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काष्ठकला उद्योग ने पकड़ी रफ्तार
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नगीना काष्ठकला उद्योग में बने नमूने।
- फोटो : BIJNOR
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काष्ठकला उद्योग ने पकड़ी रफ्तार
बिजनौर। कोरोना की दूसरी लहर थमने के बाद अब नगीना के काष्ठकला उद्योग ने रफ्तार पकड़ ली है। पिछले छह महीनों में नगीना के काष्ठकला उद्योग को 200 करोड़ रुपये के ऑर्डर मिल चुके हैं। अभी भी लगातार ऑर्डर मिल रहे हैं। विदेशों से भी सामान की अच्छी खासी मांग आ रही है।
नगीना का काष्ठकला उद्योग एक जिला, एक उत्पाद योजना में भी शामिल है। नगीना का काष्ठकला उद्योग विश्वभर में प्रसिद्ध है। यहां बनने वाले सामान की यूरोप और खाड़ी देशों में बहुत मांग है। नगीना में बनने वाले लकड़ी के नमूने जैसे शृंगारदानी, सिगार केस, घड़ी, छड़ी आदि की विदेशों में बहुत मांग रहती है। नगीना के काष्ठकला का सालाना टर्नओवर 400 करोड़ से ज्यादा है। नगीना में छोटे बड़े लकड़ी का काम करने वाली 500 से अधिक फर्म हैं। यहां करीब 15 हजार लोगों को रोजगार मिलता है। नगीना में बनने वाला माल निर्यातकों के जरिये विदेश जाता है। नगीना के कारोबार को कोरोना से बहुत झटका लगा। विदेशों से मिलने वाले ऑर्डर लगभग बंद हो गए थे। पिछले साल थोड़े ऑर्डर मिले थे, वे भी बाद में निरस्त हो गए थे।
इसके बाद दूसरी लहर में भी कोई ऑर्डर नहीं मिला, लेकिन विदेशों में बड़े स्तर पर टीकाकरण होने और कोरोना की रफ्तार लगभग थमने के बाद नगीना का काष्ठकला उद्योग फिर से गुलजार हुआ है। कारोबार को फिर से पंख लग गए हैं। यहां बनने वाले माल की विदेशों से खूब डिमांड आ रही है। खासतौर से यूरोपीय देशों में क्रिसमस और नए साल पर उपहार में देने के लिए माल नगीना से ही जाता है। इस बार विदेशों से क्रिसमस और नए साल के लिए भी ऑर्डर मिला है। करीब 200 करोड़ का ऑर्डर पिछले छह महीनों में मिल चुका है।
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अभी और बढ़ेगा कारोबार
काष्ठकला कारोबारी इरशाद मुल्तानी के अनुसार इस बार कारोबार पिछले साल से अच्छा रह सकता है। विदेशों से ऑर्डर मिलना जारी है। अब देश के लोग भी काष्ठकला उत्पाद के प्रति आकर्षित हो रहे हैं। इससे कारोबार आने वाले समय में और बढ़ेगा। साथ ही कारीगरों को रोजगार मिलेगा।
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बिजनौर। कोरोना की दूसरी लहर थमने के बाद अब नगीना के काष्ठकला उद्योग ने रफ्तार पकड़ ली है। पिछले छह महीनों में नगीना के काष्ठकला उद्योग को 200 करोड़ रुपये के ऑर्डर मिल चुके हैं। अभी भी लगातार ऑर्डर मिल रहे हैं। विदेशों से भी सामान की अच्छी खासी मांग आ रही है।
नगीना का काष्ठकला उद्योग एक जिला, एक उत्पाद योजना में भी शामिल है। नगीना का काष्ठकला उद्योग विश्वभर में प्रसिद्ध है। यहां बनने वाले सामान की यूरोप और खाड़ी देशों में बहुत मांग है। नगीना में बनने वाले लकड़ी के नमूने जैसे शृंगारदानी, सिगार केस, घड़ी, छड़ी आदि की विदेशों में बहुत मांग रहती है। नगीना के काष्ठकला का सालाना टर्नओवर 400 करोड़ से ज्यादा है। नगीना में छोटे बड़े लकड़ी का काम करने वाली 500 से अधिक फर्म हैं। यहां करीब 15 हजार लोगों को रोजगार मिलता है। नगीना में बनने वाला माल निर्यातकों के जरिये विदेश जाता है। नगीना के कारोबार को कोरोना से बहुत झटका लगा। विदेशों से मिलने वाले ऑर्डर लगभग बंद हो गए थे। पिछले साल थोड़े ऑर्डर मिले थे, वे भी बाद में निरस्त हो गए थे।
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इसके बाद दूसरी लहर में भी कोई ऑर्डर नहीं मिला, लेकिन विदेशों में बड़े स्तर पर टीकाकरण होने और कोरोना की रफ्तार लगभग थमने के बाद नगीना का काष्ठकला उद्योग फिर से गुलजार हुआ है। कारोबार को फिर से पंख लग गए हैं। यहां बनने वाले माल की विदेशों से खूब डिमांड आ रही है। खासतौर से यूरोपीय देशों में क्रिसमस और नए साल पर उपहार में देने के लिए माल नगीना से ही जाता है। इस बार विदेशों से क्रिसमस और नए साल के लिए भी ऑर्डर मिला है। करीब 200 करोड़ का ऑर्डर पिछले छह महीनों में मिल चुका है।
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अभी और बढ़ेगा कारोबार
काष्ठकला कारोबारी इरशाद मुल्तानी के अनुसार इस बार कारोबार पिछले साल से अच्छा रह सकता है। विदेशों से ऑर्डर मिलना जारी है। अब देश के लोग भी काष्ठकला उत्पाद के प्रति आकर्षित हो रहे हैं। इससे कारोबार आने वाले समय में और बढ़ेगा। साथ ही कारीगरों को रोजगार मिलेगा।

नगीना काष्ठकला उद्योग में बने नमूने।- फोटो : BIJNOR