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Bijnor News: स्वयं सहायता समूह से जोड़ी जाएंगी महिलाएं, घर बैठे करेंगी कमाई
Sun, 14 Jul 2024 03:30 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Sun, 14 Jul 2024 03:30 AM IST
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बिजनौर। ग्रामीण महिलाएं अब चूल्हा-चौका के साथ घर बैठे मोटी कमाई भी करेंगी। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन अभियान चलाकर महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ेगा। विकास भवन में आयोजित जिला कार्यशाला में मिशन के अधिकारियों एवं बैंक प्रबंधकों को इसके लिए प्रशिक्षण दिया गया है। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बैंक प्रबंधकों को सम्मानित किया गया।
शासन की मंशा है कि ग्रामीण महिलाएं स्वावलंबी बनें। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा जाएगा। जिले के 11 ब्लाॅक में करीब डेढ़ लाख महिलाएं समूहों से जुड़ी हैं। मिशन ने जिले में वन ब्लाॅक वन प्रोडक्ट कार्यक्रम चला रखा है, जिसमें महिलाओं ने निजी व्यवसाय शुरू किए हैं।
विकास भवन में स्वयं सहायता समूहों को वित्तीय आवेशन से जोड़ने के लिए बैंक प्रबंधकों की उन्मुखीकरण कार्यशाला हुई। राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान हैदराबाद के जीबी मुयान एवं सुधांकर सतपथी प्रशिक्षक थे। मिशन की बैंक सखी, जिला तथा ब्लाक प्रबंधकों तथा बैंक प्रबंधकों के समूहों को वित्तीय सुविधाएं देने के टिप्स दिए गए। वित्तीय वर्ष 2024-25 में उत्कृष्ट वित्तीय सेवा देने वाले 19 बैंक प्रबंधकों को प्रशस्ति पत्र दिए गए।
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समूहों के उत्पादों की बढ़ रही मांग
सीडीओ पूर्ण बोरा ने बताया कि डीएम अंकित कुमार अग्रवाल के निर्देशन में जिले के स्वयं सहायता समूह कीर्तिमान बनाने में लगे। समूह वन ब्लाक वन प्रोडक्ट के अंतर्गत विभिन्न उत्पाद तैयार कर रहे हैं। अफजलगढ़ ब्लाक के समूहों द्वारा तैयार किया जा रहे गुड़ व सरसों के तेल, हल्दौर ब्लाक के शहद, स्योहारा ब्लाक में समूहों द्वारा तैयार सिरका आदि उत्पादों की दूसरे राज्यों में खूब मांग है। जिले में स्टाल लगाकर उत्पादों की बिक्री हो रही है। सेनेटरी पैड मेडिकल स्टोरों पर बिक रहे हैं। समूह उत्पादों की बिक्री से अच्छी कमाई कर रहे हैं। अधिक से अधिक ग्रामीण महिलाओं को समूहों से जोड़ा जा रहा है।
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शासन की मंशा है कि ग्रामीण महिलाएं स्वावलंबी बनें। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा जाएगा। जिले के 11 ब्लाॅक में करीब डेढ़ लाख महिलाएं समूहों से जुड़ी हैं। मिशन ने जिले में वन ब्लाॅक वन प्रोडक्ट कार्यक्रम चला रखा है, जिसमें महिलाओं ने निजी व्यवसाय शुरू किए हैं।
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विकास भवन में स्वयं सहायता समूहों को वित्तीय आवेशन से जोड़ने के लिए बैंक प्रबंधकों की उन्मुखीकरण कार्यशाला हुई। राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान हैदराबाद के जीबी मुयान एवं सुधांकर सतपथी प्रशिक्षक थे। मिशन की बैंक सखी, जिला तथा ब्लाक प्रबंधकों तथा बैंक प्रबंधकों के समूहों को वित्तीय सुविधाएं देने के टिप्स दिए गए। वित्तीय वर्ष 2024-25 में उत्कृष्ट वित्तीय सेवा देने वाले 19 बैंक प्रबंधकों को प्रशस्ति पत्र दिए गए।
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समूहों के उत्पादों की बढ़ रही मांग
सीडीओ पूर्ण बोरा ने बताया कि डीएम अंकित कुमार अग्रवाल के निर्देशन में जिले के स्वयं सहायता समूह कीर्तिमान बनाने में लगे। समूह वन ब्लाक वन प्रोडक्ट के अंतर्गत विभिन्न उत्पाद तैयार कर रहे हैं। अफजलगढ़ ब्लाक के समूहों द्वारा तैयार किया जा रहे गुड़ व सरसों के तेल, हल्दौर ब्लाक के शहद, स्योहारा ब्लाक में समूहों द्वारा तैयार सिरका आदि उत्पादों की दूसरे राज्यों में खूब मांग है। जिले में स्टाल लगाकर उत्पादों की बिक्री हो रही है। सेनेटरी पैड मेडिकल स्टोरों पर बिक रहे हैं। समूह उत्पादों की बिक्री से अच्छी कमाई कर रहे हैं। अधिक से अधिक ग्रामीण महिलाओं को समूहों से जोड़ा जा रहा है।