांगे नहीं मानी जाएगी। आंदोलन जारी रहेगा। विनियमिती करण व समान कार्य के लिए समान वेतन दिए जाने सहित 12 मांगों को पूरा करने की मांग करते आ रहे है। इस अवसर पर अवधेश वर्मा, मनोज कुमार पांडे, तनवीर अहमद, विपिन चौहान, आनंद रावत, सिराज अख्तर आदि ने रोष जताया। अध्यक्षता जगदीश असवाल ने की व संचालन योगेश सक्टा ने किया।
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व्यवस्था सुचारु होने का दावा
कालागढ़ के उपमहाप्रबंधक विमल कुमार ने बताया कि यहां सभी अधिकारी व कर्मियों ने हड़ताल कर दी है। पावर हाउस से इन दिनों बरसात की वजह से बिजली उत्पादन नहीं किया जा रहा है। पावर हाउस से बिजनौर के धामपुर, अफजलगढ़, रामनगर व जसपुर को फीडर जा रहे हैं, जिन पर बिजली आपूर्ति सुचारु है। इसके अलावा कालागढ़ के स्थानीय फीडर पर भी बिजली आपूर्ति चालू है। फीडरों का संचालन अप्रेंटिस पर आए युवाओं को लगाया गया है। प्रयास किया जा रहा है कि किसी को बिजली मिलने में समस्या न आएं।
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यहां आ सकती है समस्या
कालागढ़ से बिजनौर जनपद के लिए तीन फीडरों धामपुर, अफ़जलगढ़ व पुराना कालागढ़ के आरपीएस चार पर बिजली की समस्या उस हालत में आ सकती है जब इन पर कोई खराबी आ जाएगी। उसे ठीक करने के लिए स्टाफ कम है।
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कालागढ़ (बिजनौर)। बिजली निगम के कर्मचारियों की मांगे पूरी न होने पर उत्तराखंड के ऊर्जा निगमों के संयुक्त मोर्चे के आह्वान पर कालागढ़ के अधिकारियों व कर्मचारियों ने महाप्रबंधक कार्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। पावर हाउस उच्च अधिकारियों को सौंप कर आंदोलनकारी बेमियादी हड़ताल पर चले गए।
मंगलवार को उत्तराखंड के ऊर्जा निगमों के संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर कालागढ़ के जलविद्युत उत्पादन निगम के अधिकारी व कर्मचारी पावर हाउस को छोड़कर नई कालोनी में महाप्रबंधक कार्यालय के परिसर में पहुंच गए। जहां जोरदार नारेबाजी कर सरकार के खिलाफ रोष जताया। अधिशासी अभियंता संजय कुमार व संजीव मेहरा ने सरकार से सोमवार की रात्रि में वार्ता में कोई हल न निकलने पर यह कदम उठाया गया है। उत्तराखंड के सभी पावर हाउस में कामकाज ठप कर दिया गया है। कालागढ़ में भी पावर हाउस में भी अधिकारी व कर्मी नहीं जा रहे है। जब तक मांगे नहीं मानी जाएगी। आंदोलन जारी रहेगा। विनियमिती करण व समान कार्य के लिए समान वेतन दिए जाने सहित 12 मांगों को पूरा करने की मांग करते आ रहे है। इस अवसर पर अवधेश वर्मा, मनोज कुमार पांडे, तनवीर अहमद, विपिन चौहान, आनंद रावत, सिराज अख्तर आदि ने रोष जताया। अध्यक्षता जगदीश असवाल ने की व संचालन योगेश सक्टा ने किया।
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व्यवस्था सुचारु होने का दावा
कालागढ़ के उपमहाप्रबंधक विमल कुमार ने बताया कि यहां सभी अधिकारी व कर्मियों ने हड़ताल कर दी है। पावर हाउस से इन दिनों बरसात की वजह से बिजली उत्पादन नहीं किया जा रहा है। पावर हाउस से बिजनौर के धामपुर, अफजलगढ़, रामनगर व जसपुर को फीडर जा रहे हैं, जिन पर बिजली आपूर्ति सुचारु है। इसके अलावा कालागढ़ के स्थानीय फीडर पर भी बिजली आपूर्ति चालू है। फीडरों का संचालन अप्रेंटिस पर आए युवाओं को लगाया गया है। प्रयास किया जा रहा है कि किसी को बिजली मिलने में समस्या न आएं।
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यहां आ सकती है समस्या
कालागढ़ से बिजनौर जनपद के लिए तीन फीडरों धामपुर, अफ़जलगढ़ व पुराना कालागढ़ के आरपीएस चार पर बिजली की समस्या उस हालत में आ सकती है जब इन पर कोई खराबी आ जाएगी। उसे ठीक करने के लिए स्टाफ कम है।