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Bijnor News: 350 लाख की लागत से तीन परियोजनाओं पर काम पर शुरू
Mon, 15 Apr 2024 12:28 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Mon, 15 Apr 2024 12:28 AM IST
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धामपुर में मुकुरपुरी परियोजना का अधिकारियों के साथ निरीक्षण करते एआईडी के एक्सईएन राकेश कुमार।
धामपुर। अफजलगढ़ सिंचाई खंड धामपुर की ओर से आगामी वर्षाकाल में संभावित बाढ़ को रोकने के लिए बाढ़ कटाव निरोधक कार्यों को शुरू कर दिया गया है। करीब 350 लाख की लागत से नंदगांव, मुकुरपुरी और बनैली परियोजना को वर्षाकाल शुरू होने से पहले पूरा करने का लक्ष्य है। अब तक करीब 15 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। एआईडी के अधिशासी अभियंता राकेश कुमार ने तीनों परियोजनाओं पर चल रहे कार्यों का औचक निरीक्षण किया।
अफजलगढ़ सिंचाई खंड धामपुर के अधिशासी अभियंता राकेश कुमार ने बताया कि विभाग की मंशा है कि इस बार वर्षाकाल में खो और बनैली आदि नदियों में बाढ़ की आशंका पैदा न हो सकें। नदियां खादर क्षेत्रों में बसे गांवों और गांवों की जंगलाें की जमीन का कटाव न करने पाए। वृहद प्लान के साथ तीनों परियोजनाओं पर चुनाव आचार संहिता के लागू होने से पहले निर्माण कार्य को शुरू करा दिया गया था। जो तेजी से चल रहा है। विभाग के सभी अधिकारी निर्माण कार्यों पर पैनी निगाह रख मानक अनुरूप-ससमय पर कार्य कराने पर जोर दे रहे है। जहां पर कमी नजर आ रही है। पहले उस कार्य को गुणवत्तापरक ढंग से सही कराया जा रहा है। कार्यों को सही पूरा कराने में ग्रामीणों का पूरा सहयोग मिल रहा है। तीनों परियोजनाओं को पूरा करने में 350 लाख रुपये की लागत आ रही है।
- पिछली बार कई गांवों को हो गया था बाढ़ का खतरा
अधिकारियों का कहना है कि पिछले सालों में पहाड़ों पर हुई भारी बारिश के कारण खो नदी व बनैली नदी के तट के पास बसे कई गांवों को बाढ़ का खतरा पैदा हो गया था। शेरकोट से नंदगांव आदि कई गांवों को जाने वाला मार्ग अवरुद्ध हो गया था। प्रशासन को गांवों को बाढ़ से बचाने के लिए लोनिवि मार्ग पर बनी एक पुलिया को ध्वस्त करने को विवश होना पड़ा था। अबकी बार सब कुछ सामान्य रहे। किसी गांव को नदियों में आने बाढ़ का खतरा न हो। विभाग की ओर से ऐसा प्रयास किया जा रहा है।
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अफजलगढ़ सिंचाई खंड धामपुर के अधिशासी अभियंता राकेश कुमार ने बताया कि विभाग की मंशा है कि इस बार वर्षाकाल में खो और बनैली आदि नदियों में बाढ़ की आशंका पैदा न हो सकें। नदियां खादर क्षेत्रों में बसे गांवों और गांवों की जंगलाें की जमीन का कटाव न करने पाए। वृहद प्लान के साथ तीनों परियोजनाओं पर चुनाव आचार संहिता के लागू होने से पहले निर्माण कार्य को शुरू करा दिया गया था। जो तेजी से चल रहा है। विभाग के सभी अधिकारी निर्माण कार्यों पर पैनी निगाह रख मानक अनुरूप-ससमय पर कार्य कराने पर जोर दे रहे है। जहां पर कमी नजर आ रही है। पहले उस कार्य को गुणवत्तापरक ढंग से सही कराया जा रहा है। कार्यों को सही पूरा कराने में ग्रामीणों का पूरा सहयोग मिल रहा है। तीनों परियोजनाओं को पूरा करने में 350 लाख रुपये की लागत आ रही है।
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- पिछली बार कई गांवों को हो गया था बाढ़ का खतरा
अधिकारियों का कहना है कि पिछले सालों में पहाड़ों पर हुई भारी बारिश के कारण खो नदी व बनैली नदी के तट के पास बसे कई गांवों को बाढ़ का खतरा पैदा हो गया था। शेरकोट से नंदगांव आदि कई गांवों को जाने वाला मार्ग अवरुद्ध हो गया था। प्रशासन को गांवों को बाढ़ से बचाने के लिए लोनिवि मार्ग पर बनी एक पुलिया को ध्वस्त करने को विवश होना पड़ा था। अबकी बार सब कुछ सामान्य रहे। किसी गांव को नदियों में आने बाढ़ का खतरा न हो। विभाग की ओर से ऐसा प्रयास किया जा रहा है।
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